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दिल्ली में हार के बाद कांग्रेस में रार, माकन ने देवरा को कहा- आप पार्टी छोड़ सकते हैं

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दिल्ली विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की करारी हार के बाद पार्टी में रार जारी है। पार्टी दिल्ली चुनाव में एक भी सीट नहीं जीत पाई। 70 में से 67 उम्मीदवार अपनी जमानत भी नहीं बचा सके। हार के बाद पार्टी नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। रविवार को आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद महाराष्ट्र कांग्रेस के नेता मिलिंद देवरा ने उनकी तारीफ में एक ट्वीट किया। इस बात पर अजय माकन ने उन्हें कहा कि अगर आप पार्टी छोड़ना चाहते हैं, तो छोड़ सकते हैं। दरअसल में देवरा ने केजरीवाल के एक भाषण का वीडियो शेयर करते हुए ट्वीट किया कि एक ऐसी जानकारी शेयर कर रहा हूं जिसे बहुत कम लोग जानते हैं। केजरीवाल सरकार ने पिछले पांच साल में राजस्व को दोगुना कर दिया है और अब ये 60 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। दिल्ली अब भारत का आर्थिक रूप से सबसे सक्षम राज्य बन गया है।

पूर्व केंद्रीय मंत्री देवरा के इस ट्वीट भड़के दिल्ली कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष माकन ने कहा कि भाई, अगर आप कांग्रेस छोड़ना चाहते हैं, तो छोड़ सकते हैं। इसके बाद आधे-अधूरे तथ्यों को आराम में फैलाइएगा। फिर भी मैं आपसे सामने कुछ तथ्य रखता हूं 1997-98 (राजस्व) 4,073 करोड़, 2013-14 (राजस्व) 37,459 करोड़। कांग्रेस के शासन काल में 14.87 प्रतिशत राजस्‍व की बढ़ोतरी हुई। 2015-2016 (राजस्व) 41,129, वहीं 2019-20 (राजस्व) 60,000। आप सरकार के दौरान 9.90 प्रतिशत राजस्व बढ़ा।

माकन के इस ट्वीट पर पलटवार करते हुए देवरा ने लिखा कि अगर आपने आम आदमी पार्टी के साथ गठबंधन की वकालत के बजाय शीला दीक्षित के कामों कामों को जनता के बीच ले जाते तो आज हम सत्ता में होते।

इसके बाद तो पार्टी नेताओं के बीच तू-तू मैं-मैं शुरू हो गई। दिल्ली की पूर्व विधायक अलका लांबा ने ट्वीट किया, ‘पहले पिता जी के नाम से पार्टी में आओ,फिर बैठे बैठे टिकेट पाओ, कांग्रेस की लहर में पहली बार में ही केंद्रीय मंत्री भी बन जाओ। जब अपने अपने दम पर लड़ने की बात आए तो हार जाओ, पार्टी में पद की लड़ाई लड़ो, फिर पार्टी को गलियाते हुए, दूसरों के गुणगान में गिटार हाथ में लेकर बजाते रहो।”

साफ है दिल्ली विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की करारी हार के बाद पार्टी के अंदर की कलह खुलकर सामने आने लगी है। कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता हार के लिए पार्टी की रणनीति पर सवाल उठा रहे हैं।

प्रणब मुखर्जी की बेटी ने चिदंबरम को लगाई लताड़
इसके पहले पार्टी के बदतर प्रदर्शन के बाद भी खुशी मनाने पर दिल्ली महिला कांग्रेस प्रमुख शर्मिष्ठा मुखर्जी ने पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम को लताड़ लगाई। दिल्ली चुनाव में कांग्रेस का प्रदर्शन निल बट्टे सन्नाटा यानी जीरो रहा है। पार्टी के 63 उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई। अब तक के सबसे खराब प्रदर्शन के बाद अरविंद केजरीवाल को बधाई देने और पार्टी की खुशी पर पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी की बेटी शर्मिष्ठा मुखर्जी ने पूर्व वित्तमंत्री पी चिदंबरम के ट्वीट को री-ट्वीट करते हुए पूछा कि क्या कांग्रेस को अपनी दुकान बंद कर देनी चाहिए?

