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किसान आंदोलन में पॉर्न स्टार की एंट्री के बाद सोशल मीडिया पर टॉप ट्रेंड कर रहा है #IndiaAgainstPropaganda और #IndiaWithModi

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किसान आंदोलन में पॉर्न स्टार मिया खलीफा और पॉप सिंगर रिहाना की एंट्री हो गई है। मिया खलीफा दुनिया भर में सबसे ज्यादा देखी जाने वाली पॉर्न स्टार है, जबकि रिहाना अपने गाने से ज्यादा न्यूड फोटोग्राफी, फैशन और नशे को लेकर चर्चा में रहती है। ऐसे में सोशल मीडिया पर यूजर्स सवाल कर रहे हैं कि क्या अब आंदोलन भी खड़ा करेगी मिया खलीफा? क्या किसी ने सोचा था कि खालिस्तान के नारे से शुरू हुआ आंदोलन पॉर्न स्टार के रहमों-करम पर आ टिकेगा। मिया खलीफा, रिहाना और ग्रेटा थनबर्ग का कमजोर पड़ते किसान आंदोलन को समर्थन वैसै ही नहीं है। यह एक अंतरराष्ट्रीय साजिश की ओर भी इशारा करता है। कनाडा में रहने वाले जगमीत सिंह ने किसान आंदोलन का समर्थन करने के लिए सिंगर रिहाना को बधाई दी है। भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, कनाडा की दूसरी सबसे बड़ी पार्टी न्यू डेमोक्रेटिक पार्टी का नेता जगमीत न सिर्फ खालिस्तान समर्थक गतिविधियों के लिए धन जुटाता है, बल्कि अमेरिका में भी भारत विरोधी गतिविधियों में शामिल रहा है।

ऐसे में इन लोगों को करारा जवाब देते हुए विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा है कि भारत की संसद ने पूरी चर्चा के बाद कृषि क्षेत्र में सुधार के लिए कानून पास किए थे। ये कानून किसानों को बड़ा बाजार मुहैया कराएंगे और उनके लिए अपनी फसल बेचना पहले से आसान होगा। ये कानून पारिस्थितिक और आर्थिक रूप से स्थायी खेती का रास्ता भी साफ करते हैं।

बयान में कहा गया है कि भारत के किसानों के एक छोटे से हिस्से के मन में कानूनों को लेकर कुछ संशय हैं। उनकी भावनाओं का ध्यान रखते हुए भारत सरकार ने उनके प्रतिनिधियों के साथ कई दौर की बातचीत की। केंद्रीय मंत्री बातचीत में शामिल हुए और 11 दौर की बातचीत हो चुकी हैं। सरकार ने यहां तक कि कानूनों को रोकने का भी प्रस्ताव दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह प्रस्ताव दोहराया भी। इन आंदोलनों पर कुछ स्वार्थी समूहों को अपना एजेंडा थोपते देखना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।

विदेश मंत्रालय के बयान मेंं कहा गया है कि यह भारत के गणतंत्र दिवस यानी 26 जनवरी को देखा भी गया, जब भारत के संविधान लागू होने की वर्षगांठ के दिन भारतीय राजधानी में हिंसा और बर्बरता हुई। इन स्वार्थी समूहों में से ही कुछ ने भारत के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय समुदाय से समर्थन पाने की भी कोशिश की। इन समूहों के उकसावे की वजह से ही दुनिया के कई हिस्सों में महात्मा गांधी की प्रतिमा का अपमान किया गया। यह भारत और दुनिया के हर सभ्य समाज के लिए बहुत परेशान करने वाला था। भारतीय पुलिस बल इन प्रदर्शनों से बहुत ही संयम से निपटे। यह महत्वपूर्ण है कि सैकड़ों महिला और पुरुष पुलिस कर्मियों पर हमला किया गया। कुछ जगहों पर तो उनपर हथियार से वार किया गया और वे गंभीर रूप से घायल भी हुए। हम आग्रह करेंगे कि इस तरह के मामलों पर बयानबाजी करने से पहले तथ्यों का पता लगाया जाए और इस मुद्दे पर उचित समझ बनाई जाए। सनसनीखेज सोशल मीडिया हैशटैग और कमेंट्स से लुभाने का तरीका, खासतौर पर जब मशहूर हस्तियां ऐसा करें, न तो सही है और नही यह जिम्मेदाराना हरकत है।

बयान के आखिर में विदेश मंत्रालय ने #IndiaTogether और #IndiaAgainstPropaganda हैशटैग इस्तेमाल किए हैं। इसके बाद सोशल मीडिया पर #IndiaAgainstPropaganda के साथ #IndiaWithModi टॉप ट्रेंड कर रहा है।

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