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ये है केजरीवाल का पंजाब मॉडल, 11 गारंटी का हाल देख लीजिए, रोडवेज कर्मियों को समय पर वेतन नहीं, किसान धरना देने को मजबूर, सरकार पर करोड़ों का कर्ज चढ़ा

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दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल मुफ्त की रेवड़ी बांटने में माहिर खिलाड़ी हो गए हैं। दिल्ली से लेकर जिस प्रदेश में भी वह चुनाव लड़ते हैं वहां मुफ्त की गारंटी जरूर बांटते हैं। मुफ्त की गारंटी सुनने में बड़ा अच्छा लगता है और लोग सोचते हैं कि चलो मुफ्त का मिल रहा है तो वोट इन्हें ही दे देते हैं। दिल्ली और पंजाब की जनता इस झांसे में आ चुकी है। लेकिन इन मुफ्त की गारंटी का हाल सरकार बन जाने के बाद पता चलता है। मुफ्त की गारंटी बांटकर पंजाब में सरकार बनाने वाले केजरीवाल आज पंजाब को हर क्षेत्र में रसातल में पहुंचा रहे हैं। पंजाब में किसान अनिश्चितकालीन धरना दे रहे हैं, खालिस्तानी आंतकवाद सिर उठा रहा है, नशे का कारोबार फल-फूल रहा है, कानून व्यवस्था ध्वस्त हो गई है और आए दिन हत्या, अपहरण, लूटपाट की वारदातें हो रही हैं। पंजाब चुनाव से पहले केजरीवाल ने प्रदेश के लोगों को 11 प्रमुख गारंटी का झुनझुना थमाया था। केजरीवाल के झूठे वादों की राजनीति अब पंजाब की जनता को समझ आ गई है इसीलिए वह सड़कों पर उतर आई है। अब पंजाब लोग खुद कह रहे हैं- पूरा पंजाब रो रहा है, हमने AAP को वोट देकर बहुत गलत किया, AAP को वोट देने का मतलब बच्चों का भविष्य खराब करना है।

पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार बने आठ महीने हो गए हैं। केजरीवाल की दी हुई गारंटी की सच्चाई सबके सामने है। आप भी जान लीजिए…

पहली गारंटी – सभी को मुफ्त बिजली !!

मुफ्त बिजली से पावर सेक्टर हो जाएगा कंगाल, करोड़े रुपये का पड़ेगा अतिरिक्त बोझ

सब्सिडी देने के बाद, PSPCL को ऐसी स्थिति में ला दिया गया कि अब उसे अपनी दैनिक आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए ऋण लेना पड़ रहा है, जिसमें बाहर के स्रोतों से बिजली खरीदना भी शामिल है। इसका कर्ज 18,000 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। हर माह 300 यूनिट मुफ्त बिजली देने की पंजाब सरकार की योजना राज्य के पावर सेक्टर के लिए कई दिक्कतें पैदा कर सकती है। इसका लाभ लेने के लिए राज्य में 60 हजार से ज्यादा घरेलू उपभोक्ता दूसरा बिजली मीटर लगवाने के लिए आवेदन कर चुके हैं। इनमें से 5 हजार से ज्यादा आवेदन विभिन्न आपत्तियों के कारण रद किए जा चुके हैं। विशेषज्ञों के अनुसार अगर 50 हजार उपभोक्ताओं के आवेदन भी स्वीकार कर लिए जाते हैं, तो प्रत्येक उपभोक्ता की 200 यूनिट प्रति माह की खपत को औसत मानते हुए राज्य में बिजली की खपत 100 लाख यूनिट तक बढ़ जाएगी। राज्य पहले ही बिजली की कमी के कारण संकट झेल रहा है। बिजली मुफ्त देने और उसके बदले सब्सिडी का भुगतान न होने से पावरकाम का वित्तीय संकट गहराएगा। वह अपने सिस्टम को समय- समय पर अपग्रेड नहीं कर पाएगा।

