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ऐतिहासिक होगा काशी विश्वनाथ कॉरिडोर का लोकार्पण, PM Modi करेंगे जनता को समर्पित, काशी में तीन दिन मनेगी ‘शिव दिवाली’

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काशी विश्वनाथ कॉरिडोर अपने भव्यतम, दिव्यतम स्वरूप में तैयार है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा इसका लोकार्पण किया जाएगा। सोमवार को पीएम मोदी इसे जनता को समर्पित करेंगे। शिव की नगरी काशी में 12, 13, और 14 दिसंबर को देव दिवाली जैसा माहौल रहेगा। काशी शिव भक्तों को अपनी दिव्यता का अहसास कराएगी। गंगा के किनारों को लाइटिंग और दियों से सजाएंगे। नावों पर और गंगा किनारे की इमारतों पर विशेष लाइटिंग होगी।

बाबा विश्वनाथ की पसंद के 12 टन फूलों से सजाया जाएगा
काशी के प्रमुख मंदिरों की विशेष सजावट की जा रही है। 13 दिसंबर को हर घर में दीप प्रज्जवलन होगा। पूरे कॉरिडोर को बाबा विश्वनाथ की पसंद के 12 टन फूलों से सजाया जाएगा। इसके लिए मदार, गुलाब, गेंदा आदि फूलों कि खेप दूसरे राज्यों और विदेशों से मंगाई जा रही है।काशी के सात लाख घरों में प्रसाद भेजा जाएगा
लोकार्पण के बाद काशी के हर घर में बाबा का प्रसाद भेजने की व्यवस्था की जा रही है। 13 दिसंबर से 12 जनवरी तक श्री काशी विश्वनाथ धाम के अंदर 30 बड़े कार्यक्रम होगे। संस्कृति आय़ोजन के सह प्रभारी अश्वनी पांडे बताते हैं कि सभी रास्ते, चौराहों, मंदिरों गंगा तट पर भव्य सजावट की तैयारी है।

सभी 12 ज्योतिर्लिंग और 51 सिद्ध पीठों के पुजारी भी शामिल होंगे
कार्यक्रमों को भव्य बनाने के लिए देश भर के संत-महात्मा, विद्वत जन आने वाले हैं। देश के सभी 12 ज्योतिर्लिंग और 51 सिद्ध पीठों के पुजारी भी शामिल होंगे। 14 दिसंबर को बीजेपी शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों का सम्मेलन भी काशी में होगा। 17 को देशभर के सभी महापौर काशी पहुंच रहे हैं। पीएम मोदी ने यह कॉरिडोर बनाकर सनातन धर्मावलंबियों में छवि मजबूत की है। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री मोदी ने 8 मार्च 2019 को इसकी आधारशिला रखी थी। उस समय बजट 339 करोड़ था, बाद में इसे 800 करोड़ रुपए कर दिया गया।

ललिता घाट से गंगा जल लेकर पैदल गर्भ गृह पहुंचेंगे
प्रधानमंत्री सोमवार को काशी पहुंचकर सबसे पहले काशी के कोतवाल बाबा कालभैरव के दरबार में हाजिरी लगाएंगे। क्रूज से ललिता घाट जाएंगे और मां गंगा को स्पर्श कर कमंडल में जल भरकर पैदल कॉरिडोर से गर्भगृह में पहुंचेंगे। अभिषेक के बाद 2 घंटे की पूजा के बाद लोकार्पण करेंगे।

51 हजार स्थानों व 11 अन्य ज्योतिर्लिंगों पर लाइव दिखेगा लोकार्पणज्योतिर्लिंगों पर लाइव दिखेगा लोकार्पण
देश भर के 51 हजार स्थानों पर यह कार्यक्रम लाइव दिखाया जाएगा। इसके जरिए 135 करोड़ लोगों को कार्यक्रम से जोड़ने की तैयारी है। सभी 12 ज्योतिर्लिंगों और 51 सिद्ध पीठों के पुजारी भी शामिल होंगे। लोकार्पण के बाद काशी के सात लाख घरों में प्रसाद पहुंचाया जाएगा।

दुनिया की सबसे प्राचीन नगरी वाराणसी में है भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंग में से एक काशी विश्वनाथ मंदिर। वाराणसी को बनारस या काशी भी कहते हैं। हिंदू धर्म में वाराणसी का और वाराणसी में काशी-विश्वनाथ मंदिर का विशेष महत्व है। मान्यता है कि काशी भगवान शिव के त्रिशूल पर टिका है। पवित्र गंगा नदी के किनारे बसे देवों के देव महादेव की इस नगरी में लोग मोक्ष प्राप्त करने आते हैं।

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