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पर्यावरण के लिए वरदान बना लॉकडाउन, प्रदूषण मुक्त हुई नैनी झील

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लॉकडाउन का फैसला भले ही कोरोना की चेन को तोड़ने के लिए लिया गया हो लेकिन इसका सबसे दूरगामी प्रभाव पर्यावरण भी पड़ा है। मालूम हो कि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा चलाया गया स्वच्छता अभियान पूरे देश में एक जनआंदोलन बन गया। आज एक बार फिर पीएम मोदी का लिया गया लॉकडाउन का फैसला देश के पर्यावरण के लिए वरदान साबित होने लगा है। पीएम मोदी के लॉकडाउन के फैसले की वजह से नैनीताल स्थित नैनी झील आज प्रदूषण मुक्त हो गई है।  

निखर आई नैनीताल झील की खूबसूरती

वैश्विक महामारी कोरोना को परास्त करने के लिए देश में संपूर्ण लॉकडाउन के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फैसले से न केवल कोरोना के फैलते प्रभाव को रोकने में सफलता मिली है बल्कि देश का पर्यावरण भी काफी स्वच्छ हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का फैसला काफी दूरगामी होता है। उसका प्रभाव भी काफी दूरगामी होता है। पीएम मोदी के पूरे देश में लॉकडाउन के फैसले ने तो उत्तराखंड स्थित नैनीताल की झील का हाल ही बदल दिया है। इस फैसले के बाद उस झील का पानी तीन गुना पारदर्शी बन गया है। लॉकडाउन से पहले झील की स्वच्छता बनाए रखने के लिए वहां सूर्यास्त के बाद किसी को रुकने नहीं दिया जाता था। आज नैनीताल स्थित नैनी झील न केवल काफी स्वच्छ हो गई है बल्कि उसका पानी इतना साफ हो गया है कि काफी गहराई तक वहां मछली की हलचल देखी जा सकती है।

पारदर्शी हुआ नैनीताल झील का पानी

इस लॉकडाउन से न केवल देश भर में कोरोना पर अंकुश लगा है बल्कि पर्यावरण को भी स्वच्छ बना दिया है। पहाड़ी इलाका होने की वजह से नैनीताल में काफी पर्यटक आते हैं। इस वजह से न केवल नैनी झील की दुर्दशा हो गई थी बल्कि उसका पानी भी काफी प्रदूषित हो गया था। इतना प्रदूषित की अंदर कुछ दिखाई तक नहीं देता था। लेकिन इस लॉकडाउन के दौरान न केवल झील स्वच्छ हो गई है बल्कि उसका पानी भी इतना साफ हो गया है कि उसके अंदर मछली की हलचल दिखाई देने लगी है।

लॉकडाउन से नैनी झील को हुआ लाभ

नैनीताल की नैनी झील की न केवल निर्मलता चली गई थी बल्कि वह इतनी मैली हो गई थी कि उसके अंदर कुछ दिखाई नहीं पड़ता था। नैनी झील को नैनीताल की जीवनदायिनी कहा जाता है। अब इस झील का पानी बहुत स्वच्छ और साफ हो गया है। और यह यह सब संभव हुआ है लॉकडाउन के कारण। लॉकडाउन के दौरान पर्यटक गतिविधियां झील में थमने से पानी साफ हो गया। झील का मटमैलापन भी बेहद कम हुआ है और इसके पानी की गुणवत्ता भी सुधरी है। पर्यावरणविदों का कहना है कि जब से यह समय शुरू हुआ है इसका सबसे सकारात्मक प्रभाव नैनीताल की जैव विविधता, नैनीताल के सौंदर्य और विशेष रूप से नैनी झील पर पड़ा है।

काफी खूबसूरत बन गई है नैनीताल झील

पर्यावरणविदों का कहना है कि पहले महज सात फिट की गहराई तक मछली का मूवमेंट दिखता था, जबकि अभी मछली की चहल-पहल 25 फीट तक दिखाई देने लगी है। झील का पानी इतना साफ हो गया है कि उसमें पड़ने वाली परछाई की तस्वीरें भी काफी साफ दिखाई देती हैं। लॉकडाउन की वजह से इस झील में बहुत सुधार हुआ है। इस समय यह झील न केवल प्रदूषणरहित हो गई है बल्कि उसका जलस्तर भी बढ़ गया है, और उसकी खूबसूरती भी बढ़ गई है।

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