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कोरोना से जंग के साथ सीमाओं की चौकसी में जुटी मोदी सरकार, चीन-पाक बॉर्डर पर विशेष ट्रेन के भेजे जाएंगे जवान

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार न सिर्फ कोरोना महामारी के खिलाफ कुशलता से जंग लड़ रही है, बल्कि देश की अंतर्राष्ट्रीय सीमाओं की चौकसी में भी पूरी सतर्कता बरती जा रही है। कोरोना के चलते लगे लॉकडाउन-2 के बीच देश की सुरक्षा को देखते हुए चीन और पाकिस्तान सीमाओं पर ज्यादा चौकसी बरती जा रही है। मोदी सरकार ने राष्ट्रहित में उत्तरी और पूर्वी सीमाओं की सुरक्षा और मजबूत करने के लिए जवानों की और ज्यादा तैनाती करने का फैसला किया है।

ट्रेंने रद्द होने की वजह से ड्यूटी ज्वाइन नहीं कर पा रहे थे जवान
लॉकडाउन के समय जवानों को सीमावर्ती इलाकों में ले जाने के लिए मोदी सरकार ने दो विशेष ट्रेनें चलाने का फैसला किया है। ये ट्रेनें शुक्रवार और शनिवार को चलेंगी। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार आने वाले कुछ हफ्तों में रेल मंत्रालय से विचार विमर्श करने के बाद कुछ और ट्रेनें भी चलाई जा सकती हैं। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक देश की उत्तरी और पूर्वी सीमाओं पर सैन्य अभियानों के लिए जरूरत के लिहाज से दो सैन्य विशेष ट्रेनों को चलाने की योजना बनाई गईं है। इनमें से एक बंगलूरू-बेलगाम-सिकंदराबाद-अंबाला-जम्मू के रूट पर 17 अप्रैल को चलेगी, जबकि बंगलूरू-बेलगाम-सिकंदराबाद-गोपालपुर-हावड़ा-न्यूजलपाईगुड़ी-गुवाहाटी मार्ग पर दूसरी ट्रेन 18 अप्रैल को चलाई जाएगी। दरअसल, लॉकडाउन के दौरान तीन मई तक ट्रेनों के रद्द होने के चलते फंसे हुए जवानों को ड्यूटी तक पहुंचाने के लिए रक्षा मंत्रालय, गृह मंत्रालय और रेल मंत्रालय ने आपसी तालमेल के जरिए जवानों को पहुंचाने के लिए व्यवस्था बनाई।

दक्षिण कमांड में ट्रेनिंग पूरी कर चुके अफसर और जवानों को भेजा जाएगा
सूत्रों के मुताबिक, जिस वक्त लॉकडाउन का एलान किया गया, उस दौर में ये जवान और अफसर बंगलूरू, बेलगाम, गोपालपुर और सिकंदराबाद में स्थित प्रशिक्षण केंद्रों में तैनात थे, ये सभी दक्षिणी कमांड में स्थित हैं। इन सभी ट्रेनिंग सेंटर्स में से 300 से 500 से ज्यादा अफसरों ने अपनी ट्रेनिंग पूरी कर ली है और अब उन्हें ड्यूटी पर तैनात किया जाना है। हालांकि, कोरोना के प्रकोप के चलते भारतीय सेना ने साफ कर दिया है कि जो सैनिक अनिवार्य तौर पर क्वारंटीन पीरियड पूरा कर चुके हैं और पूरी तरीके से जांच में फिट पाए गए हैं, उन्हें ही ट्रेन से भेजा जाएगा। इस मामले में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बर्दाश्त की जाएगी। वहीं इन ट्रेनों के चलने से जो सैनिक लॉकडाउन की वजह से ड्यूटी नहीं ज्वाइन कर पा रहे थे, उन्हें सहूलियत मिलेगी।

कश्मीर में है आतंकी घुसपैठ की आशंका
भारत की उत्तरी सीमा पाकिस्तान से, जबकि पूर्वी सीमा चीन से लगती है। कोरोना के संकट के इस दौर में एहतियातन सेना अलर्ट है। इस वक्त भी पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है और नियंत्रण रेखा पर उसकी सेना लगातार सीजफायर उल्लंघन कर रही है। वहीं, कश्मीर घाटी में बर्फ पिघलने के साथ ही आतंकियों के घुसपैठ की आशंकाएं भी बढ़ जाती हैं। हाल ही में पाकिस्तान ने कश्मीर के कुपवाड़ा सेक्टर में सीजफायर का उल्लंघन किया था, उस दौरान भारतीय सेना ने जवाबी कार्रवाई करते हुए आतंकियों के लॉन्चिंग पैड को तबाह कर दिया है।

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