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कृषि क्षेत्र को आधुनिक और स्मार्ट बनाने पर जोर- प्रधानमंत्री मोदी

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फाइल फोटो

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि बजट 2022-23 में कृषि क्षेत्र को आधुनिक और स्मार्ट बनाने पर जोर दिया गया है। कृषि क्षेत्र में केन्‍द्रीय बजट 2022 के सकारात्‍मक प्रभाव के बारे में आयोजित वेबीनार को वीडियो कांफ्रेंस के जरिए सम्‍बोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कृषि को आधुनिक और स्‍मार्ट बनाने के लिए बजट में मुख्य रूप से सात रास्ते सुझाए गए हैं।

उन्होंने कहा, ‘पहला- गंगा के दोनों किनारों पर 5 किलोमीटर के दायरे में नेचुरल फार्मिंग को मिशन मोड पर कराने का लक्ष्य है। उसमें हर्बल मेडिसिन पर भी बल दिया जा रहा है। फल-फूल पर भी बल दिया जा रहा है। दूसरा- एग्रीकल्चर और हॉर्टीकल्चर में आधुनिक टेक्नॉलॉजी किसानों को उपलब्ध कराई जाएगी। तीसरा- खाद्य तेल के इंपोर्ट को कम करने के लिए मिशन ऑयल पाम के साथ-साथ तिलहन को जितना हम बल दे सकते हैं, उसको सशक्‍त करने का हम प्रयास कर रहे हैं और इस बजट में इस पर बल दिया गया है। इसके अलावा चौथा लक्ष्य है कि- कि खेती से जुड़े उत्पादों के ट्रांसपोर्टेशन के लिए पीएम गति-शक्ति प्लान द्वारा लॉजिस्टिक्स की नई व्यवस्थाएं बनाई जाएंगी। बजट में पांचवां समाधान दिया गया है कि एग्री-वेस्ट मेनेजमेंट को अधिक ऑर्गेनाइज किया जाएगा, वेस्ट टू एनर्जी के उपायों से किसानों की आय बढ़ाई जाएगी। छठा सॉल्यूशन है कि देश के डेढ़ लाख से भी ज्यादा पोस्ट ऑफिस में रेगुलर बैंकों जैसी सुविधाएं मिलेंगी, ताकि किसानों को परेशानी ना हो। और सातवां ये कि – एग्री रिसर्च और एजुकेशन से जुड़े सिलेबस में स्किल डेवलपमेंट, ह्यूमन रिसोर्स डेवलपमेंट में आज के आधुनिक समय के अनुसार बदलाव किया जाएगा।’

वेबीनार के दौरान प्रधानमंत्री ने कहा कि 3 साल पहले आज ही के दिन पीएम किसान सम्मान निधि की शुरुआत की गई थी। ये योजना आज देश के छोटे किसानों का बहुत बड़ा संबल बनी है। इसके तहत देश के 11 करोड़ किसानों को लगभग पौने 2 लाख करोड़ रुपए दिए जा चुके हैं। इस योजना में भी हम स्मार्टनेस का अनुभव कर सकते हैं। सिर्फ एक क्लिक पर 10-12 करोड़ किसानों के बैंक खातों में सीधे पैसे ट्रांसफर होना, ये अपने-आप में किसी भी भारतीय को, किसी भी हिन्‍दुस्‍तानी के लिए गर्व करने वाली बात है।

