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डॉक्टर्स डे: पीएम मोदी ने कोरोना संकट के दौरान चिकित्सकों के योगदान की प्रशंसा की

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नेशनल डॉक्टर्स डे के अवसर पर बृहस्पतिवार को चिकित्सक समुदाय को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संबोधित किया। उन्होंने कहा, “आज जब देश कोरोना से इतनी बड़ी जंग लड़ रहा है तो डॉक्टर्स ने दिन-रात मेहनत करके लाखों लोगों का जीवन बचाया है। यह पुण्य कार्य करते हुए कई डॉक्टर्स ने अपना जीवन भी न्योछावर कर दिया। मैं उन्हें अपनी विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं, उनके परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं।” प्रधानमंत्री ने कहा कि कोरोना से लड़ाई में जितनी चुनौतियां आईं, हमारे चिकित्सक और वैज्ञानिकों ने उतने ही समाधान तलाशें और प्रभावी दवाइयां बनाईं। यह वायरस नया है और यह नए-नए स्वरूप भी ले रहा है किंतु चिकित्सकों की जानकारी और उनके अनुभव वायरस के खतरों और चुनौतियों का डटकर मुकाबला कर रहे हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि किसी एक जीवन का असमय समाप्त होना भी दुखद है किंतु भारत ने कोरोना से लाखों लोगों का जीवन बचाया है और इसका बहुत बड़ा श्रेय देश के चिकित्सकों, स्वास्थ्य कर्मियों और अग्रिम मोर्चे पर तैनात कर्मियों को जाता है। पीएम मोदी ने भरोसा जताते हुए कहा, ‘हमारा देश कोरोना से जीतेगा और विकास के नए आयाम भी हासिल करेगा।’ उन्होंने चिकित्सक समुदाय से कोरोना से जुड़े दिशानिर्देशों का पालन करने और टीकाकरण अभियान में और अधिक सक्रियता से भूमिका निभाने की अपील की। उन्होंने कहा, ‘आप अपनी इस भूमिका को और सक्रियता से निभाएं और अपना दायरा और ज्यादा बढ़ाएं।’

पीएम मोदी ने पिछली सरकारों पर बेसिक हेल्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए कहा कि देश पर जिस तरह का जनसंख्या का दबाव है, वह कोविड-19 की ताजा चुनौती को और कठिन बना देता है। उन्होंने कहा, ‘कोरोना के दौरान यदि हम प्रति लाख जनसंख्या के हिसाब से संक्रमण को देखें या मृत्यु दर को देखें तो भारत की स्थिति बड़े-बड़े विकसित और समृद्ध देशों की तुलना में कहीं संभली हुई रही है।’

पीएम मोदी ने कहा कि यह हमारी सरकार ही है जिसने स्वास्थ्य ढांचे पर सबसे अधिक बल पिछले सालों में दिया है। इस साल स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए बजट का आवंटन दोगुने से भी ज्यादा यानी दो लाख करोड रुपये से भी अधिक किया गया। अब हम ऐसे क्षेत्रों में स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने के लिए 50 हजार करोड़ रुपये की एक क्रेडिट गारंटी योजना लेकर आए हैं, जहां स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी है।

पीएम मोदी ने कहा कि वर्ष 2014 तक जहां देश में केवल 6 एम्स थे, वहीं पिछले सात सालों में 15 नए एम्स का काम शुरू हुआ है और चिकित्सा महाविद्यालयों की संख्या में डेढ़ गुना की वृद्धि हुई है। चिकित्सकों की सुरक्षा को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार ने चिकित्सकों के खिलाफ हिंसा को रोकने के लिए पिछले वर्ष कानून में कई कड़े प्रावधान किए हैं।

प्रधानमंत्री ने चिकित्सकों से योग को और अधिक प्रचारित और प्रसारित करने की अपील करते हुए कहा कि जब भी Hard-work, Talent और Skill की बात आती है, तो इनमें डॉक्टर्स का कोई मुकाबला नहीं है। चिकित्सकों को कोरोना काल के अपने अनुभवों के बारे में दस्तावेज तैयार करना चाहिए ताकि आने वाली पीढ़ी को इसका लाभ मिले और दुनिया को चिकित्सा से जुड़े कई जटिल समस्याओं का समाधान मिले। उन्होंने कहा कि यदि ऐसा किया जाता है तो वह भविष्य में पूरी मानवता के लिए मददगार साबित होगा।

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