दूसरी गारंटी – सभी महिलाओं को 1000 रुपये प्रति माह

महिलाओं को झटका, अभी नहीं मिलेंगे 1000 रुपये महीने

आप की सरकार बने 8 महीने हो गए लेकिन महिलाओं को एक भी रुपया नहीं दिया गया है। पंजाब के बजट ने प्रदेश की 18 वर्ष से ऊपर की युवतियों और महिलाओं को मायूस किया है। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बजट में रोजगार, महिला सुरक्षा आदि के लिए कई प्रावधान किए लेकिन महिलाओं को 1000 रुपये प्रति माह देने की आम आदमी पार्टी की चुनावी गारंटी पर चुप रहे। बजट में इस गारंटी का न जिक्र किया गया और न ही कोई प्रावधान है। विधानसभा चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने विभिन्न चुनावी जनसभाओं के दौरान गारंटी दी थी कि राज्य में आप की सरकार सरकार बनते ही सबसे पहले 18 साल से ऊपर की सभी महिलाओं को प्रति माह 1000 रुपये उनके बैंक खाते में भेजे जाएंगे। पंजाब में आप सरकार के तीन माह बीत जाने के बाद भी महिलाओं के खातों में 1000 रुपये नहीं पहुंचे। माना जा रहा था कि हिमाचल प्रदेश के विधानसभा चुनाव की तैयारी कर रही आम आदमी पार्टी पंजाब के बजट में इस गारंटी के लिए धन की व्यवस्था करके पंजाब ही नहीं हिमाचल में भी महिलाओं की वाहवाही लूटना का प्रयास करेगी। प्रदेश में महिलाओं को प्रति माह 1000 रुपये देने के लिए राज्य सरकार को प्रति वर्ष 12 हजार करोड़ रुपये की आवश्यकता होगी लेकिन नए बजट में सरकार पहले ही भारी वित्तीय बोझ तले दबी दिखाई दे रही है। वित्त मंत्री ने 1,55,860 करोड़ रुपये के खर्च का बजट पेश किया है, जिसमें राज्य की कुल प्राप्तियों का अनुमान 1,51,129 करोड़ रुपये का है। वहीं राज्य पर चढ़े 2,84,870.03 करोड़ के कर्ज और उसके ब्याज की अदायगी पर इस साल कुल 36068.67 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।

तीसरी गारंटी – महिलाओं को मुफ्त बस यात्रा

बस स्टाफ को सैलरी देने के लिए पैसे नहीं बचे, फ्री सवारियों से घाटे में PRTC-PUNBUS; 300 करोड़ बकाया

पंजाब सरकार के लिए आर्थिक तंगी से जूझ रहे अपने विभागों को संकट से उबारना एक चुनौती बन गया है। दिवाली के मौके पर भी सरकार से PRTC और पनबस के कर्मचारियों को समय पर सैलरी नहीं मिली। ऐसा नहीं है कि सैलरी देने में देरी होने का यह पहला मौका है, बल्कि कई महीने से या तो सैलरी समय से नहीं दी जा रही या फिर किस्तों में दी जा रही है। शिअद के नेता बिक्रमजीत सिंह मजीठिया ने AAP सरकार पर सवाल खड़े करते हुए कहा है कि पंजाब सरकार PRTC के कर्मचारियों को सितंबर महीने की सैलरी न देकर दिवाली पर उन्हें अंधेरे में धकेल रही है। सरकार को समझना होगा कि हर किसी पर अपने घरों की देखभाल की जिम्मेदारी है। रोडवेज की बसों की तरह ही ट्रांसपोर्ट विभाग भी खस्ताहालत में है। पिछली सरकार के समय पनबस में 587 नई बसों को शामिल किया गया था लेकिन इन बसों को चलाने के लिए रोडवेज के पास न ड्राइवर हैं और न ही कंडक्टर की पूरी संख्या है। हालात यह है कि नई बसों से लेकर पुरानी बसें भी रोडवेज के शेड में खड़ी रहती हैं।

चौथी गारंटी – सरकारी कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना

पंजाब में पुरानी पेंशन योजना लागू करना आसान नहीं

फंड की कमी के कारण ओपीएस अभी तक लागू नहीं हो सका है। आप सरकार के झूठे वादों का पर्दाफाश करने के लिए सरकारी कर्मचारियों गुजरात का दौरा करने की योजना बनाई है। पंजाब में कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना लागू करना आप सरकार के लिए आसान नहीं है। पंजाब की तरह छत्तीसगढ़ और राजस्थान सरकारों ने भी पुरानी पेंशन योजना को फिर से लागू करने की घोषणा की थी, लेकिन जब पेंशन फंड एंड रेगुलेटरी अथारिटी (पीएफआरडीए) ने योजना के बीच में ही पैसा देने से मना कर दिया तो यह अधर में लटक गई। पंजाब सरकार ने भी यह जानते हुए भी कि छत्तीसगढ़ और राजस्थान सरकारों को इसकी मंजूरी नहीं मिली है, कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना को लागू करने की घोषणा कर दी। राज्य के मुख्य सचिव वीके जंजुआ का कहना है कि सरकार कानूनी राह तलाश कर रही है ताकि जब हम इस योजना को लागू करें तो कोई कानूनी अड़चन न आए। दरअसल, दो महीने पहले मुख्यमंत्री भगवंत मान ने एक ट्वीट करते हुए 2004 से बंद पुरानी पेंशन योजना को लागू करने का निर्णय किया और मुख्य सचिव वीके जंजुआ से इसके वित्तीय भार का अध्ययन करने के लिए कहा था। 2004 से लेकर 2022 तक कर्मचारियों ने नई पेंशन योजना में अपने हिस्से का दस प्रतिशत और सरकार के हिस्से का 14 फीसदी मिलाकर पीएफआरडीए के पास जो राशि जमा करवाई है, वह इस समय 18 हजार करोड़ रुपये की हो गई है।

