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ऐसा क्या हो गया कि कांग्रेसियों पर ही भड़क उठे मणिशंकर अय्यर? देखिए कैसे हो रही है पार्टी की किरकिरी

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फोटो सोशल मीडिया

केरल विधानसभा चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस को भारी शर्मिंदगी झेलनी पड़ रही है। पार्टी के वरिष्ठ नेता मणिशंकर अय्यर ने अपनी ही पार्टी के खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक कर दी है। उन्होंने न केवल आगामी चुनावों में कांग्रेस की हार की भविष्यवाणी की, बल्कि कई दिग्गज नेताओं पर भी तीखे प्रहार किए। उनके इन बयानों ने पार्टी के भीतर भूचाल ला दिया है और अंदरूनी कलह को सरेआम सड़क पर लाकर खड़ा कर दिया है।

मणिशंकर अय्यर ने केरल चुनाव से पहले अपनी ही पार्टी की उम्मीदों पर पानी फेरते हुए दावा किया है कि राज्य में फिर से वाम मोर्चा (LDF) की सरकार बनने जा रही है और पिनराई विजयन ही मुख्यमंत्री की गद्दी संभालेंगे। इतना ही नहीं, उन्होंने वाम मोर्चा के पंचायती राज मॉडल का गुणगान करने में भी कोई कसर नहीं छोड़ी।

अब सोचिए, जिस वक्त कांग्रेस के नेतृत्व में संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (UDF) राज्य में 10 साल का सियासी सूखा खत्म करने की कोशिश में जुटी है, उसी वक्त पार्टी के वरिष्ठ नेता विपक्ष की जीत की भविष्यवाणी कर दें—तो फिर किरकिरी तो बनती है! इन बयानों के बाद कांग्रेस के भीतर ही मणिशंकर के खिलाफ बगावत शुरू हो गई है। पार्टी के एक शीर्ष नेता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी भड़ास निकालते हुए साफ किया कि अय्यर का पिछले कुछ वर्षों से कांग्रेस से कोई लेना-देना नहीं है और वे जो कुछ भी कह रहे हैं, वह उनकी ‘निजी हैसियत’ में है।

हालांकि, जब पार्टी ने उनसे पल्ला झाड़ने की कोशिश की, तो अय्यर साहब ‘फुल फॉर्म’ में आ गए और पलटवार करते हुए अपना ही मोर्चा खोल दिया। उन्होंने पवन खेड़ा को ‘कठपुतली’ करार देते हुए दावा किया कि वे पार्टी के अधिकृत प्रवक्ता नहीं हैं। अय्यर ने यहां तक कह दिया कि यदि कांग्रेस पवन खेड़ा के विकल्प के तौर पर किसी और को प्रवक्ता नहीं बना पाती, तो पार्टी की हालत ऐसी ही बदतर बनी रहेगी।

अय्यर के तरकश के तीर यहीं नहीं रुके। उन्होंने शशि थरूर पर भी तंज कसते हुए कहा कि वे ‘अगले विदेश मंत्री’ बनने के सपनों में खोए हुए हैं और उनमें इस पद के लिए भारी महत्वाकांक्षा है। कांग्रेस नेता जयराम रमेश पर निशाना साधते हुए उन्होंने यहां तक कह दिया कि उन्हें अपनी ‘नौकरी’ बचाने के लाले पड़े हुए हैं।

इतना ही नहीं अपने बयानों से अक्सर विवादों में रहने वाले अय्यर ने राहुल गांधी को भी नहीं छोड़ा। राहुल के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए कहा कि मैं राहुलवादी नहीं हूं।

पूरा मामला तूल पकड़ चुका है। सोशल मीडिया पर कांग्रेस को लेकर मीम्स और तंज की बाढ़ आ गई है। इससे कांग्रेस की किरकिरी हो रही है… आप भी देखिए लोग किस तरह से पार्टी पर तंज कस रहे हैं…

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