उन्होंने कहा कि सिर्फ 6 सालों में कृषि बजट कई गुणा बढ़ा है। किसानों के लिए कृषि लोन में भी 7 सालों में ढाई गुणा की बढ़ोतरी की गई है। कोरोना के मुश्किल काल में भी स्पेशल ड्राइव चलाकर हमने 3 करोड़ छोटे किसानों को KCC की सुविधा से जोड़ा है। इस सुविधा का विस्तार पशुपालन और मछली पालन से जुड़े किसानों के लिए भी किया गया है। माइक्रो इरीगेशन का नेटवर्क जितना सशक्त हो रहा है, उससे भी छोटे किसानों को बहुत मदद मिल रही है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हमारी सरकार का बहुत ज्यादा जोर सॉयल हेल्थ कार्ड पर रहा है। देश के करोड़ों किसानों को सरकार ने सॉयल हेल्थ कार्ड दिए हैं। हमें किसानों में भी ये जागरूकता बढ़ानी होगी, उनका सहज स्वभाव बनाना होगा कि वो हर एक-दो साल में अपने खेत की मिट्टी का टेस्ट कराए, और उसके मुताबिक उसमें कौन सी दवाइयों की जरूरत है, कौन से फर्टिलाइजर की जरूरत है, किस फसल के लिए उपयोगी है, उसका उनको एक साइंटिफिक ज्ञान मिलेगा। आपकी जानकारी में है कि हमारे युवा वैज्ञानिकों ने नैनो फर्टिलाइजर डेवलप किया है। ये एक गेम चेंजर बनने वाला है। इसमें भी काम करने के लिए हमारे कॉरपोरेट वर्ल्ड के पास बहुत संभावनाएं हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि क्रॉप पैटर्न के लिए, क्रॉप डाइवर्सिफिकेशन को बढ़ावा देने के लिए भी हमारे एग्री-इंवेस्टर्स को भी आगे आना चाहिए। जैसे भारत में किस तरह की मशीनें चाहिए, इस बारे में इंपोटर्स को पता होता है। वो जानते हैं कि किस तरह की चीजें चलेंगी। उसी तरह से हमारे यहां फसलों की जानकारी होनी चाहिए। भारत की फूड रिक्वायर्मेंट की स्टडी हो, और जिन चीजों की आवश्यकता है, उसे भारत में ही पैदा करने की दिशा में हम सबको मिल करे काम करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि भारत में फूड प्रोसेसिंग और इथेनॉल में निवेश की बहुत संभावनाएं बन रही हैं।इथेनॉल ब्लेंडिंग को बढ़ाने के लिए सरकार काफी इंसेटिव्स दे रही है। इस क्षेत्र में भी हमारा व्यापारी जगत आगे आए, हमारे बिजनेस हाउसेस आगे आएं। एक विषय नैचुरल जूसेस का भी है। इसकी पैकेजिंग का बहुत महत्व है। ऐसी पैकेजिंग जिससे उस प्रॉडक्ट की आयु लंबी हो, वो ज्यादा से ज्यादा दिनों तक चले, इस ओर भी काम किए जाने की आवश्यकता है, क्‍योंकि हमारे यहां इतनी विविधिता वाले फल होते हैं और भारत में नैचुरल जूसेस, हमारे जो फलों के रस हैं, बहुत सारे ऑप्‍शंस अवेलेबल हैं, बहुत सारी वैरायटीज हैं। हमें बाहर की नकल करने के बजाय भारत में जो नैचुरल जूसेस हैं, उन्हें प्रमोट करना चाहिए, पॉपुलर करना चाहिए।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि किसानों की आय बढ़ाना, खेती का खर्च कम करना, बीज से बाजार तक किसानों को आधुनिक सुविधाएं देना, ये हमारी सरकार की प्राथमिकता है। और मुझे विश्‍वास है अगर हम हमारे किसानों को, हमारी एग्रीकल्‍चर यूनिवर्सिटीज को, हमारे एग्रीकल्‍चर के स्टूडैंट्स को, इन सारे कामों को एक प्‍लेटफॉर्म पर ला करके आगे बढ़ेंगे तो सच्‍चे अर्थ में बजट ये सिर्फ आंकड़ों का खेल नहीं रहेगा, बजट जीवन परिवर्तन, कृषि परिवर्तन, ग्राम जीवन परिवर्तन का एक बहुत बड़ा साधन बन सकता है।

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