पांचवीं गारंटी – नशा मुक्त राज्य

केजरीवाल ने कहा था तीन महीने के अंदर नशा खत्म कर देंगे, 8 महीने हो गए, गारंटी की हवा निकल गई

पंजाब चुनाव के दौरान केजरीवाल ने कहा था कि कभी पंजाब के नौजवानों का पूरी दुनिया में डंका बोलता था लेकिन पंजाब के घर-घर में नशा पहुंच गया और नौजवानों को इससे बहुत नुकसान पहुंचा है। केजरीवाल ने कहा था कि कुछ बच्चे कनाडा चले गए और बाकी जवानी नशे में डूबी हुई है। गांव-गांव के अंदर खुलेआम नशा बिक रहा है। पिछली बार जब कांग्रेस की सरकार आई थी, तब उन्होंने कहा था कि हम नशा बंद करेंगे। लेकिन कोई नशा बंद नहीं हुआ और आज भी नशा उसी तरह बिक रहा है। क्योंकि इन सबकी सांठगांठ हैं। सारी पार्टियों की और नशा बेचने वाले सारे गिरोह की आपस में सांठगांठ हैं। हम इस पूरे सिंडिकेट को खत्म करेंगे। नशा बेचने वाले पूरे गिरोह को खत्म करेंगे। नशा माफिया को खत्म करेंगे और नशे से अपने बच्चों को बाहर निकाल कर पंजाब को नशा मुक्त करेंगे। लेकिन तीन महीने में ड्रग्स का नशा खत्म करने का उनका वादा खोखला ही साबित हुआ और अब आठ महीने हो गए हैं उल्टे नशा बढ़ ही गया है। दूसरी तरफ शराब सस्ती कर दी गई है।

छठी गारंटी – पराली जलाना कम करेंगे

पराली को सोना बताने वाले केजरीवाल को अब नहीं मिल रहा समाधान

हकीकत यह है कि जहां हरियाणा और यूपी में पराली जलाने में कमी देखी गई है, वहीं पंजाब सरकार पराली जलाने को रोकने में विफल रही है। दिल्ली में प्रदूषण से लोगों का जीना दूभर हो गया है। प्रदूषण हमारी जिंदगी पर कितना असर डाल रहा है, इस पर कुछ समय पहले एक रिपोर्ट आई थी जिसमें कहा गया है कि प्रदूषण का बढ़ता लेवल हर दिल्ली वाले की जिंदगी 10 साल कम कर रहा है। लेकिन सात से अधिक वर्षों से दिल्ली की सत्ता पर काबिज मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल इसका कोई समाधान नहीं निकाल पाए हैं। जब पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार नहीं थी तब वह साल दर साल दिल्ली में प्रदूषण के लिए पंजाब को जिम्मेदार ठहरा कर पल्ला झाड़ लेते थे। पंजाब में AAP की सरकार बनने के पहले दिल्ली प्रदूषण के लिए पंजाब की पराली जिम्मेदार थी, तब केजरीवाल को पराली से सोना, कोयला, बिजली, गत्ता फैक्टरी सब बनाने आता था। जब पंजाब में उनकी सरकार नहीं थी तब उन्होंने पराली के निपटान के कई समाधान पेश किए थे। लेकिन अब जब सरकार उन्हीं की है तो उन समाधान पर काम क्यों नहीं हो रहा है। कल तक दिल्ली के प्रदूषण के लिए पंजाब को जिम्मेदार ठहराने वाले केजरीवाल के सुर अब बदल गए हैं। अब वह फिर वही बात दोहरा रहे हैं कि केंद्र सरकार को इसका समाधान निकालना चाहिए।

