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जालना सहकारी शुगर फैक्ट्री : महाराष्ट्र में 8000 किसानों के साथ धोखा, डिप्टी सीएम अजित पवार समेत शिवसेना नेताओं ने हथिया ली किसानों की कीमती जमीन !

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महाराष्ट्र में महाअघाड़ी सरकार के नेता अपनी पॉवर का इस्तेमाल किसानों की जमीनों को हड़पने में भी कर रहे हैं। एक बड़े खुलासे में बताया गया कि कैसे 8000 किसानों की जमीन को धीरे-धीरे नेताओं ने हथिया लिया। इस पूरे मामले में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार पर सवाल उठ रहे हैं। इसके अलावा इसमें जालना के शिवसेना नेता अर्जुन खोतकर का भी नाम है। किसानों से बातचीत में सामने आया कि किसी किसान ने कहा कि एनसीपी के बड़े नेता अजित पवार ने उनका सब कुछ लूट लिया तो किसी ने कहा कि शिवसेना ने एनसीपी के साथ मिलकर उनकी जिंदगी को बर्बाद कर दिया।

NCP प्रमुख शरद पवार के भतीजे अजित पवार पर भी उठ रहे हैं सवाल
टाइम्स नाउ नवभारत ने किसानों के साथ हुए धोखे का खुलासा किया है। इसमें महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और NCP प्रमुख शरद पवार के भतीजे अजित पवार पर भी सवाल उठ रहे हैं। मुंबई से 400 किमी दूर महाराष्ट्र के जालना जिले की सहकारी शुगर फैक्ट्री और इसकी जमीन को एनसीपी और शिवसेना ने नेता मिलकर खुर्द-बुर्द करने में लगे हुए हैं। बाला साहब पवार जब 80 के दशक में जालना सीट से सांसद थे। तब उन्होंने ही सहकारिता के जरिए जालना की रामनगर शुगर फैक्ट्री के निर्माण का प्लान बनाया था।

कर्ज लेकर, गहने बेचकर करीब आठ हजार किसान शुगर फैक्ट्री से जुड़े थे
चार दशक पहले शुगर फैक्ट्री के लिए 7861 किसान जुड़े, उन्होंने कर्ज लिया और जेवर तक बेचे। सात करोड़ 52 लाख रुपए जोड़े। किसानों ने 175 एकड़ जमीन दी, सरकार ने 100 एकड़ जमीन दी। सरकार ने 4 करोड़ 3 लाख रुपए का फंड दिया। 10 साल तक फैक्ट्री सफलता से चली। 1997-1998 में इसमें अजित पवार की एंट्री हुई, बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स चेंज हुए। आरोप है कि कब्जा करने की साजिश यहीं से रची गई, करीब 8 हजार किसानों का सब कुछ बर्बाद हो गया।

राज्य में 49 शुगर फैक्ट्रियां बंद, 25 हजार करोड़ की जालसाजी : हजारे
देश में आंदोलन का सबसे बड़ा चेहरा समाजसेवी अन्ना हजारे की मानें तो महाराष्ट्र सरकार की लापरवाही और अनदेखी के चलते इस समय में 49 शुगर फैक्ट्रियां बंद पड़ी हैं या फिर नेताओं की मिलीभगत से घाटा दिखाकर बंद करा दि गई हैं। इस सारे गोरखधंधे में 25 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का भ्रष्टाचार हुआ है। यदि एक फैक्ट्री से औसतन छह-सात हजार किसान भी जुड़ें तो करीब 3 लाख से ज्यादा किसान नेताओं की जालसाजी का शिकार हुए हैं।

भ्रष्टाचार में मिले हुए हैं एनसीपी और शिवसेना के नेता
जालना की रामनगर शुगर फैक्ट्री से जुड़े हमारे पास जो दस्तावेज हैं, और हमें जो बयान मिले हैं। उसके मुताबिक जालना की रामनगर शुगर फैक्ट्री में भ्रष्टाचार का ये खेला 1997-98 से ही चालू हो चुका था। जो फैक्ट्री की नीलामी तक पहुंचा और फिर प्रॉक्सी कंपनी के जरिए फैक्ट्री को बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में ही शामिल शिवसेना नेता अर्जुन खोतकर ने खरीद लिया। आरोप है कि स्थानीय शिवसेना नेता खोतकर और डिप्टी सीएम पवार आपस में मिले हुए हैं।

 

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