भारतीय जनता पार्टी के केंद्रीय मुख्यालय में आज 20 जनवरी, 2026 को एक नया इतिहास रचा गया। बिहार की माटी से आने वाले युवा नेता नितिन नबीन ने दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी के सबसे युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में कार्यभार संभाल लिया। इस ऐतिहासिक मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने न केवल उन्हें बधाई दी, बल्कि संगठन के प्रति समर्पण की एक ऐसी मिसाल पेश की जिसने वहां मौजूद हजारों कार्यकर्ताओं का दिल जीत लिया।

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन की शुरुआत बेहद भावुक और प्रेरक अंदाज में की। उन्होंने कहा, “दुनिया को लगता होगा कि नरेंद्र मोदी देश का प्रधानमंत्री है, लेकिन मेरे लिए सबसे बड़े गर्व की बात यह है कि मैं भाजपा का एक कार्यकर्ता हूं।” पीएम मोदी ने आगे मुस्कुराते हुए कहा कि जब बात पार्टी के अनुशासन और काम की आती है, तो नितिन नबीन जी हमारे अध्यक्ष हैं और एक कार्यकर्ता के नाते वे मेरे ‘बॉस’ हैं।
मैं भारतीय जनता पार्टी का कार्यकर्ता हूं, यह मेरे लिए सबसे बड़ा गर्व है।
जब पार्टी की बात है तो माननीय @NitinNabin जी मेरे बॉस हैं, वे हम सभी के अध्यक्ष हैं।
– प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी pic.twitter.com/oVkVTJSj1d
— Sambit Patra (@sambitswaraj) January 20, 2026
प्रधानमंत्री मोदी ने नए अध्यक्ष की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि नितिन जी उस ‘मिलेनियल’ पीढ़ी से आते हैं जिसने रेडियो से लेकर AI तक का सफर देखा है। बिहार सरकार में मंत्री से लेकर विभिन्न राज्यों के प्रभारी तक, नितिन नबीन ने हर जिम्मेदारी को बखूबी निभाया है। पीएम मोदी ने विश्वास जताया कि उनकी युवा ऊर्जा आने वाले 25 वर्षों में ‘विकसित भारत’ के संकल्प को पूरा करने में पार्टी का नेतृत्व करेगी।

विपक्ष पर निशाना साधते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि बीजेपी के लिए सत्ता कभी सुख भोगने का साधन नहीं रही, बल्कि यह गरीबों की सेवा का माध्यम है। उन्होंने जल जीवन मिशन का उदाहरण देते हुए धंधुका, गुजरात के अपने पुराने दिनों को याद किया, जब वहां बेटियों की शादी सिर्फ इसलिए नहीं की जाती थी क्योंकि वहां पीने का पानी नहीं था। पीएम ने गर्व से बताया कि आज 12 करोड़ से ज्यादा घरों में नल से जल पहुंच रहा है।

देश के सामने मौजूद मॉडलों की तुलना करते हुए उन्होंने कहा कि जनता अब कांग्रेस के परिवारवाद और लेफ्ट के अस्थिर मॉडल को नकार चुकी है। उन्होंने ‘आकांक्षी जिलों’ का जिक्र करते हुए कहा कि जिन्हें पहले ‘पनिशमेंट पोस्टिंग’ माना जाता था, आज वे जिले विकास के नए मानक स्थापित कर रहे हैं। उन्होंने साफ कहा कि जिसे किसी ने नहीं पूछा, मोदी ने उसे पूजा है।

अपने भाषण में प्रधानमंत्री मोदी ने देश की सुरक्षा को लेकर भी कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि कोई भी देश अपने नागरिकों के हक लूटने वाले घुसपैठियों को बर्दाश्त नहीं करता और भारत भी ऐसा नहीं करेगा। उन्होंने अर्बन नक्सल के बढ़ते अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क और उनकी चतुराई पर भी प्रहार किया। उन्होंने कार्यकर्ताओं को आगाह किया कि ये लोग वैचारिक रूप से देश को कमजोर करने की साजिश रच रहे हैं, जिन्हें संगठन की ताकत से कुचलना होगा।

प्रधानमंत्री ने एक बार फिर परिवारवादी राजनीति पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और कई क्षेत्रीय दलों पर परिवारों का कब्जा है, जिससे आम युवाओं के लिए राजनीति के दरवाजे बंद हो गए हैं। पीएम ने अपने उस संकल्प को दोहराया जिसमें वे एक लाख ऐसे युवाओं को राजनीति में लाना चाहते हैं जिनका कोई राजनीतिक बैकग्राउंड नहीं है।

बीजेपी हेडक्वार्टर में पार्टी कार्यकर्ताओं से उन्होंने 1984 में 400 सीटें जीतने वाली कांग्रेस की मौजूदा हालत का जिक्र करते हुए कहा कि वे कभी अपनी हार की समीक्षा नहीं करते क्योंकि इससे ‘एक परिवार’ पर सवाल उठेंगे। इसके उलट, भाजपा निकाय चुनाव जीतने के तुरंत बाद अगले चुनाव की तैयारी में जुट जाती है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि जो कांग्रेस की बुराइयों से बचेगा, वही देश की सेवा में आगे बढ़ेगा।