7वीं गारंटी- फसलों पर MSP

किसान सड़कों पर हैं, उधर किसानों की मांग पर भगवंत मान का नया पैंतरा

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के करीबी और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान भी अब झूठ बोलने और अपनी बातों से पलटने में माहिर होते जा रहे हैं। पंजाब के किसान भगवंत मान के संगरूर आवास पर पिछले कई दिनों से दिनों से धरना प्रदर्शन दे रहे हैं और अपनी मांगे पूरी करने की अपील कर रहे हैं। लेकिन सरकार बनने के बाद से ही पिछले आठ महीने से भगवंत मान किसानों की मांगें पूरी करने का झुनझुना थमा रहे हैं। अब भगवंत मान ने नया पैंतरा चला है कि राज्य सरकार से जुड़ी किसानों की मांगें वह पूरी कर चुके हैं और जो केंद्र सरकार से संबंधित हैं उन्हें केंद्र को भेज दिया गया है। यानी वादे केजरीवाल और मान करेंगे और वादे को पूरा केंद्र की मोदी सरकार करेगी। भगवंत मान ने कहा कि राज्य सरकार से जुड़ी सभी मांगें पूरी की जा चुकी हैं। जो मांगे केंद्र से संबंधित हैं, उन्हें वहां भेज दिया गया है। राज्य सरकार लगातार उनकी पैरवी भी कर रही है। किसानों से कई बार मीटिंग भी हो चुकी है। वहीं किसान यूनियन एकता उगराहां के प्रांतीय प्रधान जोगिंदर सिंह उगराहां ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान ने झूठे वादे कर लोगों को गुमराह किया है। उन्होंने कहा कि धरने के दौरान जान गंवाने वाले 2 किसानों के परिवारों को 10-10 लाख रुपए मुआवजे की मांग पर अभी तक सरकार ने कोई फैसला नहीं किया है। किसान नेता ने कहा कि उनकी मांगे भगवंत मान को पूरी करनी हैं। उनके साथ कई बार मीटिंग करनी पड़ती हैं। पहली बार मांग मनवाने और फिर उसे लागू करवाने के लिए भी धरना देना पड़ रहा है। संगरूर में किसानों का अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन संगरूर-पटियाला मुख्य मार्ग पर चल रहा है। पटियाला बाइपास से फ्लाईओवर तक करीब 3 किलोमीटर के रास्ते पर किसान बैठे हैं। किसानों के ट्रैक्टर-ट्रॉली और लंगर का सामान सड़क के दोनों किनारों पर रखा है। किसानों की रोजाना की जरूरत का अन्य सामान भी वहीं रखा है।

8वीं गारंटी – संविदा कर्मचारियों को नियमित करेंगे और वेतन बढ़ाएंगे

पंजाब में सरकार बने 8 महीने हुए, शिक्षकों से किया वादा नहीं हुआ पूरा

इस गारंटी की हकीकत यह है कि शिक्षकों से लेकर आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं से लेकर पूर्व फौजियों तक हर कोई आप सरकार के खिलाफ सड़क पर है। पंजाब के सोहाना स्थित पानी की टंकी पर चढ़ी दो PTI टीचर नौकरी नहीं मिलने पर लगातार पंजाब सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रही हैं। कांग्रेस सरकार के समय से विरोध कर रही फिजिकल ट्रेनिंग इंस्ट्रक्टर, सिप्पी शर्मा ने कहा कि AAP की पंजाब सरकार 8 महीने से उन्हें गोली दे रही है। उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले दिल्ली के CM एवं AAP के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने मोहाली, पानी की टंकी के पास आकर उन्हें AAP की सरकार बनने पर सभी 646 PTI को नौकरी देने का भरोसा दिया था। लेकिन नौकरी के नाम पर उनसे धोखा किया गया है। पंजाब में अब तक की सरकारों से खुद को ठगा हुआ महसूस कर रही सिप्पी शर्मा पेट्रोल से भरी बोतल लेकर पानी की टंकी पर चढ़ी। इसका पता लगने पर स्थानीय पुलिस भी मौके पर पहुंची। लेकिन सिप्पी शर्मा ने विरोध खत्म करने से इनकार कर दिया। उन्होंने CM भगवंत मान, दिल्ली CM अरविंद केजरीवाल और शिक्षा मंत्री से मेरिट लिस्ट जारी करने की अपील की है।

