प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार, 28 मार्च को उत्तर प्रदेश में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पहले चरण का उद्घाटन किया। इस अवसर पर एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने इसे उत्तर भारत के विकास का गेम-चेंजर बताते हुए पिछली विपक्षी सरकारों पर तीखा हमला भी बोला। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह परियोजना डबल इंजन सरकार की कार्यसंस्कृति का नतीजा है। उन्होंने दावा किया कि जहां पहले विकास कार्य वर्षों तक फाइलों में अटके रहते थे, वहीं अब बड़े प्रोजेक्ट तय समय में पूरे हो रहे हैं।

विपक्ष पर निशाना साधते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जेवर एयरपोर्ट को 2003 में ही मंजूरी मिल गई थी, लेकिन कांग्रेस और सपा की सरकारों ने इसे आगे नहीं बढ़ने दिया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि पहले नोएडा को लूट का ATM बना दिया गया था, लेकिन आज यही क्षेत्र यूपी के विकास का सशक्त इंजन बन रहा है।
2004 से 2014 तक नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट फाइलों में ही दबा रहा: प्रधानमंत्री श्री @narendramodi #NayeBharatKaNayaUP pic.twitter.com/hAgBtJqXFv
— BJP Uttar Pradesh (@BJP4UP) March 28, 2026
प्रधानमंत्री ने एयरपोर्ट की क्षमता पर बात करते हुए कहा कि यहां हर दो मिनट में एक विमान उड़ान भरने की व्यवस्था विकसित की जा रही है। उनके मुताबिक, यह एयरपोर्ट सिर्फ एक इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट नहीं, बल्कि पूरे उत्तर भारत को वैश्विक कनेक्टिविटी देने वाला बड़ा केंद्र होगा। उन्होंने देश के एविएशन सेक्टर में आए बदलावों का जिक्र करते हुए बताया कि 2014 से पहले भारत में केवल 74 एयरपोर्ट थे, जो अब बढ़कर 160 से अधिक हो चुके हैं। साथ ही, उड़ान योजना के जरिए 1.60 करोड़ से ज्यादा लोग सस्ती हवाई यात्रा कर चुके हैं।

पीएम मोदी ने घोषणा की कि सरकार ने 29 हजार करोड़ रुपये की लागत से छोटे शहरों में 100 नए एयरपोर्ट और 200 हेलीपैड बनाने की योजना को मंजूरी दी है। उन्होंने कहा कि इससे क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को और मजबूती मिलेगी। प्रधानमंत्री ने एक अहम आंकड़ा साझा करते हुए कहा कि भारत के करीब 85 प्रतिशत विमानों को मेंटेनेंस, रिपेयर एंड ओवरहॉल (MRO) के लिए विदेश जाना पड़ता है। उन्होंने बताया कि जेवर में MRO सुविधा विकसित की जा रही है, जिससे देश का पैसा बचेगा और युवाओं को बड़े पैमाने पर रोजगार मिलेगा।

उन्होंने कहा कि हाल के हफ्तों में पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कई बड़े प्रोजेक्ट शुरू हुए हैं। इनमें सेमीकंडक्टर फैक्ट्री, दिल्ली-मेरठ नमो भारत ट्रेन और मेरठ मेट्रो विस्तार शामिल हैं। उनके मुताबिक, ये सभी परियोजनाएं राज्य को तकनीक और कनेक्टिविटी के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बना रही हैं।
इंफ्रास्ट्रक्चर पर सरकार के फोकस का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि पिछले 11 वर्षों में इस क्षेत्र का बजट छह गुना बढ़ाया गया है। उन्होंने बताया कि 17 लाख करोड़ रुपये हाईवे और एक्सप्रेसवे पर खर्च किए गए हैं, जबकि रेलवे के बड़े हिस्से का विद्युतीकरण पूरा किया जा चुका है।

प्रधानमंत्री ने पश्चिम एशिया में चल रहे संकट का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि दुनिया के कई देश तेल, खाद और जरूरी सामान की कमी से जूझ रहे हैं, लेकिन भारत इस स्थिति का मजबूती से सामना कर रहा है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार हर संभव प्रयास कर रही है ताकि अंतरराष्ट्रीय संकट का असर आम लोगों और किसानों पर कम से कम पड़े।

अपने भाषण के अंत में पीएम मोदी ने राजनीतिक दलों से अपील की कि वे संकट के समय गैर-जिम्मेदार बयानबाजी से बचें। उन्होंने कहा कि देशहित सर्वोपरि होना चाहिए और जनता उन लोगों को कभी माफ नहीं करती जो देश को नुकसान पहुंचाने वाली राजनीति करते हैं।









