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मोदी सरकार की छवि खराब करने के लिए रची गई थी दिल्ली दंगे की साजिश, जेएनयू और जामिया के छात्रों को बनाया गया था मोहरा

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इस साल फरवरी में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए दंगे की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे हैरान करने वाले खुलासे हो रहे हैं। मोदी सरकार की छवि बिगाड़ने के लिए दिल्ली दंगे को सुनियोजित ढंग से अंजाम दिया गया था। इस साजिश में देश के नामी राजनीतिज्ञों, अधिवक्ताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं के नाम सामने आए हैं। यही नहीं साजिश को अंजाम देने के लिए जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय और जामिया मिल्लिया इस्लामिया के छात्रों को मोहरा बनाकर नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के विरोध के नाम पर 22 जगह धरना प्रदर्शन को शुरू कराया गया था।

स्पेशल सेल को मिले साजिश के पर्याप्त सबूत

हाल में दाखिल किए गए आरोप पत्र के मुताबिक स्पेशल सेल को साजिश के पर्याप्त सबूत मिले हैं। इनमें कुछ नेताओं के खिलाफ भी सबूत मिले हैं, जिन्हें सेल ने चरणबद्ध तरीके से आरोप पत्र में शामिल किया है। वहीं, साजिश में शामिल कई सफेदपोशों के नाम और अहम सबूत पूरक आरोप पत्र में रखने की योजना है।

धरना-प्रदर्शन में दिए गए भड़काऊ भाषण

स्पेशल सेल के सूत्रों के मुताबिक सीएए को लेकर दिसंबर में धरना-प्रदर्शन की ही योजना थी। इसी बीच फरवरी में ट्रंप के दौरे की बात सामने आई तो वामपंथी व अन्य बड़े नेताओं ने मोदी सरकार की छवि को धूमिल करने के लिए दंगे की साजिश रच डाली। आरोप पत्र में स्पेशल सेल ने कहा है कि दोनों समुदाय में तनाव बढ़ाने के लिए इन नेताओं ने धरना प्रदर्शन में जाकर भड़काऊ भाषण दिए थे। स्पेशल सेल ने अभी इनमें चंद नेताओं से ही पूछताछ की है।

साजिश रचने वाले कई मास्टर माइंड आए सामने

सेल के सूत्रों की मानें तो बड़ी संख्या में दंगे की साजिश रचने के मास्टर माइंड सामने आए हैं। अब एक-एक कर इन्हें नोटिस भेजकर पूछताछ की जाएगी। इसमें जिनके खिलाफ सबूत मिलेंगे, आरोपित बनाकर गिरफ्तार किया जाएगा। गिरफ्तारी के बाद उनके खिलाफ पूरक आरोप पत्र दायर किया जाएगा।

ट्रंप के दौरे के समय सड़कों को जाम करने का संदेश

अमेरिकी राष्ट्रपति के दिल्ली पहुंचने पर 22 फरवरी को सभी धरनास्थलों पर बैठे लोगों को मुख्य सड़कों को जाम करने का संदेश दिया गया था। इसके बाद साजिश के तहत उसी दिन जाफराबाद मेट्रो स्टेशन के नीचे सड़क को जाम कर दिया गया। इसके बाद 23 फरवरी को पुलिस पर पथराव कर साजिश को अंजाम दिया गया।

दंगे के लिए चीन से हुई फंडिंग 

स्पेशल सेल की जांच में फंडिंग के तार चीन से भी जुड़ रहे हैं। दरअसल, स्पेशल सेल को जांच में कई वामपंथी संगठनों व नेताओं के साजिश में शामिल होने की जानकारी मिली है। सेल को शक है कि इनके द्वारा दंगे के लिए चीन से फंडिंग करवाई गई है। इस दिशा में भी स्पेशल सेल जांच कर रही है। पापुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआइ) से करोड़ों रुपये की फंडिंग किए जाने के सबूत पहले ही मिल चुके हैं।

राहुल रॉय की हो सकती है गिरफ्तारी

लघु फिल्म निर्माता राहुल रॉय के खिलाफ स्पेशल सेल को कई अहम सबूत मिले हैं। इसे लेकर पिछले दिनों उससे पूछताछ भी की जा चुकी है। सूत्रों की मानें तो एक या दो बार और पूछताछ के बाद राहुल रॉय को गिरफ्तार किया जा सकता है।

राजनीतिज्ञ, वामपंथी संगठन और सामाजिक कार्यकर्ता साजिश में शामिल 

दिल्ली दंगे की साजिश में शामिल होने के आरोप में 21 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। उनके बयान के आधार पर माकपा महासचिव सीताराम येचुरी, स्वराज अभियान के नेता योगेंद्र यादव, वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सलमान खुर्शीद, सीपीआइ एमएल पोलित ब्यूरो सदस्य कविता कृष्णन, बृंदा करात, कांग्रेस पार्टी के नेता उदित राज, फिल्म अभिनेत्री स्वरा भास्कर के साथ ही कई क्षेत्रों से जुड़े लोगों की एक सूची बनायी गई है, जिनसे पूछताछ हो सकती है। तथ्योंं और सबूतों के आधार उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है।

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