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मनमानी पर उतरीं ममता बनर्जी ने फिर किया केंद्र का अपमान, मुख्य सचिव को दिल्ली भेजने से किया इनकार

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मुख्यमंत्री ममता बनर्जी तीसरी बार पश्चिम बंगाल की सत्ता संभालने के बाद पूरी तरह से अपनी मनमानी पर उतर आई हैं। जब से उन्होंने राज्य की बागडोर संभाली है, हर मौके पर प्रधानमंत्री मोदी और केंद्र सरकार के संवैधानिक शक्तियों को चुनौती देती आई हैं। ताजा मामला राज्य के मुख्य सचिव अलपान बंधोपाध्याय को लेकर है। केंद्र सरकार ने बंधोपाध्याय को प्रतिनियुक्त पर दिल्ली तलब किया है, लेकिन ममता बनर्जी ने उन्हें रिलीव करने से इनकार कर दिया है।

आपको बता दें कि पिछले दिनों जब यास तूफान से हुए नुकसान का जायजा लेने प्रधानमंत्री मोदी पश्चिम बंगाल गए थे, तब राज्य सरकार के साथ बैठक में सीएम ममता बनर्जी के साथ ही मुख्य सचिव अलपान बंधोपाध्याय भी उसमें शामिल नहीं हुए थे।

ममता बनर्जी इससे पहले भी अपने अहंकार में केंद्र सरकार और केंद्रीय संस्थाओं का अपमा करती रही हैं। डालते हैं एक नजर-

ममता ने जनहित को किया अनदेखा, Yaas चक्रवात पर पीएम मोदी से मीटिंग में देर से पहुंची और आते ही निकल गईं

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एक बार फिर अपने घमंड के आगे राज्य के लोगों के हितों की अनदेखी की है। दरअसल शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने चक्रवाती तूफान यास से प्रभावित पश्चिम बंगाल का हवाई सर्वेक्षण किया था। इस दौरान हालात की समीक्षा के लिए प्रधानमंत्री मोदी की सीएम ममता बनर्जी और राज्य के अधिकारियों के साथ मीटिंग थी। लेकिन हैरत की बात है कि सीएम ममता बनर्जी ने इस महत्वपूर्ण बैठक न सिर्फ अनदेखी की, बल्कि लोकप्रिय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का भी अपमान किया।

दरअसल, नुकसान का हवाई सर्वेक्षण के जरिए जायजा लेने के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कालीकुंडा में साइक्लोन को लेकर समीक्षा बैठक की। इस बैठक में पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी न केवल 30 मिनट देर से पहुंची बल्कि आनन-फानन मे बैठक छोड़कर चली भी गईं। बताया गया है कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और मुख्य सचिव एक ही परिसर में होने के बावजूद चक्रवात समीक्षा बैठक के लिए 30 मिनट की देरी से पहुंचे। ममता ने समीक्षा बैठक में प्रवेश करने के बाद चक्रवात प्रभाव से संबंधित कागजात सौंपे और कहा कि उनकी अन्य बैठक हैं और ये कहकर वहां से चली गईं।

ममता बनर्जी का प्रधानमंत्री मोदी के साथ बैठक में शामिल नहीं होने का रहा है लंबा इतिहास, देखिए इससे पहले कब-कब वो बैठक में शामिल नहीं हुईं या फिर शामिल हुईं तो सारी मर्यादा को तोड़कर बैठक में हंगामा किया।

20 मई को पीएम मोदी के साथ वर्चुअल मीटिंग में किया हंगामा

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी 20 मई को हुई प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ जिलाधिकारों की बैठक में शामिल हुईं, लेकिन यहां भी हंगामा करने से बाज नहीं आईं। कोरोना से सबसे ज्यादा प्रभावित 10 राज्यों के 54 जिलों के डीएम के साथ वर्चुअल बैठक में इन जिलों के ताजा हालात पर चर्चा हुई। बैठक में पश्चिम बंगाल की ओर से उत्तरी 24 परगना के जिलाधिकारी को बोलना था, मगर ममता बनर्जी ने उन्हें बोलना नहीं दिया।

