प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 18 जनवरी को पश्चिम बंगाल के सिंगूर में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए तृणमूल कांग्रेस (TMC- टीएमसी) सरकार पर तीखा हमला बोला। प्रधानमंत्री मोदी ने साफ शब्दों में कहा कि बंगाल के विकास के लिए टीएमसी के ‘महा-जंगलराज’ का जाना और बीजेपी के सुशासन का आना अब बेहद जरूरी हो गया है।

प्रधानमंत्री मोदी ने राज्य की वर्तमान स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि टीएमसी के राज में बेटियां सुरक्षित नहीं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बंगाल की शिक्षा व्यवस्था पर माफिया और भ्रष्टाचारियों का कब्जा हो चुका है। हुगली की धरती से उन्होंने शिक्षक भर्ती घोटाले का जिक्र करते हुए कहा कि यहां छोटे से छोटा टीएमसी नेता खुद को ‘माई-बाप’ समझने लगा है।
पश्चिम बंगाल से टीएमसी के महा-जंगलराज का जाना और बीजेपी के सुशासन का आना इसलिए बहुत जरूरी है… pic.twitter.com/MMrHstM9I8
— Narendra Modi (@narendramodi) January 18, 2026
प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि जब तक सत्ता टीएमसी के हाथ में है, आपके बच्चों को न अच्छी शिक्षा मिलेगी और न ही अच्छी नौकरी। बीजेपी को दिया आपका एक वोट कॉलेजों में हिंसा रोकेगा और संदेशखाली जैसी घटनाओं पर लगाम लगाएगा।

पीएम मोदी ने टीएमसी पर देश की सुरक्षा से खिलवाड़ करने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि टीएमसी घुसपैठियों को अपना पक्का वोटबैंक मानती है, इसलिए उन्हें बचाने के लिए किसी भी हद तक जा सकती है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार पिछले 11 वर्षों से बॉर्डर पर फेंसिंग के लिए जमीन मांग रही है, लेकिन राज्य सरकार सहयोग नहीं कर रही। बीजेपी की सरकार आते ही घुसपैठ रोकी जाएगी और फर्जी कागजात पर रह रहे लोगों की पहचान कर उन्हें वापस भेजा जाएगा।

भाषण के दौरान प्रधानमंत्री ने बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय और ‘वंदे मातरम्’ के ऐतिहासिक महत्व को याद किया। उन्होंने कहा कि जिस तरह वंदे मातरम् आजादी का मंत्र बना था, अब इसे विकसित बंगाल का मंत्र बनाना है। उन्होंने कहा कि बीजेपी ने ही बांग्ला भाषा को क्लासिकल लैंग्वेज का दर्जा दिया, शांति-निकेतन को विश्व धरोहर बनाया और दुर्गा पूजा को यूनेस्को की सांस्कृतिक विरासत की सूची में शामिल कराया। उन्होंने सवाल उठाया कि जब टीएमसी दिल्ली में सोनिया गांधी की सरकार में साझीदार थी, तब उन्होंने ये सब क्यों नहीं किया?

पीएम मोदी ने आरोप लगाया कि ममता सरकार मोदी से दुश्मनी निकालने के चक्कर में बंगाल की जनता का नुकसान कर रही है। उन्होंने ‘पीएम मत्स्य संपदा योजना’ और ‘पीएम श्री स्कूल’ का उदाहरण देते हुए कहा कि राज्य सरकार डिजिटल रजिस्ट्रेशन में सहयोग नहीं कर रही है, जिससे मछुआरे और छात्र पिछड़ रहे हैं। दिल्ली का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि जिस तरह वहां की जनता ने रुकावट डालने वाली सरकार को हटाकर आयुष्मान योजना का लाभ लिया, वैसा ही बदलाव अब बंगाल में भी होगा।

पड़ोसी राज्य त्रिपुरा का उदाहरण देते हुए प्रधानमंत्री ने बताया कि कैसे वहां भाजपा की डबल इंजन सरकार ने नल से जल पहुंचाने का आंकड़ा 4% से बढ़ाकर 85% कर दिया है। उन्होंने वादा किया कि बंगाल में भाजपा की सरकार बनते ही आयुष्मान भारत योजना लागू होगी और हर घर तक पाइप से पानी पहुंचेगा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि बंगाल में उद्योग और निवेश तभी आएंगे जब कानून-व्यवस्था मजबूत होगी। लेकिन मौजूदा हालात में दंगाइयों, माफियाओं और लूटने वालों को खुली छूट मिली हुई है। उन्होंने सिंडिकेट टैक्स का मुद्दा उठाते हुए कहा कि बीजेपी सरकार ही इस माफियावाद को खत्म करेगी और यह ‘मोदी की गारंटी’ है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपनी आवाज बुलंद करें और बंगाल के उज्ज्वल भविष्य के लिए बीजेपी को चुनें।







