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उद्धव ठाकरे की किरकिरी: मंत्री ने माना बीजेपी ने महाराष्ट्र के लिए मंगाई थी रेमडेसीविर

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महाराष्ट्र में जिस रेमडेसीविर खेप को लेकर हंगामा मचा था उसको लेकर उद्धव ठाकरे सरकार के मंत्री ने बड़ा खुलासा किया है। राज्य के खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) मंत्री राजेंद्र शिंगणे ने माना है कि रेमडेसीविर की 60,000 शीशियों को बीजेपी ने महाराष्ट्र सरकार के लिए मंगाया था। उन्होंने कहा है कि मुझे इसकी जानकारी थी। मुंबई मिरर के अनुसार शिंगणे ने माना है कि बीजेपी के नेताओं ने दवा निर्माताओं के एक प्रनितिधिमंडल के साथ उनसे मुलाकात की थी। शिंगणे ने कहा कि उन्होंने हमें राज्य सरकार के लिए रेमडेसीविर स्टॉक खरीदने में मदद की पेशकश की और मैं इसके लिए तैयार हो गया।

एफडीए मंत्री का यह कबूलनामा महाराष्ट्र की महाविकास अगाड़ी सहयोगियों शिवसेना- एनसीपी और कांग्रेस के लिए शर्मिंदा करने वाला है। क्योंकि शनिवार-रविवार की रात दमन से लाए जा रहे साठ हजार रेमडेसीविर इंजेक्शन की इस खेप को मुंबई पुलिस ने कालाबाजारी का स्टॉक समझकर जब्त कर लिया था। इतना ही नहीं कंपनी के एक अधिकारी को हिरासत में भी ले लिया गया था। रातभर चले ड्रामे के बाद अधिकारी को जाने दिया गया लेकिन इस मामले को लेकर काफी हंगामा हुआ।

महाराष्ट्र में विपक्ष के नेता देवेंद्र फडणवीस ने इसके पहले आरोप लगाया कि महाराष्ट्र सरकार केंद्रशासित प्रदेश दमन के एक रेमडेसिविर आपूर्तिकर्ता को परेशान कर रही है, क्योंकि राज्य में इस दवाई की आपूर्ति के लिए बीजेपी नेताओं ने उससे संपर्क साधा था। फडणवीस ने कहा कि दमन स्थित ब्रुक फार्मा प्राइवेट लिमिटेड रेमडेसिविर की निर्यातक है। महाराष्ट्र में इस दवा की कमी को देखते हुए हमने उससे संपर्क साधा था और इसकी खेप राज्य में भेजने को कहा था। हमने इस बारे में राज्य के एफडीए मंत्री राजेंद्र शिंगणे को सूचित किया था और आवश्यक अनुमति के लिए केंद्र सरकार से संपर्क किया था। उन्होंने काह कि लेकिन मुझे यह जानकर हैरानी हुई कि राज्य के एफडीए मंत्री के एक विशेष कार्याधिकारी ने बीजेपी नेताओं के सुझाव पर केंद्र से बात करने को लेकर ब्रुक फार्मा के मालिक को कथित तौर पर धमकी दी और फार्मा के एक निदेशक को पकड़कर उनसे पूछताछ की।

महाराष्ट्र विधान परिषद में विपक्ष के नेता प्रवीण दरेकर ने माना कि वे निर्माताओं के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ शिंगणे से मुलाकात की थी। उन्होंने कहा कि शिंगणे ले हमारे प्रयासों के लिए हमें धन्यवाद भी किया और हमने भी यह आश्वासन दिया कि इंजेक्शन की खुराक राज्य सरकार को दी जाएगी। दरेकर ने कहा कि अब एनसीपी के गृह मंत्री दिलीप पाटील, अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री नवाब मलिक, शिवसेना सांसद संजय राउत, प्रदेश कांग्रेस प्रमुख नाना पटोले और प्रियंका गांधी वाड्रा जैसे नेताओं को इस मामले में जवाब देना चाहिए।

इस मुद्दे पर शिवसेना-कांग्रेस और एनसीपी नेताओं के हंगामा करने पर बीजेपी विधायक प्रसाद लाड ने भी कहा कि हमने एफडीए मंत्री राजेंद्र शिंगणे को एक पत्र लिखा था और दमन से फोन कर मुख्य सचिव सीताराम कुंटे को सूचित किया था कि बीजेपी राज्य में रेमडेसिवीर इंजेक्शन लाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि जो कंपनी इंजेक्शन की आपूर्ति करके महाराष्ट्र की मदद कर रही थी, उसे पुलिस स्टेशन बुलाया गया और पूछताछ की गई। इस डर से कि बीजेपी को इसका श्रेय मिलेगा, महाविकास अगाडी के नेताओं ने इसे राजनीतिक रंग देने की भी कोशिश की।

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