वैसे ममता बनर्जी का प्रधानमंत्री मोदी के साथ मुख्यमंत्रियों की बैठक में शामिल नहीं होने का लंबा इतिहास रहा है। चाहे कोरोना महामारी का दौर हो या उससे पहले का। ममता बनर्जी कोई-ना-कोई बहाना बनाकर बैठक में शामिल होने से बचती रही हैं। ममता बनर्जी पश्चिम बंगाल की जनता की जगह राजनीति को ज्यादा महत्व देती रही हैं। राज्य की कोई योजना हो या कोरोना महामारी पर बैठक ममता बनर्जी बैठक में शामिल होने से इनकार करती रही हैं।

करीब एक साल से देश में कोरोना संकट है, लेकिन ममता बनर्जी कोरोना महामारी से ज्यादा चिंता चुनाव की करती रहीं। विधानसभा चुनाव के कारण ममता बनर्जी इस साल प्रधानमंत्री के साथ हुई चार बैठकों में शामिल नहीं हुईं। ऐसा सिर्फ कोरोना काल में ही नहीं हुआ है, ममता साल 2014 से ही मुख्यमंत्रियों की बैठकों में भाग नहीं ले रही हैं।

आइए देखते हैं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी इससे पहले और कब-कब पीएम मोदी के साथ बैठक में शामिल नहीं हुईं-

23 अप्रैल, 2021
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी कोरोना की स्थिति को लेकर 23 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ राज्यों के मुख्यमंत्रियों की बैठक में हिस्सा नहीं लिया। बनर्जी इससे पहले भी ऐसी ही बैठकों में शामिल नहीं हुईं, क्योंकि वह राज्य विधानसभा चुनाव के प्रचार में व्यस्त थीं।

8 अप्रैल, 2021
कोरोना रोकने के उपाय और वैक्सीनेशन को लेकर चर्चा के लिए 8 अप्रैल को प्रधानमंत्री मोदी की ओर से सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बुलाई गई। वर्चुअल बैठक में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी शामिल नहीं हुईं। उन्होंने इस बैठक से चुनाव प्रचार को अधिक महत्व दिया। प्रधानमंत्री ने शाम 6.30 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक बुलाई थी।

17 मार्च, 2021
कोरोना को लेकर हुई प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ बैठक में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी एक बार फिर शामिल नहीं हुईं।

20 फरवरी, 2021
प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में 20 फरवरी को हुई नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की छठी बैठक में ममता बनर्जी शामिल नहीं हुईं।

18 जून, 2020
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा लॉकडाउन के मुद्दे पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बुलाई गई मुख्यमंत्रियों की बैठक में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ने हिस्सा नहीं लिया। इस बैठक में पश्चिम बंगाल सरकार के किसी प्रतिनिधि ने भी हिस्सा नहीं लिया।

19 जून, 2019
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी एक बार फिर प्रधानमंत्री मोदी के साथ राजनीतिक दलों के प्रमुखों की हुई बैठक में शामिल नहीं हुईं। प्रधानमंत्री मोदी ने उन सभी दलों के प्रमुखों को बैठक के लिए आमंत्रित किया था, जिनके लोकसभा या राज्यसभा में सदस्य हैं। इस बैठक में एक राष्ट्र, एक चुनाव के विचार, 2022 में आजादी के 75वें वर्ष के जश्न, महात्मा गांधी के 150वें जयंती वर्ष को मनाने समेत कई मामलों पर चर्चा की गई।

15 जून, 2019
मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल के तहत नीति आयोग की पहली बैठक 15 जून, 2019 को हुई। पीएम मोदी की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में कई राज्यों के मुख्यमंत्री और उप-राज्यपाल शामिल हुए, लेकिन पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री बैठक में शामिल नहीं हुईं।

11 जुलाई, 2015
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री लैंड बिल पर बुलाई गई प्रधानमंत्री मोदी की बैठक में शामिल नहीं हुईं।

7 दिसंबर, 2014
ममता बनर्जी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के पहली बार सत्ता संभालने के वर्ष 2014 में बुलाई गई प्लान पैनल स्ट्रक्चर की बैठक में शामिल होने से इनकार कर दिया।

 

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