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केजरीवाल सरकार से एमसीडी को नहीं मिला बकाया, वेतन नहीं मिलने से नाराज 1 लाख से अधिक नगर निगम कर्मचारी गए हड़ताल पर

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आजकल दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पंजाब और उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव लड़ने की तैयारी में व्यस्त है। इसके साथ ही उनका पूरा ध्यान दिल्ली को घेर कर बैठे किसानों की देखभाल पर है। ऐसे में उनके पास दिल्ली नगर निगम के एक लाख से अधिक कर्मचारियों को वेतन देने के लिए न तो पैसे है और न ही समय है। केजरीवाल की इस अनदेखी का शिकार एमसीडी के कर्मचारियों और दिल्ली की जनता को होना पड़ रहा हैं। कई महीनों से वेतन नहीं मिलने से नाराज एमसीडी के कर्मचारी गुरुवार से हड़ताल पर चले गए।

हड़ताल पर गए कर्मचारियों में सफाई कर्मचारियों से लेकर स्वास्थ्यकर्मी, शिक्षक, अभियंता और अन्य कर्मचारी शामिल है। एमसीडी एंप्लाइज यूनियन के कन्वीनर एपी खान ने बताया कि चार-पांच महीने से वेतन न मिलने के कारण कर्मचारियों का काम करना मुश्किल हो गया है। वहीं, पहले भी कई बार मांग की गई, लेकिन सिर्फ आश्वासन ही मिला। इसको देखते हुए तीनों नगर निगम के करीब डेढ़ लाख कर्मचारियों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल का निर्णय लिया।

एपी खान ने कहा कि गुरुवार को सिविल लाइंस से लेकर उपराज्यपाल आवास तक मार्च भी निकाला जाएगा। जब तक स्थायी समाधान नहीं निकलता तब तक कर्मचारियों की हड़ताल जारी रहेगी। हड़ताल की हमने पहले ही तीनों निगमों और मुख्यमंत्री कार्यालय में नोटिस दे दिया था। इसके बाद भी मुद्दा हल नहीं हुआ। निगम के कर्मी पांच-पांच माह से बिना वेतन के कार्य कर रहे हैं। जब वेतन मिलना ही नहीं हैं तो फिर काम क्यों कराया जा रहा है। 

चिंताजनक बात यह है कि कोरोना के टीकाकरण अभियान में कार्य करने वाले स्वास्थ्यकर्मी भी हड़ताल पर रहेंगे। सफाई कर्मचारियों के साथ निगम के शिक्षक आनलाइन कक्षाएं भी नहीं लेंगे। वहीं, इंजीनियर के साथ निगम कार्यालयों में कार्य करने वाले कर्मी भी हड़ताल पर रहेंगे। इससे पहले शिक्षकों ने बुधवार को सिविक सेंटर के बाहर प्रदर्शन कर वेतन जारी करने की मांग की।

एलएचवी एंड एएनएम स्टाफ यूनियन की कोषाध्यक्ष शकुंतला ने कहा कि तीनों निगम में एक हजार से ज्यादा नर्से कोरोना के टीकाकरण अभियान में शामिल होने वाली थीं। वेतन न मिलने की वजह से हमने भी हड़ताल पर जाने का फैसला लिया है। जब तक वेतन नहीं मिलेगा तब तक हड़ताल जारी रहेगी।

उत्तरी दिल्ली नगर निगम के महापौर जयप्रकाश ने बुधवार को कर्मचारियों के संगठन के साथ बैठक हड़ताल पर न जाने की अपील की। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार निगमों को बकाया फंड नहीं दे रही है। इसके कारण निगम वित्तीय संकट की स्थिति से गुजर रहे हैं। गत दिनों मुख्यमंत्री आवास पर 13 दिनों तक धरना दिया जिससे निगम को संवैधानिक हक मिल सके, लेकिन कोई निर्णय नहीं निकल सका। 

 

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