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डिजिटल इंडिया से भारत में कई प्रकार की Line का समाधान अब Online, इससे आई पारदर्शिता ने गरीब और मध्यम वर्ग को भ्रष्टाचार से मुक्ति दिलाई- प्रधानमंत्री मोदी

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गांधीनगर में डिजिटल इंडिया सप्ताह का उद्घाटन करने हुए कहा कि बीते कुछ वर्षों से भारत में कई प्रकार की Line का समाधान Online हो रहा है। आज जन्म प्रमाण पत्र से लेकर वरिष्ठ नागरिक की पहचान देने वाले जीवन प्रमाण पत्र तक, सरकार की अधिकतर सेवाएं डिजिटल हैं। डिजिटल इंडिया से अलग-अलग क्षेत्रों में जो पारदर्शिता आई है, उसने गरीब और मध्यम वर्ग को अनेक स्तरों पर चलने वाले भ्रष्टाचार से मुक्ति दिलाई है। पीएम मोदी ने कहा कि यह डिजिटल इंडिया अभियान ही है, जिसके सहारे भारत 100 साल के सबसे बड़े संकट के दौरान भी बड़े-बड़े लक्ष्यों को हासिल करने में सफल रहा है। पीएम मोदी ने इस मौके पर इंडियास्टेक ग्लोबल, माई स्कीम, मेरी पहचान, डिजिटल इंडिया भाषिनी, डिजिटल इंडिया जेनेसिस, चिप्स टू स्टार्ट-अप और कैटेलाइजिंग न्यू इंडियाज टेकेड ई-बुक जैसे इनोवेटिव डिजिटल इनीशिएटिव का उद्घाटन किया और डिजिटल इंडिया स्टार्टअप प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया।

भारत अब ‘चिप टेकर’ की छवि से निकलकर ‘चिप मेकर’ बनने की दिशा में अग्रसर
पीएम मोदी ने कहा कि 21वीं सदी में जिनका जन्म हुआ है, उनको तो आज डिजिटल लाइफ Cool लगती है। लेकिन सिर्फ 8-10 साल पहले की स्थितियों को याद कीजिए। Birth certificate लेने से लेकर, बिल जमा कराने, राशन लेने, एडमिशन लेने, बैंकों में लेन-देन करने, रिजल्ट और सर्टिफिकेट लेते तक के लिए इतनी सारी लाइनों में लगना पड़ता था। आज डिजिटल इंडिया ने कई प्रकार की लाइनों का समाधान Online होकर कर दिया है। आज जन्म प्रमाण पत्र से लेकर वरिष्ठ नागरिक की पहचान देने वाले जीवन प्रमाण पत्र तक, सरकार की अधिकतर सेवाएं डिजिटल हैं। जिन कामों के लिए कभी कई-कई दिन लग जाते थे वो आज कुछ पलों में हो जाते हैं। भारत अब ‘चिप टेकर’ की छवि से निकलकर ‘चिप मेकर’ बनना चाहता है।

डिजिटल इंडिया से आई पारदर्शिता ने हर गरीब और मध्यम वर्ग भ्रष्टाचार से मुक्ति दिलाई
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि डिजिटल इंडिया से जो पारदर्शिता आई है, उसने गरीब और मध्यम वर्ग को को अनेक स्तरों पर चलने वाले भ्रष्टाचार से मुक्ति दिलाई है। हमने वो समय देखा है जब बिना घूस दिए कोई भी सुविधा लेना मुश्किल था। डिजिटल इंडिया ने सामान्य परिवार का ये पैसा भी बचाया है। डिजिटल इंडिया, बिचौलियों के नेटवर्क को भी समाप्त कर रहा है। DBT के माध्यम से बीते 8 साल में 23 लाख करोड़ रुपए से अधिक सीधे लाभार्थियों के बैंक खाते में भेजे जा रहे हैं। इस टेक्नोलॉजी की वजह से देश के 2 लाख 23 हजार करोड़ रुपए गलत हाथों में जाने से बचे हैं। आज डिजिटल गवर्नेंस का एक बेहतरीन इंफ्रास्ट्रक्चर भारत में है। जनधन-मोबाइल और आधार की त्रिशक्ति का देश के गरीब और मिडिल क्लास को सबसे अधिक लाभ हुआ है। 8 साल पहले इंटरनेट डेटा के लिए जितना पैसा खर्च करना पड़ता था, उससे कई गुना कम कीमत में आज उससे भी बेहतर सुविधा मिल रही है।

डिजिटल इंडिया ने कोरोना महामारी से मुकाबला करने में भारत की बहुत मदद की
कोरोना महामारी को याद करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि बीते आठ वर्षों में डिजिटल इंडिया ने देश में जो सामर्थ्य पैदा किया है, उसने कोरोना वैश्विक महामारी से मुकाबला करने में भारत की बहुत मदद की है। आप कल्पना कर सकते हैं कि अगर डिजिटल इंडिया अभियान नहीं होता 100 साल के सबसे बड़े संकट में देश में क्या कर पाते? हमने दुनिया का सबसे बड़ा और सबसे efficient covid vaccination और covid relief program चलाया। Arogya setu और Cowin जैसे प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से अब तक करीब-करीब 200 करोड़ वैक्सीन डोज हम लगा चुके हैं। डिजिटल इंडिया अभियान के अभाव में ना ये तेजी आ पाती और ना ही भारत इतने बड़े लक्ष्य हासिल कर पाता। इसके अलावा वन नेशन-वन राशन कार्ड की मदद से हमने 80 करोड़ से अधिक देशवासियों को मुफ्त राशन सुनिश्चित किया।

