Home समाचार मोदी सरकार का मास्टरस्ट्रोक: जन विश्वास विधेयक 2026 के जरिए प्रधानमंत्री मोदी...

मोदी सरकार का मास्टरस्ट्रोक: जन विश्वास विधेयक 2026 के जरिए प्रधानमंत्री मोदी ने खत्म किया कानूनी डर का दौर

SHARE

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘मिनिमम गवर्नमेंट, मैक्सिमम गवर्नेंस’ के संकल्प को सिद्ध करते हुए भारत ने गुलामी की मानसिकता वाले पुराने कानूनों से आजादी की दिशा में एक बड़ी छलांग लगाई है। हाल ही में संसद द्वारा जन विश्वास (प्रावधान संशोधन) विधेयक, 2026 का पारित होना मोदी सरकार की उस दूरदर्शी सोच का परिणाम है, जहां नागरिकों पर शक करने के बजाय उन पर ‘भरोसा’ करने को शासन का आधार बनाया गया है।

प्रधानमंत्री मोदी ने संसद द्वारा जन विश्वास (प्रावधान संशोधन) विधेयक, 2026 के पारित होने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह विधेयक नागरिकों को सशक्त बनाने वाले विश्वास-आधारित शासन तंत्र को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर उन्होंने लिखा कि “‘ईज ऑफ लिविंग’ और ‘ईज ऑफ डूइंग बिज़नेस’ को बड़ा बढ़ावा… यह अत्यंत हर्ष का विषय है कि संसद ने जन विश्वास(प्रावधान संशोधन) विधेयक, 2026 पारित कर दिया है। यह विधेयक एक विश्वास-आधारित ढांचे को सुदृढ़ करता है, जो हमारे नागरिकों को सशक्त बनाता है। यह पुराने और अप्रासंगिक नियमों एवं विनियमों के अंत का प्रतीक है। साथ ही, यह मामलों के त्वरित निपटारे को सुनिश्चित करता है और अपराधमुक्तिकरण के माध्यम से मुकदमों के बोझ को कम करता है। यह भी विशेष रूप से उल्लेखनीय है कि इस विधेयक का मसौदा एक परामर्श-आधारित दृष्टिकोण के साथ तैयार किया गया है। विधेयक के मसौदे में अपने सुझाव देने वाले तथा संसद में इसका समर्थन करने वाले सभी लोगों को मेरी ओर से हार्दिक बधाई।”

प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में यह विधेयक न केवल ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा देगा, बल्कि करोड़ों आम भारतीयों के जीवन से ‘जेल और कचहरी’ के बेवजह के डर को हमेशा के लिए खत्म कर देगा। दरअसल में दशकों से भारत में ऐसी कानूनी व्यवस्था थी जहा छोटी-सी कागजी चूक या फॉर्म भरने की गलती पर भी आम आदमी को अपराधी मान लिया जाता था। प्रधानमंत्री मोदी ने इस विसंगति को पहचानते हुए साफ निर्देश दिए थे कि नागरिकों को सशक्त बनाने के लिए पुराने और अप्रासंगिक नियमों की बेड़ियों को तोड़ना जरूरी है।

 

यही कारण है कि इस विधेयक के माध्यम से मोदी सरकार ने ‘अविश्वास से आत्मविश्वास’ तक की यात्रा तय की है। अब छोटी गलतियों पर सीधे सजा देने के बजाय पहले ‘चेतावनी’ देने का प्रावधान किया गया है, जो सुधार का अवसर प्रदान करता है।

प्रधानमंत्री मोदी अक्सर कहते हैं कि सरकार का काम नागरिकों के जीवन में दखल देना नहीं, बल्कि उसे आसान बनाना है। इसी विजन के तहत, अब रेलवे में बर्थ खाली न करने या मेट्रो में छोटी-मोटी चूक होने पर पुलिस केस नहीं होगा। मोदी सरकार ने इन मामूली उल्लंघनों को ‘अपराध’ की श्रेणी से बाहर कर ‘नागरिक दंड’ में बदल दिया है।

सबसे बड़ी राहत उन युवाओं और मध्यम वर्ग को मिली है जो ड्राइविंग लाइसेंस रिन्यू कराने में एक-दो दिन की देरी पर भारी जुर्माने का शिकार होते थे। अब मोदी सरकार ने 30 दिनों की ‘ग्रेस पीरियड’ देकर यह सुनिश्चित किया है कि आम आदमी को तकनीकी कारणों से प्रताड़ित न किया जाए।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हमेशा छोटे उद्यमियों और एमएसएमई को भारत की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माना है। जन विश्वास विधेयक 2026 के जरिए उन्होंने इन छोटे व्यापारियों को ‘इंस्पेक्टर राज’ के चंगुल से मुक्त कराया है। अब रेशम, चाय या एमएसएमई सेक्टर के कारोबारियों को रिकॉर्ड रखने में हुई मामूली देरी के लिए जेल जाने का डर नहीं सताएगा।

मोदी सरकार ने 23 मंत्रालयों के 79 केंद्रीय अधिनियमों में संशोधन कर कुल 784 प्रावधानों को सुधारा है। इनमें से 717 प्रावधानों को पूरी तरह से अपराधमुक्त कर दिया गया है, जिससे छोटे व्यापारियों का समय और पैसा अब मुकदमों के बजाय व्यापार बढ़ाने में लगेगा।

प्रधानमंत्री मोदी के ‘पंच प्रण’ में से एक है- गुलामी की मानसिकता के हर प्रतीक को मिटाना। दिल्ली पुलिस अधिनियम का वह नियम, जिसके तहत रात में बाहर रहने पर ‘संदेह’ के आधार पर जेल हो सकती थी, उसे खत्म करना इसी दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है। मोदी सरकार ने स्पष्ट संदेश दिया है कि आजाद भारत में नागरिक अपनी मर्जी से घूमने-फिरने के लिए स्वतंत्र हैं और उन पर औपनिवेशिक काल के ‘संदेह आधारित’ नियम लागू नहीं होंगे।

इस विधेयक का पारित होना इस बात का प्रमाण है कि मोदी सरकार केवल नीतियां नहीं बनाती, बल्कि उन्हें धरातल पर उतारकर जन-जन तक लाभ पहुंचाती है। अदालतों में मुकदमों के बोझ को कम करने और प्रशासनिक तंत्र को जवाबदेह बनाने की यह मोदी सरकार की सबसे बड़ी विधायी जीतों में से एक है। यह कानून सिर्फ कागजों पर बदलाव नहीं है, बल्कि यह हर भारतीय को सम्मान के साथ जीने और बिना किसी कानूनी भय के व्यापार करने की आजादी देता है।

सभी फोटो- मॉय गॉव

Leave a Reply