शर्मिष्ठा ने अपने ट्वीट में कहा है कि सर, बस इतना जानना चाहती हूं कि क्या कांग्रेस राज्यों में बीजेपी को हराने के लिए क्षेत्रीय दलों को आउटसोर्स कर रही है? अगर नहीं, तो फिर हम अपनी हार पर मंथन करने के बजाय आम आदमी पार्टी की जीत पर गर्व क्यों कर रहे हैं? और अगर ऐसा है, तो हमें (पीसीसी) अपनी दुकान बंद कर देनी चाहिए।

पी चिदंबरम ने केजरीवाल को बधाई देते हुए कहा था कि मैं दिल्ली के लोगों को सलाम करता हूं जिन्होंने 2021 और 2022 में अन्य राज्यों जहां चुनाव होंगे, उनके लिए मिसाल पेश की है।

इसके पहले शर्मिष्ठा मुखर्जी ने दिल्ली में पार्टी के खराब प्रदर्शन पर लिखा था कि हम दिल्ली में फिर हार गए। बहुत हुआ आत्ममंथन अब एक्शन का समय है। शीर्ष स्तर पर निर्णय लेने में देरी, राज्य स्तर पर रणनीति और एकजुटता का अभाव, निरुत्साह कार्यकर्ता, निचले स्तर पर संवाद नहीं होना हार के कारण हैं। मैं अपने हिस्से की जिम्मेदारी स्वीकार करती हूं।

एक अन्य ट्वीट में उन्होंने लिखा है कि अगर बीजेपी विभाजनकारी राजनीति कर रही है, केजरीवाल स्मॉर्ट पॉलिटिक्स कर रहे हैं तो हम क्या कर रहे हैं? क्या हम ईमानदारी से कह सकते हैं कि हमने घर को संभालने के लिए पूरा प्रयास किया? हम कांग्रेस को ही कैप्चर करने में जुटे रहे, जबकि बाकी दल भारत को कैप्चर कर रहे थे।

ज्योतिरादित्य सिंधिया ने उठाए सवाल
न्यूज एजेंसी ANI से बात करते हुए ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि ‘हमारी पार्टी के लिए यह बहुत ही निराशाजनक है। नई विचारधारा और नई कार्यप्रणाली की आपात जरूरत है। देश बदल गया है, इसलिए हमें भी नए तरीके से सोचना होगा और देश के लोगों से संपर्क करना होगा।’

कांग्रेस को सख्ती से अपना पुनरावलोकन करना चाहिए: जयराम रमेश
कांग्रेस की पार्टी की खराब हालत पर चिंता जताते हुए वरिष्ठ कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि पार्टी को सख्ती से अपना पुनरावलोकन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमें खुद को मजबूत करने की आवश्यकता है, ‘अन्यथा, हम अप्रासंगिकता की ओर बढ़ रहे हैं। हमें अहंकार छोड़ना होगा, छह साल से सत्ता से दूर होने के बावजूद हममें से कई लोग कई बार ऐसे बर्ताव करते हैं जैसे वे अब भी मंत्री हैं।’ पार्टी में नेतृत्व के सवाल पर जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि स्थानीय नेताओं को प्रोत्साहन देना होगा और आगे बढ़ाना होगा, स्थानीय नेताओं को स्वतंत्रता और स्वायत्तता दी जानी चाहिए। हमारे नेतृत्व के स्वभाव और शैली को बदलना होगा। जयराम रमेश ने कांग्रेस को मिली हार की तुलना कोरोना वायरस की तरह त्रासदी से करते हुए कहा है कि पार्टी को गंभीरता से अपनी समीक्षा करनी होगी।

दिल्ली में चेहरे की रही कमी: कपिल सिब्बल
दिल्ली में कांग्रेस को मिली जबरदस्त हार पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने कहा कि पार्टी के पास दिल्ली में प्रोजेक्ट करने के लिए चेहरे की कमी थी, यह पार्टी का अंदरूनी मुद्दा है हम इस पर गौर कर जल्द समाधान करेंगे।

मतदाताओं ने कांग्रेस को गंभीरता से नहीं लिया: वीरप्पा मोइली
कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ नेता वीरप्पा मोइली ने भी दिल्ली चुनाव में हार के परिप्रेक्ष्य में पार्टी को पुनर्जीवित करने के लिए एक सर्जिकल कार्रवाई का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अच्छा प्रदर्शन नहीं कर सकी क्योंकि उनका मानना था कि केवल आप प्रमुख अरविंद केजरीवाल ही भाजपा को हरा सकते हैं।

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