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ईवीएम ने ली राहत की सांस, एक बार फिर बच गई दांव पर लगी इज्जत

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हर चुनाव में ईवीएम की इज्जत दाव पर होती है, दिल्ली विधानसभा चुनाव में भी उसकी इज़्ज़त खतरे में थी। इसकी तैयारी मतदान के दिन ही हो गयी थी। ईवीएम को आए दिन नंगा करने वाले पूरी तरह तैयार थे। लेकिन भला हो दिल्ली की जनता का जो उसने ईवीएम के साथ-साथ चुनाव आयोग की भी लाज रख ली। ईवीएम अब राहत की सांस ले रही है कि एक बार फिर उसकी इज्जत दांव पर लगने के बावजूद बच गई। अब हाल फिलहाल कही कोई खतरा नहीं है। उस पर कीचड़ उछालने वाले भी दिल्ली के चुनावी नतीजों से खुश है, क्योंकि चीरहरण करने वाले हाथों को काम मिल गया है।

EVM

ईवीएम पर कीचड़ उछालने वाले मौन

दिल्ली विधानसभा चुनाव में अरविन्द केजरीवाल जीत गए। किसी ने नहीं कहा कि कहा कि ईवीएम साथ छेड़छाड़ नहीं की गई। किसी ने नहीं कहा कि ईवीएम निष्पक्ष है। कहेंगे भी तो कैसे ? वो अपने भविष्य को लेकर ‘असुरक्षित’ हैं। उन्हें अगली बार अपनी हार का डर है, कइयों को अगले कुछ चुनावों में बीजेपी की जीत का डर है। ऐसे में, ईवीएम को पाक-साफ बताकर इस मुद्दे को छोड़ना नहीं चाहते, क्योंकि कुछ ही महीनों बाद बिहार, बंगाल और असम में भी चुनाव होने वाले हैं। 

MANOJ TIWARI AND AMIT SHAHA

हार के बावजूद बीजेपी ने नहीं उठाई EVM पर ऊंगली

बीजेपी नेताओं ने पूरी शालीनता के साथ जनता के फैसले को स्वीकार किया। मनोज तिवारी और अमित शाह ने ईवीएम पर ऊँगली नहीं उठाई। अपनी हार के लिए उन्होंने ईवीएम पर ठीकरा नहीं फोड़ा। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या ईवीएम का चीरहरण करने वाले भी ऐसा नहीं कर सकते ?

SANJAY SINGH

चीरहरण से बच गई EVM

मतदान के दिन ही आम आदमी पार्टी के नेताओं का नाटक देखने को मिला। ईवीएम को छेड़छाड़ से बचाने के लिए मतदान केंद्र से लेकर ‘स्ट्रांग रूम्स’ तक नजर रखी गई। फिर भी संजय सिंह प्रेस कॉन्फ्रेंस कर के कई तरह के दावे कर रहे थे कि छेड़छाड़ की गई। आम आदमी पार्टी के हरियाणा में प्रवक्ता और आईटी एवं सोशल मीडिया प्रमुख सुधीर यादव ने तो सारी हदे पार कर दी। उन्होंने यहा तक कहा कि ईवीएम प्रेग्नेंट है। अगर नार्मल डिलीवरी हुई तो AAP जीतेगी और ऑपरेशन हुआ तो बीजेपी। लेकिन नतीजे आने के बाद अपनी जीत के जश्न में मग्न है। उन्हें अब ईवीएम की याद नहीं आ रही है। उन्होंने ईवीएम को बधाई देना भी उचित नहीं समझा। 

SAURABH BHARDWAJ

कहां गए ईवीएम हैक करने वाले ?   

आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार सौरभ भारद्वाज चुनाव जीत गए हैं। लेकिन एक बार भी ईवीएम का जिक्र नहीं किया। इससे पहले उन्होंने दिल्ली विधानसभा के अंदर एक फर्जी ईवीएम को हैक करने का नाटक किया। एक तरह से आम आदमी पार्टी ने विधानसभा के अंदर चुनाव आयोग के प्रतिनिधि की गैर मौजूदगी में उसका मजाक उड़ाने की कोशिश की। जब चुनाव आयोग ने ईवीएम हैक करने की चुनौती दी तो तय समयसीमा तक किसी की हिम्मत नहीं हुई कि वो सामने आ सके। हाँ, एनसीपी और सीपीएम जैसे दलों ने ज़रूर कोशिश की लेकिन अंत में वो भी बहाने बना कर निकल लिए। वे आसानी से ईवीएम को हैक करने की बात करते हैं, लेकिन कोई कर नहीं पाता। बेइज्जती का जो डर है। आलम देखिए, जिन्होंने ईवीएम को हैक करने का दावा किया था, आज वही ईवीएम के कारण जीत का जश्न मनाने में मशगूल हैं।

CONGRESS

हार के जश्न में डूबी कांग्रेस, भूल गई EVM  

कांग्रेस केजरीवाल की जीत से ज्यादा बीजेपी की हार से खुश है। उसे भी ईवीएम की याद नहीं आ रही है। अगर नतीजे बीजेपी के पक्ष में आते तो दिग्विजय सिंह जैसे कांग्रेस के नेताओं की जुबान पर सिर्फ ईवीएम होती। अब तक न जाने कितने बार ईवीएम पर हमला हो चुका होता, लेकिन वे भी मौन है। लंदन में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर 2014 के लोकसभा चुनावों में ईवीएम की हैंकिंग का दावा किया गया था। उसमें कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल मौजूद थे। लेकिन दिल्ली विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद वह भी किसी प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिखाई नहीं दे रहे हैं।

KAPIL SIBBL

 बैलेट पेपर से चुनाव की मांग करने वाले भी मौन  

वहीं ईवीएम की जगह बैलेट पेपर से चुनाव की मांग करने वाले समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और कांग्रेस की सहयोगी पार्टी आरजेडी के नेता तेजस्वी यादव दिल्ली विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी की जीत पर खुश है। तेजस्वी यादव ने अरविंद केजरीवाल को बधाई दी। दिल्ली में चार सीटों पर पूरी ताकत से चुनाव लड़ने का दावा करने वाले तेजस्वी यादव ने खुलकर कहा कि दिल्ली में आरजेडी की हार का गम कम है और बीजेपी की हार की खुशी ज्यादा है। TEJASWI

ईवीएम का चीरहरण करने वाले हुए बेनकाब

संसद से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक, हर जगह बलि का बकरा ईवीएम को ही बनाया जाता है। मतगणना से एक दिन पहले तक ईवीएम को गालियाँ दी जाती हैं, अगले ही दिन मनपसंद परिणाम आते ही उन बातों को भुला दिया जाता है। इस बार ईवीएम की लाज बच गई। लेकिन हर बार की तरह इस बार भी ईवीएम का चीरहरण करने वाले बेनकाब हो गए।

 

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