9वीं गारंटी- पंजाब की कानून व्यवस्था पर काम करेंगे

पंजाब में कानून व्यवस्था पर घिरी आप सरकार

आप सरकार की अक्षमता और घटिया कारगुजारी के कारण पंजाब में कानून व्यवस्था की स्थिति अत्यंत दयनीय है। लोगों में डर का माहौल है। यह बात पूर्व डिप्टी सीएम व मौजूदा विधायक सुखजिंद्र सिंह रंधावा ने कही। उन्होंने कहा कि पंजाब में रोजाना हत्या, डकैती और गुंडागर्दी की घटनाओं को अंजाम दे रहे बेखौफ गुंडों को पुलिस और सरकार का कोई डर नहीं है। इससे स्थिति दिन व दिन बिगड़ती जा रही है। यह पंजाब का दुर्भाग्य है कि रोजाना हो रही हत्याओं और खराब कानून व्यवस्था के बावजूद राज्य के मुख्यमंत्री की ओर से कोई बयान नहीं आया है। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि पंजाब में कुछ महीने में कानून व्यवस्था की स्थिति खराब हुई है। राज्य की कानून व्यवस्था को देखना पंजाब सरकार का काम है। पंजाब ने वैसे ही आतंकवाद का दंश झेला है। इसका पंजाब को बहुत नुकसान हुआ है। अब पंजाब के लोग फिर ऐसा माहौल नहीं चाहते। कैप्टन ने कहा कि सब जानते हैं कि पाकिस्तान पंजाब में आतंकवाद फैला रहा है। आये दिन पाकिस्तान से ड्रोन भेजे जा रहे हैं। कैप्टन ने कहा कि जब उनकी सरकार थी तब भी ड्रोन आते थे। उन्होंने यह मुद्दा उठाया, लेकिन कुछ लोग कहते थे कि कैप्टन को सिर्फ ड्रोन दिखते हैं। उन्होंने कहा कि अब ड्रोन और अंदर घुसने लगे हैं। इनमें हथियार व नशा आ रहा है। यह राज्य के लिए खतरनाक है।

10वीं गारंटी : पंजाब में खालिस्तानी तत्वों को पनपने नहीं देंगे..

पंजाब में हिंदूवादी नेता की हत्या, हिंदू महासभा ने कहा- आप सरकार पंजाब को बनाना चाहती है खालिस्तान

पंजाब के अमृतसर में हिंदूवादी नेता सुधीर सूरी की हत्या के विरोध में अखिल भारत हिंदू महासभा ने खून से राष्ट्रपति के नाम पत्र लिखा और प्रशासन के माध्यम से अपना ज्ञापन राष्ट्रपति को भेजा। उनका आरोप था कि पंजाब में आप सरकार बनने के बाद वहां आतंकवादी घटनाएं होने लगी हैं। इसलिए राष्ट्रपति को इस मामले में एक्शन लेना चाहिए और नहीं तो पंजाब के हालात जम्मू कश्मीर के जैसे हो जाएंगे। क्योंकि इन राज्यों में हिंदू अल्पसंख्यक है। उन्होंने मांग उठाई की हिंदुओं की सुरक्षा के लिए समुचित कदम उठाए जाएं। उन्होंने बताया कि पंजाब की सरकार खालिस्तानी आतंकवादियों का खुलकर साथ दे रही है। बीते दिनों प्रधानमंत्री के काफिले में हुई सुरक्षा चूक इसका स्पष्ट प्रमाण है। उन्होंने कहा कि पंजाब में आप सरकार बनने के बाद से ही वहां हत्याओं का दौर शुरू हो गया है। इसलिए केंद्र सरकार को चाहिए पंजाब सरकार को बर्खास्त कर राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाया जाए। क्योंकि यहां की आप सरकार दहशत गर्दों की समर्थक होने के कारण इन गतिविधियों पर नियंत्रण करने में सक्षम नहीं है।

11वीं गारंटी – विश्व स्तरीय चिकित्सा सुविधा निःशुल्क..

