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मोदी सरकार के फैसलों से इकोनॉमी उड़ान भरने को तैयार: उपभोक्ता मांग में तेजी से सुधार

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कोरोना काल में मोदी सरकार के फैसलों से देश की इकोनॉमी तेजी से पटरी पर लौट रही है। सेल्स ऑटोमेशन फर्म बिजोम की रिपोर्ट के मुताबित देश में उपभोक्ता मांग में तेजी से सुधार हो रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक सालाना आधार पर बिक्री में करीब 60 फीसदी का सुधार हुआ है। आंकड़े मोदी सरकार के फैसलों से उपभोक्ता मांगों पर असर की कहानी खुद कह रहे हैं ।

• जुलाई 2021-60.2 फीसदी इजाफा
• अगस्त 2021-44.1 फीसदी इजाफा
• सितंबर 2021-30.4 फीसदी इजाफा

महामारी की दूसरी लहर के बाद उपभोक्ता मांग पटरी पर लौटी

देश में कोरोना महामारी की दूसरी लहर के बाद उपभोक्ता मांग पटरी पर लौट रही है। देश भर में रिटेल स्टोर्स की बिक्री पर नजर डालें तो पिछले साथ सितंबर महीने के मुकाबले इस साल उपभोक्ता मांग में जोरदार इजाफा हुआ है।  

• सितंबर 2021 में इजाफा-46 फीसदी
• सितंबर 2020 में इजाफा-6 फीसदी

देश के 75 लाख रिटेल स्टोर्स को सेल्स ऑटोमेशन सुविधा मुहैया कराने वाली फर्म बिजोम की ताजा रिपोर्ट के आंकड़े इस बात के गवाह हैं कि कोरोना महामारी के बाद देश की इकोनॉमी तेजी से रफ्तार पकड़ रही है। मोदी सरकार के वक्त पर बाजार खोलने के फैसले से कोरोबार जगत में रौनक लौट रही है। जानकारों का कहना है कि अगर कोरोना की तीसरी लहर ने दस्तक ना दी तो कारोबार को लेकर मोदी सरकार के फैसलों का असर और तेजी से सामने आएगा और देश की इकोनॉमी 2022-2023 तक कोरोना के नकारात्मक प्रभावों से निकल जाएगी।

अर्थव्यवस्था पर मोदी सरकार के फैसलों का बड़ा असर

मोदी सरकार भी देश की अर्थव्यवस्था को कोरोना के असर से बाहर निकालने के लिए जी तोड़ कोशिश कर रही है 

• चालू वित्त वर्ष में सरकार राजकोषीय घाटे को GDP का 6.8 फीसदी रखना चाहती है।
• जानकारों का कहना है कि इस टारगेट को आसानी से हासिल किया जा सकता है
• पिछले वित्त वर्ष में राजकोषीय घाटा जीडीपी का 9.5 प्रतिशत रहा था।
• राजकोषीय घाटे में सुधार की वजह चालू वित्त वर्ष में ज्यादा राजस्व जमा होना है
• सरकार चालू वित्त वर्ष में बजट अनुमान का 37 प्रतिशत राजस्व जमा कर चुकी है

देश का हर रोज चढ़ता शेयर बाजार हो या फिर विदेशी निवेश में हो रहा तेज इजाफा। हर मोर्चे पर मोदी सरकार के फैसलों से सफलता की कहानी सामने आ रही है।

• सोलह सितंबर को एसटीटी संग्रह 12,000 करोड़ रुपये था
• जबकि बजट में लक्ष्य 12,500 करोड़ रुपये के संग्रह का था।
• जीएसटी में इजाफा सरकार के लिए बड़ी कामयाबी है
• इससे सरकार का छमाही टारगेट पहले ही पूरा हो गया है

टैक्स कलेक्शन में तेजी से कारोबार जगत में उत्साह 

टैक्स कलेक्शन में तेजी से सरकार को पूंजीगत व्यय को बढ़ा कर देश की अर्थव्यवस्था में तेजी लाने का मौका मिलेगा। अर्थव्यवस्था में तेजी की वजह से जॉब मार्केंट पहले ही तेज रफ्तार से बढ़ रहा है। वैक्सीनेशन में तेजी ने रोजगार के मौके खोले हैं। सितंबर में जॉब मार्केंट में 8 फीसदी की तेजी नजर आ रही है तो वहीं दिसंबर में रोजगार के और ज्यादा मौके मिलने की उम्मीद है । एक सर्वे के मुताबिक

• दिसंबर तिमाही में 41 फीसदी कंपनियां नई नौकरियां देने को तैयार
• मेट्रो, टीयर 1 से लेकर टीयर 2 और 3 शहरों तक बढ़ेंगे रोजगार के मौके
• टीकाकरण के साथ मांग और इकोनॉमिक एक्टिविटी बढ़ने से सेंटीमेंट बेहतर

मोदी सरकार की कोशिशों से कम हुआ कोरोना का असर 

मोदी सरकार के तमाम प्रयासों से देश भर में कोरोना का असर काफी कम हुआ है। देश में इकोनॉमिक एक्टिविटी बढ़ने और आईटी सहित कई और बड़ी सेक्टर में रोजगार के नए मौकों से बाकी कंपनियों में भी उत्साह जागा है। मोदी सरकार की विकास को गति देने के लिए एक से बढ़ कर एक फैसले और ग्रामीण इलाकों में तेजी से बढ़ती इकोनॉमी की वजह
से भी देश भर में कारोबार का माहौल अच्छा हुआ है।

• मोदी सरकार के फैसलों से लॉकडाउन के खौफ से बाहर निकला देश
• मोदी सरकार का फोकस अब विकास और लोगों की कमाई बढ़ाने पर
• गांवों और शहरों दोनों में तेजी से बढ़ रहे नौकरियों के मौके
• देश की तेजी से बढती विकास दर और सरकार के फैसलों से मदद
• प्रॉडक्शन लिंक्ड इनसेंटिव स्कीमें से मिल रहा है फायदा

कोरोना काल में पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी जैसे सेक्टर की कंपनियों को बड़ी चोट पहुंची थी। लेकिन मोदी सरकार के फैसलों से अब ये सेक्टर देश की अर्थव्यवस्था में जान फूंकने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। मोदी सरकार के प्रयासों से रियल स्टेट में भी जान लौट रही है । जिसका फायदा लोगों को रोजगार के साथ देश के विकास को भी मिल रहा है।

 

 

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