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मोदी सरकार के प्रयास से कुवैत में भारतीय श्रमिकों को मिलेगा कानूनी संरक्षण, दोनों देशों में हुआ समझौता

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कुवैत में काम करने वाले भारतीय श्रमिकों को बड़ी राहत मिली है। मोदी सरकार के प्रयास से भारत और कुवैत ने एक सहमति पत्र पर दस्तखत किया है, जिसके तहत इस खाड़ी देश में काम करने वाले भारतीय घरेलू कामगारों को कानून के दायरे में लाया जाएगा। इसके अलावा उन्हें कानूनी संरक्षण भी मिलेगा। इस सहमति पत्र पर भारतीय राजदूत सिबी जार्ज और कुवैत के उप विदेश मंत्री माजदी अहमद अल-दारिफी ने दस्तखत किया। इस दौरान विदेश मंत्री एस जयशंकर और उनके कुवैती समकक्ष शेख अहमद नासेर अल-मुहम्मद अल-सबाह भी मौजूद थे।

कुवैत के विदेश मंत्री शेख अहमद नासेर अल-मुहम्मद अल-सबाह ने भारत के साथ अपने देश के गहरे संबंधों की सराहना की और कहा कि ये द्विपक्षीय संबंध हमेशा ही आगे बढ़ते रहे हैं। उन्होंने दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंध स्थापित होने के 60 साल पूरे होने की पृष्ठभूमि में यह बात कही। कुवैत के विदेश मंत्री ने अपने भारतीय समकक्ष एस जयशंकर से यहां मुलाकात की। जयशंकर विदेश मंत्री के तौर पर अपनी पहली कुवैत यात्रा पर गुरुवार को आए थे।

जयशंकर ने बृहस्पितवार को कुवैत प्रधानमंत्री शेख सबा खालिद अल-हमाद अल-सबा से मुलाकात की। उस दौरान उन्होंने उन्हें कुवैत के अमीर शेख नवाफ अल-अहमद अल-जाबिर अल-सबा के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा भेजा गया निजी पत्र सौंपा।

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने खाड़ी देशों में भारत के राजदूतों के साथ बैठक की और क्षेत्र के लिए विमान सेवा जल्द से जल्द बहाल करने और कोविड-19 के व्यवधान के कारण अलग हुए परिवारों को फिर से मिलाने की व्यवस्था करने समेत कई मुद्दों पर चर्चा की। जयशंकर ने कुवैत में भारतीय दूतावास में अन्य राजदूतों की मौजूदगी में महात्मा गांधी की आवक्ष प्रतिमा का अनावरण किया। विदेश मंत्री ने ट्वीट किया, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), ईरान, कुवैत, ओमान, कतर और बहरीन में भारतीय राजदूतों से सार्थक बैठक की अगुआई की।

सहमति पत्र के अनुसार, एक तंत्र की स्थापना की जाएगी, जो घरेलू कामगारों को 24 घंटे मदद मुहैया कराएगा। इसमें आवधिक समीक्षा और मूल्यांकन के लिए एक संयुक्त समिति के गठन की बात कही गई है, जो सहमति पत्र के कार्यान्वयन को लेकर वार्षिक बैठकें आयोजित करेगी। विदेश मंत्री जयशंकर ने एक संग्रहालय में कुवैत के व्यापार इतिहास और समुद्री परंपराओं की झलक देखी। भारत के साथ सहयोग की जो नींव वर्षों पहले रखी गई थी, उसे अब और मजबूत किया जा रहा है।

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कुवैत में चिंतित प्रवासी भारतीयों को आश्वासन दिया कि भारत में कोरोना की दूसरी लहर कम हो रही है और सरकार ने महामारी को रोकने के लिए मुश्किल दिख रहे कार्य को संभव कर दिखाया। गौरतलब है कि कुवैत में 10 लाख से ज्यादा भारतीय रहते हैं। भारत कुवैत के सबसे बड़े व्यापारिक साझेदारों में से एक है और कुवैत भारत के लिए तेल का एक प्रमुख आपूर्तिकर्ता है। 

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