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भारत एक राष्ट्र के साथ एक जीवंत परंपरा, एक विचार और एक संस्कार है: पीएम मोदी

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के पहले  शुक्रवार को एनसीसी कैडेटों, एनएसएस स्वयंसेवकों, जनजातीय कलाकारों, और झांकी कलाकारों के लिए आयोजित ऐट होम कार्यक्रम में शामिल हुए।  इस मौके पर पीएम मोदी ने कहा,”मैं गणतंत्र दिवस के लिए और गणतंत्र दिवस परेड के लिए आप सभी को शुभकामनाएं देता हूं। आप एक प्रकार से मिनी इंडिया, न्यू इंडिया को शो-केस करने वाले लोग हैं। भारत असल में क्या है, ये हमारा देश और पूरी दुनिया आपके माध्यम से देखेगी, जानेगी और समझने का प्रयास करेगी” 

पीएम मोदी ने कहा कि NCC और NSS के माध्यम से अनुशासन और सेवा की एक समृद्ध परंपरा जब राजपथ पर दिखती है, तो देश के करोड़ों युवा प्रेरित और प्रोत्साहित होते हैं। देश की समृद्ध कला-संस्कृति, देश की धरोहर को प्रदर्शित करने वाली झांकियों को लेकर जब आप राजपथ पर निकलते हैं, तो पूरी दुनिया मंत्रमुग्ध होकर उसे देखती है। आदिवासी भाई-बहन तो अपने प्रदर्शन से अद्भुद विरासत को देश के सामने लाते हैं।

उन्होंने कहा कि जब हम एक भारत, श्रेष्ठ भारत की बात करते हैं, तो हमें ये भी याद रखना है कि भारत असल में है क्या? भारत क्या सिर्फ सरहदों के भीतर 130 करोड़ लोगों का घर मात्र ही है? आपका मन कहेगा जी नहीं, भारत एक राष्ट्र के साथ-साथ एक जीवंत परंपरा है, एक विचार है, एक संस्कार है।

पीएम मोदी ने कहा कि भारत की श्रेष्ठता की एक और शक्ति इसकी भौगोलिक और सामाजिक विविधता में ही है। हमारा ये देश एक प्रकार से फूलों की माला है, जहां रंग-बिरंगे फूल भारतीयता के धागे से पिरोए गए हैं। राजपथ पर आपके प्रदर्शन से पूरी दुनिया भारत की इस शक्ति के भी दर्शन करती है। 

उन्होंने कहा कि इस वर्ष एनसीसी और एनएसएस के साथियों ने खेल से लेकर आपदा राहत कार्यों में अपनी बड़ी भूमिका निभाई है। एनसीसी के कैडेट्स ने गांधी जी की 150वीं जयंती पर देशभर में 8,000 किमी की स्वच्छता यात्रा निकालकर प्रशंसनीय कार्य किया है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि हम जिस न्यू इंडिया की तरफ आगे बढ़ रहे हैं, वहां यही आकांक्षाएं, यही सपने हमें पूरे करने हैं। भारत का कोई भी व्यक्ति, कोई भी क्षेत्र पीछे ना रह जाए, ये हमें सुनिश्चित करना है। हम सभी को राष्ट्र के सामूहिक संकल्पों के साथ खुद को जोड़ना होगा।

 

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