केजरीवाल के स्वास्थ्य मॉडल की पोल खुली, पंजाब के पठानकोट में गर्भवती की डिलिवरी बरामदे में हुई

इस गारंटी की हकीकत यह है कि सरकारी अस्पतालों में न डॉक्टर, न दवाएं, न मशीन उपलब्ध हैं। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल स्वास्थ्य मॉडल की ढोल पीटते रहते हैं। पंजाब में इस साल जब आम आदमी पार्टी की सरकार बनी तो वहां के मुख्यमंत्री भगवंत मान दिल्ली के स्वास्थ्य मॉडल को देखने राष्ट्रीय राजधानी भी पहुंचे और फोटो खिंचाने के साथ ड्रामेबाजी भी हुई। लेकिन असलियत में आम आदमी पार्टी का स्वास्थ्य मॉडल क्या है इसकी पोल खुल गई है। पंजाब के पठानकोट में सितंबर 2022 में देर रात सिविल अस्पताल में इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आई। सिविल अस्पताल में रात 2 बजे डिलीवरी के लिए आई महिला को इमरजेंसी में तैनात स्टाफ ने बिना चेकअप के अमृतसर अस्पताल रेफर कर दिया। महिला की हालत खराब होने के चलते पति ने स्टाफ के सामने लाख मिन्नतें की, लेकिन उनका दिल नहीं पसीजा, उलटे उन्होंने उसे वहां से भगाने का प्रयास किया। करीब दो घंटे तड़पने के बाद महिला ने अस्पताल के बरामदे में ही बच्चे को जन्म दे दिया। पूरे मामले का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया , जिस पर लोग केजरीवाल के स्वास्थ्य मॉडल को कोस रहे हैं।

केजरीवाल ने रिश्ते की लाज नहीं रखी, पंजाब में जिसे बहन बनाया उसे ही दिया धोखा

पंजाब चुनाव के दौरान केजरीवाल ने स्थायी नौकरी के लिए संघर्ष कर रहे टीचर्स और अन्य कर्मचारियों को स्थायी करने के सपने दिखाए। लेकिन जब सपने को सच में बदलने की बारी आई तो उन अस्थायी टीचर्स और कर्मचारियों को तारीख पे तारीख मिली। जब टीचर्स ने प्रदर्शन किया तो उन्हें पुलिस की लाठियां खानी पड़ी। इससे नाराज टीचर्स और कर्मचारी केजरीवाल के चुनाव पूर्व किए गए वादे की याद दिला कर इन दिनों प्रदर्शन कर रहे हैं। पंजाब चुनाव के दौरान भी टीचर सिप्पी शर्मा ने पानी टंकी पर चढ़कर प्रदर्शन किया था और उस दौरान केजरीवाल ने उसे बहन बोलकर नीचे उतरने की अपील की और वादा किया कि सरकार बनते ही उसकी मांग पूरी की जाएगी। लेकिन अब पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार बने सात महीने हो चुके हैं और उनकी मांगों पर कोई विचार नहीं किया गया।

केजरीवाल ने कहा था- मुझे शर्म आ रही है पूरे समाज पर, अब शर्म कहां गई?

पंजाब विधानसभा चुनाव से ठीक पहले मोहाली में कुछ टीचर्स पानी की टंकी पर चढ़ गए थे। ये संविदा शिक्षक तत्कालीन चन्नी सरकार से सेवाओं को नियमित करने सहित कई मागों को लेकर दबाव बना रहे थे। जिनसे बातचीत करने अरविंद केजरीवाल और भगवंत मान पहुंचे थे। इस दौरान केजरीवाल ने सिप्पी शर्मा को कहा था कि वह उन्हें अपना भाई मानती है, तो नीचे आ जाए। केजरीवाल ने पंजाब सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि ये सरकार बहरी हो चुकी है और कोई आपकी बात नहीं सुनने वाला। केजरीवाल ने प्रदर्शनकारी टीचर्स से कहा था, “मैं आपसे गुजारिश करने के लिए आया हूं, मुझे शर्म आ रही है पूरे समाज पर, पूरी व्यवस्था के ऊपर कि हमारे शिक्षकों को आज ऐसे टंकी के ऊपर बैठकर प्रदर्शन करना पड़ रहा है। मैं आपसे विनती करने आया हूं कि आप लोग नीचे आ जाओ, मैं आपसे वादा करता हूं कि हमारी सरकार आने के बाद दिल्ली में जैसे शिक्षकों की सारी परेशानियां दूर हो गईं। वैसे ही पंजाब में भी सारी सुविधाएं दी जाएंगी।”

लोग कह रहे- पूरा पंजाब रो रहा है, हमने AAP को वोट देकर बहुत गलत किया

केजरीवाल के झूठे वादों की राजनीति अब पंजाब की जनता को समझ आ गई है इसीलिए वह सड़कों पर है। अब पंजाब लोग खुद कह रहे हैं- पूरा पंजाब रो रहा है, हमने AAP को वोट देकर बहुत गलत किया, AAP को वोट देने का मतलब बच्चों का भविष्य खराब करना है।

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