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पीएम मोदी का ‘काशी मॉडल’ बना पूर्वांचल के विकास का रोडमैप, दूसरे नेताओं और प्रदेशों के लिए बन रहा नजीर

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जब पहली बार लोकसभा का चुनाव लड़ने काशी पहुंचे, तो अपने साथ गुजरात का विकास मॉडल लेकर आए थे। लेकिन उन्होंने अध्यात्म, धर्म और सांस्कृतिक नगरी काशी में विकास एक नया मॉडल पेश किया, जिसे ‘काशी मॉडल’ के नाम से जाना जाता है। इस मॉडल में परंपरा और आधुनिकता का बेहतरीन तालमेल देखने को मिलता है। देश की बागड़ोर संभालने के बाद प्रधानमंत्री मोदी जब भी अपने संसदीय क्षेत्र आए, तो करोड़ों की सौगात देकर गए। इसके अलावा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भी विकास कार्यों को गति देते रहे। 2017 में उत्तर प्रदेश में बीजेपी की सरकार आने के बाद विकास की रफ़्तार तीव्र हो गई।

प्रधानमंत्री मोदी के प्रयासों का नतीजा है कि पिछले 7 सालों में काशी की सूरत बदल गई है। आज हर तरफ बदलाव देखने को मिल रहा है। शहर की परंपरागत पहचान को ध्यान में रखते हुए काशी विश्वनाथ धाम, स्वास्थ्य, शिक्षा, चिकित्सा, पेयजल, पर्यटन, यातायात, गंगा घाट, रिंग रोड, राष्ट्रीय राजमार्ग का निर्माण, फ्लाईओवर, आवास, शौचालय जैसे कई काम हुए हैं, जिससे वाराणसी समेत पूरे पूर्वांचल के लोगों का जीवन सरल और सुगम हुआ है। आज काशी दूसरे नेताओं और पूरे देश के लिए एक रोडमैप बन गयी है। काशी की तुलना में सोनिया गांधी का संसदीय क्षेत्र रायबरेली, राहुल गांधी का संसदीय क्षेत्र रहे अमेठी और अखिलेश यादव का संसदीय क्षेत्र प्रतापगढ़ काफी पिछड़े हुए नजर आ रहे हैं।

पूर्वांचल का बिजनेस हब बनी काशी

प्रधानमंत्री मोदी के काशी का सांसद बनने के बाद पूर्वांचल के 28 जिलों के विकास पर खास ध्यान दिया गया। बेहतर कनेक्टिवटी के लिए काशी में रिंग रोड फेज-1 और फेज-2 की सौगात मिली। इसके साथ ही फेज-3 का काम अब पूरा होने के कगार पर है। यह शहर धीरे धीरे पूर्वांचल का बिजनेस हब भी बनता जा रहा है। तेजी से बढ़ते शहर की जरूरत के हिसाब से आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास किया गया है। प्रधानमंत्री मोदी ने बनारस के कपड़ा उद्योग को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलायी। वाराणसी का यह हस्तशिल्प, कुटीर उद्योग के रूप में फैला है। जिसमें बनारसी रेशमी साड़ी, कपड़ा उद्योग, कालीन उद्योग प्रमुख हैं। 43 लाख से अधिक हथकरघा बुनकर प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से जुड़े हैं। प्रधानमंत्री मोदी की पहल पर वाराणसी में बुनकरों के लिए योजनाएं शुरू हुईं। काशी में व्यापार केंद्र खुलने से बुनकरों के दिन लौटने शुरू हुए।

पीएम मोदी का ‘काशी मॉडल’

प्रधानमंत्री मोदी के ‘काशी मॉडल’ में काशी विश्वनाथ कॉरिडोर, घाटों का पुनर्निर्माण, बेनियबाग जैसे इलाकों में अंडरग्राउंड पार्किंग, गोदौलिया जैसे इलाकों में मल्टीलेवल पार्किंग, खिड़किया घाट जैसे विकास कार्य शामिल हैं। काशी की परंपरा, संस्कृति और आधुनिकता के प्रतीक रूप में रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर का उद्घाटन किया गया। ग्रामीण लिंक रोड के पुनर्निमाण के लिए 119 करोड़ रुपये की परियोजना शुरू की गई। स्मार्ट निगरानी के लिए शहर के 720 महत्वपूर्ण स्थानों पर 3000 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए। काशी के लोगों और पर्यटकों को रो-रो और क्रूज की सुविधा मिली। कैंट और मंडुवाडीह रेलवे स्टेशन का सौंदर्यीकरण किया गया। महाकाल एक्सप्रेस और वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन की सौगात मिली।

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