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मोदी सरकार की एक और बड़ी उपलब्धि, भारत पहली बार शीर्ष 25 रक्षा उत्पादों के निर्यातक देशों की लिस्ट में शामिल

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘मेक इन इंडिया’ और ‘लोकल फॉर ग्लोबल’ का मंत्र अब अपना असर दिखा रहा है। भारत अपने रक्षा उपकरणों के उत्पादन में आत्मनिर्भरता की तरफ अग्रसर होने के साथ ही बड़े निर्यातक के रूप में उभर रहा है। स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट 2020 की रिपोर्ट का हवाला देते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार (21 अक्टूबर, 2021) को बताया कि भारत अब रक्षा उत्पादों के निर्यात करने वाले शीर्ष 25 देशों की सूची में शामिल हो गया है। भारत रक्षा निर्यात में वैश्विक लीडर बने इसके लिए रक्षा मंत्रालय लगातार प्रयास कर रहा है।

बेंगलुरु के दो दिवसीय दौरे पर गए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि मुझे आपको यह बताते हुए खुशी हो रही है कि स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट 2020 की रिपोर्ट के अनुसार, भारत पहली बार शीर्ष 25 रक्षा उत्पादों के निर्यातक देशों की सूची में है। उन्होंने कहा कि रक्षा निर्यात का मतलब हमारी क्षमता और मानक में वृद्धि है। उन्होंने आगे कहा कि रक्षा उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने और भारत को वैश्विक रक्षा आपूर्ति श्रृंखला का हिस्सा बनाने के लिए हमने 2024-25 तक 1,75,000 करोड़ के कारोबार का लक्ष्य रखा है। इसमें एयरोस्पेस, रक्षा उपकरण और सेवाओं में 35,000 करोड़ के मूल्य का निर्यात शामिल है।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार (12 अक्टूबर, 2021) सुबह ट्वीट कर कहा कि उन्हें बेंगलुरु में वैमानिकी विकास प्रतिष्ठान में एक सिम्युलेटर पर तेजस एलसीए (हल्का लड़ाकू विमान) उड़ाने का ‘अद्भुत अनुभव’ मिला। उन्होंने सिम्युलेटर के काकपिट पर बैठे हुए अपनी एक तस्वीर पोस्ट की। एक प्रशिक्षित पायलट उसके बगल में बैठा था और नियंत्रण कर रहा था।

हाल ही में राजनाथ सिंह ने नौसेना कमांडर सम्मेलन के तीन दिवसीय दूसरे संस्करण को संबोधित करते हुए कहा था कि भारत हिंद महासागर क्षेत्र को नौवहन की नियम आधारित स्वतंत्रता और मुक्त व्यापार जैसे सार्वभौमिक मूल्यों के साथ देखता है जिसमें सभी प्रतिभागी देशों के हितों की रक्षा हो। राजनाथ सिंह ने कहा कि व्यापार और अन्य आर्थिक गतिविधियों को बढ़ाने के लिए भारतीय समुद्र क्षेत्र में शांति एवं स्थिरता कायम रखने की बेहद जरूरत है।

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