इसी वर्ष मई में भारत में हर मिनट में 1 लाख 30 हजार से अधिक UPI Transactions 
पीएम मोदी ने कहा कि यह गर्व की बात है कि भारत का Digital fintech solution, UPI यानि Unified Payment Interface आज पूरी दुनिया को आकर्षित कर रहा है। fintech का प्रयास, ये सही मायने में by the people, of the people, for the people समाधान है। इसमें जो टेक्नॉलॉजी है वो भारत की अपनी है, यानि by the people. देशवासियों ने इसे अपने जीवन का हिस्सा बनाया यानि of the people और इसने देशवासियों के लेनदेन को आसान बनाया यानि for the people. उन्होंने कहा कि इसी वर्ष मई के महीने में भारत में हर मिनट में 1 लाख 30 हज़ार से अधिक UPI transactions हुए हैं। हर सेकंड औसतन 2200 ट्रांजेक्शन कंप्लीट हुए हैं। यानि जब तक मैं Unified Payment interface कहता हूं, तब तक UPI से 7000 ट्रांजेक्शन कंप्लीट हो चुके हैं। यही वजह है कि दुनिया का 40 प्रतिशत डिजिटल लेनदेन भारत में होता है। इसमें भी BHIM-UPI आज सरल डिजिटल ट्रांजेक्शन का सशक्त माध्यम बनकर उभरा है।

आज मॉल और रेहड़ी-ठेले वाले के पास समान डिजिटल इंडिया की ताकत है
पीएम मोदी ने कहा कि यह बहुत बड़ी बात है कि आज किसी मॉल के भीतर बड़े-बड़े ब्रांड्स बेचने वाले के पास ट्रांजेक्शन की जो टेक्नॉलॉजी है, वही टेक्नॉलॉजी आज उसके सामने पटरी पर 700-800 रुपए कमाने वाले मेहनतकश साथी के पास भी है। वरना वो दिन भी हमने देखे हैं जब बड़ी-बड़ी दुकानों में क्रेडिट और डेबिट कार्ड चलते थे, और रेहड़ी-ठेले वाला साथी, ग्राहक के लिए छुट्टे पैसे की तलाश में ही रहता था। अब दोनों के पास समान शक्ति है, डिजिटल इंडिया की ताकत है। इसलिए आज दुनिया के विकसित देश हों, या फिर वो देश जो इस प्रकार की टेक्नॉलॉजी में इन्वेस्टमेंट नहीं कर सकते, उनके लिए UPI जैसे भारत के डिजिटल प्रोडक्ट आकर्षण का केंद्र हैं। हमारे digital solutions में scale भी है, ये secure भी हैं और इसमें डेमोक्रेटिक वेल्यूज भी शामिल हैं।

In-space और नई ड्रोन पॉलिसी से भारत के Tech Potential को नई ऊर्जा मिलेगी
पीएम मोदी ने कहा कि डिजिटल स्किल्स और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ-साथ टेक्नॉलॉजी के सेक्टर में युवाओं को ज्यादा से ज्यादा अवसर देने के लिए अनेक दिशाओं में रिफॉर्म्स जारी हैं। स्पेस हो, मैपिंग हो, ड्रोन हो, गेमिंग और एनीमेशन हो, ऐसे अनेक सेक्टर जो future digital tech को विस्तार देने वाले हैं, उनको इनोवेशन के लिए खोल दिया गया है। पीएम मोदी ने कहा कि अब In-space का हेडक्वार्टर अहमदाबाद में बना है, In-space और नई ड्रोन पॉलिसी से भारत के tech potential को इस दशक में नई ऊर्जा मिलेगी। उन्होंने बताया कि जब यहां In-space के हेडक्वार्टर के उद्घाटन के लिए आया था, उस समय कुछ बच्चों से मेरी बातचीत हुई थी, वे अंतरिक्ष में सेटेलाइट छोड़ने की तैयारी कर रहे थे। मुझे वहां बताया गया कि आजादी के अमृत महोत्सव के निमित्त स्कूल के बच्चों के द्वारा बनाए गए Seventy five Satellites आसमान में उड़ने वाले हैं, ये मेरे देश के स्कूल की शिक्षा में हो रहा है।

भारतीय उद्योग के पास मेक इन इंडिया की शक्ति और डिजिटल इंडिया की ताकत की डबल डोज
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन के अंत में कहा कि आज भारत को अगले तीन-चार सालों में इलेक्ट्रॉनिक मैन्यूफैक्चरिंग को 300 बिलियन डॉलर से भी ऊपर ले जाने के लक्ष्य पर काम कर रहे हैं। भारत चीप टेकर से चीप मेकर बनना चाहता है, सेमी कंडक्टर का उत्पादन बढ़ाने के लिए भारत में तेजी से निवेश बढ़ रहा है पीएलआई स्कीम से भी इसमें मदद मिल रही है। यानि कि मेक इन इंडिया की शक्ति और डिजिटल इंडिया की ताकत की डबल डोज भारत में इंडस्ट्रीज 4.o को नई ऊंचाई पर ले जाने वाली है आज का भारत उस दिशा की तरफ बढ़ रहा है, जिसमें नागरिकों को योजनाओं के लाभ के लिए, दस्तावेजों के लिए सरकार के पास फिजिकल रूप में आने की जरूरत नहीं होगी। भारत के पास टैलेंट है, भारत के पास नौजवानों का सामर्थ्य है उन्हें अवसर चाहिए। और आज देश में एक ऐसी सरकार है, जो देश की जनता पर भरोसा करती है, देश के नौजवानों पर भरोसा करती है और उसको नए प्रयोग के लिए अवसर दे रही है।

 

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