Home समाचार मोदी सरकार ने बदला ये नियम, 75 करोड़ लोगों को दी राहत

मोदी सरकार ने बदला ये नियम, 75 करोड़ लोगों को दी राहत

429
SHARE

कोरोना वायरस के खिलाफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली मोदी सरकार हर कदम पर मुस्तैदी से सामना कर रही है, मोदी सरकार ने इस वायरस से निपटने के लिए जो भी इंतजाम किए हैं उनसे पूरा विश्व प्रभावित है। इस बीच मोदी सरकार ने एक बड़ा फैसला लेते हुए सस्ता आनाज पाने के हकदार लोगों को छह माह का राशन एक साथ उठाने की छूट दी है।

75 करोड़ लोगों को मिलेगा लाभ

केंद्रीय खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री राम विलास पासवान ने बताया कि राशन की दुकानों से सस्ता आनाज पाने के हकदार 75 करोड़ लोगों को छह माह का राशन एक साथ उठाने की छूट दी जाएगी। अभी उन्हें ज्यादा से ज्यादा दो माह का अनाज समय से पहले उठाने की छूट है।

इसके आगे पासवान ने बताया कि हमारे गोदामों में अनाज का पर्याप्त भंडार है। हमने सभी राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों से कहा है कि वे गरीब लोगों को छह माह के अनाज का कोटा एक साथ उठाने की छूट दें। यह फैसला कोरोना वायरस संक्रमण को ध्यान में रख कर लिया गया है जिससे आगे चलकर किसी पाबंदी के लागू होने पर गरीबों को अनाज मिलने में कोई परेशानी ना हो।

गोदामों में है पर्याप्त अनाज

राम विलास पासवान ने बताया कि सरकारी दुकानों से अनाज का उठाव बढने पर सरकारी गोदामों में जगह का दबाव कम होगा। जगह की कमी के कारण सरकारी खरीद का कुछ गेहूं खुले भंडार केंद्रों पर जमा किया गया है।

इस समय सरकारी गोदामों में 4.35 करोड़ टन अधिक अनाज पड़ा हुआ है जो सुरक्षित बफर स्टाक की जरूरत से अधिक है। इसमें से 272.19 लाख टन चावल और 162.79 लाख अन गेहूं है। पीडीएस के लिए अप्रैल में बफर में 135 लाख टन चावल और 74.2 लाख टन गेहूं का भंडार सुरक्षित माना जाता है।

आवश्यक वस्तु की भी निगरानी कर रही सरकार

पासवान ने कहा कि हम तीन और वस्तुओं – साबुन, डिटॉल और लाइजॉल जैसे फर्श एवं हाथ साफ करने के तरल क्लीनर के साथ-साथ थर्मल स्कैनर के दामों पर निगाह रखे हुए हैं, क्योंकि कोरोना वायरस संक्रमण के डर से इनकी मांग बढ़ गयी है।’ इन वस्तुओं के मूल्यों पर देशभर में 114 स्थानों पर नजर रखी जा रही है।

आमतौर पर सरकार आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत 22 वस्तुओं के मूल्यों की निगरानी करती है। हाल में इसमें चेहरे पर लगाए जाने वाले मास्क और हैंड सैनेटाइजर को भी जोड़ दिया गया।

कालाबाजारी या जमाखोरी करने पर होगी कार्रवाई

वस्तुओं के दाम में तेजी आती है तो सरकार इन्हें भी छह माह के लिए आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत ले आएगी। उन्होंने कहा कि हैंड सैनेटाइजर और चेहरे पर लगाए जाने वाले मास्क अब आवश्यक वस्तुओं के तहत आते हैं। इनकी कालाबाजारी या जमाखोरी करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में यदि कीमतें बढ़ती हैं तो सरकार और अधिक उत्पादों के मूल्यों की निगरानी करेगी।

Leave a Reply