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किसानों के मुद्दे पर चर्चा को तैयार है सरकार : लोकसभा में कृषि मंत्री का बयान

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मोदी सरकार संवाद और चर्चा-परिचर्चा के लोकतांत्रिक तौर-तरीकों में भरोसा करती है। लोकसभा में मोदी सरकार ने कहा है कि वह किसानों के मुद्दों पर सदन के भीतर और बाहर चर्चा करने के लिए तैयार है। मंगलवार को किसानों के मुद्दे को लेकर विपक्ष के हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही दो बार स्थगित करनी पड़ी। कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने शाम 5 बजे शून्य काल में कहा कि मोदी सरकार किसानों के मुद्दों पर चर्चा करने के लिए हमेशा प्रतिबद्ध है। विपक्षी सदस्यों की नारेबाजी के बीच उन्होंने कहा कि सदन के भीतर या बाहर, सरकार किसानों के मुद्दों पर चर्चा करने के लिए तैयार है।

लोक सभा में कृषि और किसान कल्याण मंत्री तोमर ने कहा कि हम किसानों के मुद्दे पर बातचीत के लिए प्रतिबद्ध हैं, लेकिन इसके लिए सदन को बिना रुकावट के चलाया जाए। अगर शोर-शराबा नहीं होता तो चर्चा शुरू हो चुकी होती। कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने मंगलवार को कहा कि सरकार ने पिछले कई वर्षों से कृषि सुधारों के संबंध में सभी पक्षकारों के साथ वार्ता की है और नए कृषि कानूनों से जुड़े मुद्दे के समाधान के लिए सरकार एवं आंदोलनकारी किसान संगठनों के बीच 11 दौर की वार्ता में कानूनों में संशोधन को लेकर सरकार ने एक के बाद एक कई प्रस्ताव रखे हैं।

कृषि मंत्री ने यह भी दोहराया कि नए कृषि कानूनों से न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीद प्रक्रिया पर कोई असर नहीं पड़ेगा। लोकसभा में ए राजा, असदुद्दीन ओवैसी, के सुरेश, नुसरत जहां रूही, बदरूद्दीन अजमल, उत्तम कुमार रेड्डी, कनिमोई करूणानिधि और माला राय सहित कई सदस्यों के प्रश्नों के लिखित उत्तर में कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने यह जवाब दिया।

तोमर ने कहा, ‘मुद्दे के समाधान के लिए सरकार एवं आंदोलनकारी किसान संगठनों के बीच 11 दौर की बातचीत हुई है और सरकार ने कृषि कानूनों में संशोधन के बारे में एक के बाद एक कई प्रस्ताव रखे हैं।’ उन्होंने यह भी कहा कि उच्चतम न्यायालय ने हाल ही में कृषि सुधार कानूनों के कार्यान्वयन पर रोक लगा दी है।

एक अन्य प्रश्न के उत्तर में कृषि मंत्री ने कहा, ‘पिछले कई वर्षों से कृषि सुधारों के संबंध में सभी पक्षकारों के साथ वार्ता की गई।’ उन्होंने कहा कि भारत सरकार कृषि विपणन क्षेत्र में सुधारों के लिए लगभग 2 दशकों से राज्यों के साथ सक्रिय रूप से गहनता से कार्य कर रही है। इसका उद्देश्य किसी भी समय और किसी भी जगह बेहतर मूल्य पर अपनी उपज की बिक्री करने के लिए पहुंच वाली मंडियों एवं बाधा मुक्त व्यापार की सुविधा प्रदान करना है। नरेन्द्र तोमर ने स्पष्ट किया कि कृषि (सशक्तीकरण और संरक्षण) कीमत आश्वासन और कृषि सेवा करार अधिनियम 2020 किसानों एवं प्रायोजकों के बीच किसानों की उपज के कृषि समझौते के लिए है, न कि किसानों की भूमि की संविदा (कॉन्ट्रैक्ट) के बारे में। 

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