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कोरोना काल में भी रोजगार की रफ्तार तेज, दिसंबर 2021 में ESIC स्कीम से जुड़ने वाले सदस्यों की संख्या बढ़ी

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी नेतृत्व में देश में कोरोना संकट काल में भी कारोबार का माहौल बेहतर बना हुआ है। मोदी सरकार की नीतियों के कारण देश में युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़े हैं। देश में रोजगार की स्थिति बेहतर हुई है और महामारी के दौरान भी कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) से जुड़ने वाले नए सदस्यों की संख्या में रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई है।

कर्मचारी राज्य बीमा निगम की सामाजिक सुरक्षा योजना में दिसंबर, 2021 में करीब 15.26 लाख नए सदस्य शामिल हुए है। इससे पिछले महीने में यह आंकड़ा 10.39 लाख था। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) की ओर से जारी एक रिपोर्ट के अनुसार, कर्मचारी राज्य बीमा निगम की योजनाओं से सकल रूप से अप्रैल में 10.73 लाख, मई में 8.94 लाख, जून में 11.07 लाख, जुलाई में 13.23 लाख, अगस्त में 13.51 लाख, सितंबर में 13.60 लाख, अक्टूबर 2021 में 12.08 लाख और नवंबर में 10.39 लाख नए सदस्य जुड़े हैं।

नौकरियों की तलाश में लगे युवाओं के लिए यह खबर उनके चेहरे पर मुस्कान लाने वाली साबित हो सकती है। पहली बार नौकरी चाहने वाले बड़ी संख्या में संगठित क्षेत्र के वर्कफोर्स में शामिल हो रहे हैं। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय के अनुसार वित्त वर्ष 2018-19 में 1.49 करोड़, वित्त वर्ष 2019-20 में 1.51 करोड़ और वित्त वर्ष 2020-21 में 1.15 करोड़ नए सदस्य जुड़े हैं।

पिछले साल अप्रैल, 2021 में कोरोना लॉकडाउन में राहत मिलने के बाद से ढील के बाद सदस्यों की संख्या बढ़ी है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) से दिसंबर, 2021 में शुद्ध रूप से 14.60 लाख सदस्य जुड़े हैं। करीब साल भर पहले यानि दिसंबर 2020 से तुलना करें तो ये आंकड़ा लगभग 16.4 प्रतिशत अधिक है।नवंबर, 2021 में 12.17 लाख सदस्य जुड़े थे।

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन संगठित क्षेत्र में 15,000 रुपये से अधिक का मूल वेतन पाने वाले और कर्मचारी पेंशन योजना-1995 (EPS-95) के तहत अनिवार्य रूप से नहीं आने वाले कर्मचारियों के लिए एक नई पेंशन योजना लाने पर विचार कर रहा है। वर्तमान में संगठित क्षेत्र के वे कर्मचारी जिनका मूल वेतन (मूल वेतन और महंगाई भत्ता) 15,000 रुपये तक है, अनिवार्य रूप से ईपीएस-95 के तहत आते हैं। एक अनुमान के अनुसार, पेंशन योग्य वेतन बढ़ाने से संगठित क्षेत्र के 50 लाख और कर्मचारी ईपीएस-95 के दायरे में आ सकते हैं।

 

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