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देश में सामान्य होने लगी ऑक्सीजन की आपूर्ति, युवाओं में बढ़ा वैक्सीन के प्रति उत्साह

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वैश्विक महामारी कोविड-19 की दूसरी लहर से जूझने के दौरान देश में बढ़ती ऑक्सीजन की मांग के बीच राहत की खबर आनी शुरू हो गई है। एक तरफ जहां देश में आक्सीजन आपूर्ति सामान्य होने लगी है वहीं कोरोना टीक लेने के प्रति देश के युवाओं में उत्साह बढ़ा है। देश में ऑक्सीजन की आपूर्ति इसलिए सहज हो पाई है क्योंकि पीएम मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने ऑक्सीजन के उत्पादन और ढुलाई क्षमता में बढ़ोत्तरी की है।

20 दिनों में साढ़े चार हजार टन ऑक्सीजन की आपूर्ति बढ़ी

मोदी सरकार ने ऑक्सीजन की आपूर्ति को सहज करने को लेकर वह काम कर दिखाया जो पहले की सरकार कभी सोच भी नहीं सकती थी। मोदी सरकार ने 20 दिनों में ही साढ़े चार हजार टन ऑक्सीजन की बढ़ोतरी को संभव कर दिखाया है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार 15 अप्रैल 2021 को देश के विभिन्न अस्पतालों को 4,783 टन ऑक्सीजन की आपूर्ति की गई जो पांच मई 2021 तक 9,294 टन के स्तर तक पहुंच गई। सात मई को 8415 और आठ मई को 8,900 टन ऑक्सीजन की आपूर्ति की गई। ऑक्सीजन आपूर्ति की निगरानी कमेटी के अनुसार करीब 1,500 टन ऑक्सीजन रोज ट्रांजिट पर होती है या वह अनलोड नहीं हो पाती। ऑक्सीजन की समुचित आपूर्ति के लिए गठित इंपावर्ड ग्रुप ने आश्वस्त किया है कि देश के हर जरूरतमंद मरीजों को पर्याप्त ऑक्सीजन मिलेगी।

एक हजार टन ऑक्सीजन उत्पादन की क्षमता बढ़ी

कोरोना महामारी की दूसरी लहर के दौरान देश में हुई ऑक्सीजन की किल्लत को देखते हुए केंद्र सरकार ने भविष्य को ध्यान में रखते हुए ऑक्सीजन के पर्याप्त उत्पादन की व्यवस्था की है। एक सरकारी ऑकड़ों के मुताबिक गत एक महीने में ऑक्सीजन के उत्पादन में प्रतिदिन 1,000 टन से अधिक की बढ़ोतरी हुई है। इसी साल 21 अप्रैल को ऑक्सीजन का उत्पादन 8,419 टन का था जो गत पिछले छह मई को बढ़कर 9,446 टन हो गया। ऑक्सीजन उपलब्धता में बढ़ोतरी के लिए सरकार ने पिछले महीने 50,000 टन ऑक्सीजन आयात के लिए टेंडर निकाला था। इनमें से 5,800 टन ऑक्सीजन के आयात के लिए अंतिम आर्डर दे दिया गया है। कुछ आयातित ऑक्सीजन की डिलीवरी भी शुरू हो गई है। देश के कई पीएसयू भी ऑक्सीजन उत्पादन की क्षमता में बढ़ोतरी करने जा रहे हैं। इसका परिणाम एक-दो महीने में सामने आने लगेगा।

ऑक्सीजन की उचित आपूर्ति के लिए टैंकरों की संख्या बढ़ी

जरूरत के अनुरूप ऑक्सीजन की आपूर्ति के लिए ऑक्सीजन ढोने वाले टैंकर की संख्या में बढ़ोतरी की गई ताकि रोज होने वाली ढुलाई की क्षमता बढ़ाई जा सके। आयात व घरेलू स्तर पर प्रयास के जरिए अब ऑक्सीजन की ढुलाई के लिए 1,681 टैंकर उपलब्ध हैं। इन टैंकरों की क्षमता 23,000 टन ऑक्सीजन ढोने की है। आयातित टैंकर से लेकर नाइट्रोजन व आर्गन के उन टैंकरों को भी ऑक्सीजन की ढ़ुलाई में लगाने के लिए उस अनुरूप बनाया गया है। जरूरत के समय ऑक्सीजन की किल्लत का एक कारण टैंकर की अनुपलब्धता भी थी। पर्याप्त टैंकर नहीं होने की वजह से ऑक्सीजन की आपूर्ति प्रभावित हुई।

पीएम केयर फंड ने ऑक्सीजन उत्पादन के लिए दिए फंड

देश में ऑक्सीजन की कमी को देखते हुए 27 अप्रैल 2021 को पीएम केयर फंड से एक लाख ऑक्सीजन कंसंट्रेटर्स लगाने की इजाजत दी गई। इनमें से तो 9,800 यूनिट के लिए आर्डर को अंतिम रूप भी दे दिया गया। 4,800 यूनिट की डिलीवरी इस साल 15 मई को हो जाएगी तो 5,000 यूनिट की डिलीवरी आगामी 27 मई को होगी। बाकी के टेंडर की प्रक्रिया जारी है। जबकि पीएम केयर्स फंड से लगाए जा रहे सभी 1051 पीएसएस ऑक्सीजन प्लांट अगले तीन महीने में काम करना शुरू कर देंगे।  

कोरोना वैक्सीन लेने को लेकर युवाओं में उत्साह

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक 18 साल से ज्यादा उम्र वालों में अब तक 20,29,395 लोगों को पहली डोज दी जा चुकी है। इन आंकडों से साफ होता है कि य़ुवाओं में कोरोना वैक्सीन को लेकर उत्साह बढ़ा है। 9 मई 2021, रविवार को 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 18-45 आयु वर्ग के 2,43,958 लोगों को कोरोना रोधी वैक्सीन की पहली डोज दी गई। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय से जारी आंकड़ों के अनुसार, लाभार्थियों को कुल 17 करोड़ एक लाख 53 हजार 432 डोज दी जा चुकी है। इनमें 95.46 लाख स्वास्थ्यकर्मियों को पहली और 64.71 लाख को दूसरी डोज लगाई जा चुकी है। वहीं 1.39 करोड़ फ्रंटलाइन वर्कर्स को पहला और 77.54 लाख को दूसरा टीका लगाया गया है।

टीकाकरण को और गति मिलेगी

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक देश में टीकाकरण को और गति दी जाएगी। इसके लिए केंद्र सरकार ने राज्यों व केन्द्र शासित प्रदेशों को टीके की कुल 17.56 करोड़ खुराक निशुल्क भेजी है। इसमें से राज्यों व केन्द्र शासित प्रदेशों ने 16.83 करोड़ वैक्सीन के डोज लगाए हैं। इसके अलावा 72 लाख डोज अब भी राज्यों के पास मौजूद हैं। सरकार का कहना है कि 46.61 लाख वैक्सीन की डोज अगले तीन दिन में राज्यों को और दी जाएगी, ताकि टीकाकरण को गति दी जा सके। देश में टीकाकरण का तीसरा चरण एक मई से ही शुरू हो चुका है। इसके तहत 18 साल से 44 साल के लोग टीका लगवा रहे हैं। इसके अलावा, 45 से 60 साल की आयु के 5,51,74,561 लोग पहली, जबकि 65,55,714 लोग दूसरी खुराक ले चुके हैं। 60 साल से अधिक आयु के 5,36,72,259 लोगों को पहली जबकि 1,49,77,918 लोगों को दूसरी खुराक दी जा चुकी है।

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