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पीएम मोदी ने रानी लक्ष्मी बाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय के शैक्षणिक और प्रशासनिक भवन का उद्घाटन किया

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज यानि शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से रानी लक्ष्मी बाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय के शैक्षणिक और प्रशासनिक भवन का उद्घाटन कर राष्ट्र को समर्पित किया। वर्चुअल माध्यम से केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय के उद्घाटन अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सबसे पहले इस विश्वविद्यालय में अध्ययनरत छात्रों से बातचीत की और उनसे इस क्षेत्र में आने के उद्देश्य के बारे में जाना। इसके साथ ही उन्होंने अपनी शैली में छात्रों को देश की जरूरत और आत्मनिर्भर भारत बनने के मिशन के बारे में भी जागरूक किया। प्रधानमंत्री ने अलग-अलग विषयों मसलन माइक्रो इरिगेशन, फॉरेस्ट, बायोडायवर्सिटीज के संदर्भ में सवाल कर छात्रों को देश की जरूरत और उनके योगदान के बारे में बताया।

गांवों की अर्थव्यवस्था की आत्मनिर्भता भी जरूरी : पीएम 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में झांसी और बुंदेलखंड की पारंपरिक पहचान और यहां की वीरता और यहां के कृषि क्षेत्र की स्थिति के बारे में चर्चा की। उन्होंने कहा कि जब हम कृषि में आत्मनिर्भरता की बात करते हैं तो यह सिर्फ खाद्यान्न तक ही सीमित नहीं होती है बल्कि गांव की पूरी अर्थव्यवस्था की आत्मनिर्भरता की बात होती है। देश में खेती से पैदा होने वाले उत्पादों में वैल्यू एडिशन करके देश और दुनिया के बाज़ारों में पहुंचाना हमारा एक बहुत बड़ा मिशन है। उन्होंने कहा कि एक बार रानी लक्ष्मी बाई ने कभी बुंदेलखंड की धरती पर गर्जना की थी और अंग्रेजों से कहा था कि मैं मेरी झांसी नहीं दूंगी। आज बुंदेलखंड की धरती से इस गर्जना की आवश्यकता है कि मेरी झांसी आत्मनिर्भर भारत को बनाने में प्रमुख भूमिका निभाएगी और इसके लिए हम पूरी ताकत लगा देगें। रानी लक्ष्मी बाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय के नए शैक्षणिक और प्रशासनिक भवन के लिए सभी को शुभकामनाएं देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि छह साल पहले तक देश में सिर्फ एक केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय हुआ करता था। जबकि आज तीन केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय तो कार्यरत हैं। जबकि तीन और राष्ट्रीय संस्थान IARI-झारखंड, IARI-असम, और  मोतीहारी में Mahatma Gandhi Institute for Integrated Farming की स्थापना की जा रही है। इससे छात्र छात्राओं को नए मौके मिलेंगे और स्थानीय किसानों तक तकनीक का ज्ञान पहुंचाने और उनकी क्षमता बढ़ाने का काम होगा।

कृषि में आत्मनिर्भरता का लक्ष्य किसानों को उद्यमी बनाना 

पीएम मोदी ने कहा कि आज बीज से लेकर बाजार तक खेती को तकनीक से जोड़ने का, आधुनिक रिसर्च के फायदों को जोड़ने का निरंतर काम किया जा रहा है। इसमें बहुत बड़ी भूमिका रिसर्च संस्थानों और कृषि विश्वविद्यालयों की भी है। उन्होंने कहा कि कृषि में आत्मनिर्भरता का लक्ष्य किसानों को एक उत्पादक के साथ ही उद्यमी बनाने का भी है। जब किसान और खेती, उद्योग के रूप में आगे बढ़ेगी तो बड़े स्तर पर गांव में और गांव के पास ही रोज़गार और स्वरोज़गार के अवसर तैयार होंगे।अपने संबोधन के दौरान पीएम मोदी ने कहा कि बीते मई में बुंदेलखंड में टिड्डी दल का हमला हुआ था। देश के 10 से ज्यादा राज्य इससे प्रभावित हुए थे। जिस तेजी से ये फैल रहा था उसमें पारंपरिक माध्यमों से इस पर काबू पाना मुश्किल था। इतने बड़े हमले को भारत ने वैज्ञानिक तरीके से संभाला। यह अपने आप में बहुत बड़ा काम हुआ। पीएम मोदी ने कृषि रिसर्च से जुड़े छात्रों के मुखातिब होते हुए कहा कि ड्रोन टेक्नॉलॉजी हो, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस की टेक्नॉलॉजी हो, आधुनिक कृषि उपकरण हों, इसको देश की कृषि में अधिक से अधिक उपयोग में लाने के लिए आप जैसे युवा Researchers को, युवा वैज्ञानिकों को निरंतर काम करना होगा।

अंत में पीए मोदी ने कहा कि कोरोना के खिलाफ बुंदेलखंड के लोग भी डटे हुए हैं। सरकार ने भी प्रयास किया है कि लोगों को कम से कम दिक्कत हो। गरीब का चूल्हा जलता रहे, इसके लिए यूपी के करोड़ों गरीब और ग्रामीण परिवारों को देश के अन्य भागों की तरह मुफ्त राशन दिया जा रहा है। पीएम मोदी ने कहा कि आज भी ‘दो गज की दूरी और मास्क है जरूरी’ इस मंत्र को याद रखना जरूरी है। क्योंकि आप सुरक्षित होंगे तो देश सुरक्षित होगा।

रानी लक्ष्मी बाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय के उद्घाटन अवसर पर केंद्री कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी भी उपस्थित हुए। इस मौके पर स्वागत संबोधन श्री नरेंद्र सिंह तोमर ने किया।

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