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दिल्ली पुलिस ने भेजा ट्विटर को नोटिस, पूछा- किस आधार पर बताया संबित पात्रा के ट्वीट को मेनीपुलेटिंग मीडिया?

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टूलकिट मामले में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा के ट्वीट को मेनीपुलेटेड मीडिया कहने पर ट्विटर को नोटिस भेजकर पूछा है उसने किस आधार पर ऐसा कहा। आखिर आखिर सच्चाई क्या है? दिल्ली पुलिस ने पूछा है कि इस मामले में ट्विटर के पास क्या जानकारी है? 

नोटिस में पुलिस ने ट्विटर से पूछा है लगता है आपको टुलकिट की सच्चाई के बारे में पता है तभी आपकी की तरफ से संबित पात्रा को ट्वीट को मेनीपुलेटिंग मीडिया कहा गया। दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल ने ट्विटर को नोटिस में 48 घंटे के अंदर जवाब देने को कहा है।

इससे पहले केंद्र सरकार ने ट्विटर के कदम पर आपत्ति जताते हुए चेतावनी दी थी कि वह जांच प्रक्रिया में बाधा न डाले। इसके साथ ही कंटेन्ट की सत्यता की जांच एजेंसी करेगी न कि ट्विटर। इसीलिए ट्विटर से जांच प्रक्रिया में दखल न देने को कहा गया है।

बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने 18 मई को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इस टूलकिट का पर्दाफाश किया, लेकिन ट्विटर ने संबित के इस ट्वीट को ही ‘मैनिपुलेटेड मीडिया’ बता दिया। इसके बाद केंद्र सरकार ने इस आपत्ति जताई। सरकार ने ट्विटर को भेजे अपने संदेश में कहा है कि संबंधित पक्षों में से एक ने कानून प्रवर्तन एजेंसी के सामने टूलकिट की सत्यता पर सवाल उठाते हुए शिकायत की है और इसकी जांच की जा रही है। देखिए क्या है टूलकिट में-

 

मीडिया के सामने टूलकिट को शेयर करते हुए संबित पात्रा ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि पार्टी इस संकट काल में भी राजनीति करने से बाज नहीं आ रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की छवि को बदनाम करने के लिए टूलकिट बनाई है और टूलकिट के जरिए राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रही है। संबित पात्रा ने इसके लिए कांग्रेस को गिद्ध करार दिया।

संबित पात्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने महामारी को प्रधानमंत्री मोदी की छवि धूमिल करने के मौके के रूप में इस्तेमाल किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं को कोरोना के नए स्ट्रेन को मोदी स्ट्रेन का नाम देने को कहा। इसके साथ ही विदेशी पत्रकारों की मदद से भारत को बदनाम करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी गई।

उन्होंने कहा कि कोरोना का जो नया स्ट्रेन आया है उसे विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी भारतीय स्ट्रेन कहने से मना कर दिया है, लेकिन कांग्रेस इसे इंडियन स्ट्रेन और उससे भी आगे बढ़कर मोदी स्ट्रेन के नाम से प्रसारित करने में लगी है। यह बहुत ही दुखद है। कहीं न कहीं देश को पूरे विश्व में अपमानित और बदनाम करने के लिए एक वायरस को भारत के नाम, प्रधानमंत्री के नाम पर प्रतिपादित करने की चेष्टा है। मुझे लगता है यह कांग्रेस पार्टी के असली चेहरे को दर्शाता है।

संबित पात्रा ने कहा कि उनके पास जो टूलकिट आया है उसके सहारे राहुल गांधी रोज सुबह उठकर ट्वीट करते थे। इस टूलकिट में कहा गया है कि प्रधानमंत्री मोदी को बार बार पत्र लिखें। आपने देखा होगा, कभी सोनिया जी चिट्ठी लिख रही हैं कभी कोई और लिख रहा है। ये सब ऐसे ही नहीं हो रहा है। सब कुछ एक डिजायन के तहत हो रहा है, जिसका ब्योरा इस टूलकिट में है।

इस टूलकिट में मोदी सरकार के कोरोना प्रबंधन में फेल रहने का दावा किया गया है और इसके लिए कुंभ मेला, चुनावी रैलियों और सेन्ट्रल विस्टा प्रोजेक्ट को जिम्मेदार ठहराया गया है। इसमें नेताओं को बताया गया है कि कैसे देश के विभिन्न कोने में मोदी सरकार को घेरना है। टूलकिट के जरिए पीएम केयर्स फंड के वेटिलेटर्स पर सवाल उठाने और सेंट्रल विस्टा परियोजना को ‘मोदी के निजी घर और महल’ के रूप में प्रचारित करने का जिक्र किया गया है। संबित पात्रा ने टूलकिट का खुलासा करते हुए कहा कि यहां तक कि कुंभ को सुप्रर स्प्रेडर के रूप में प्रचारित करने की बात की गई है। ईद और कुंभ की तुलना कर धर्म को बदनाम करने की कोशिश कांग्रेस ने की है। आप कुंभ को बदनाम करिए और ईद के विषय में कुछ मत कहिए। इस प्रकार की सोच भी हो सकती है क्या किसी की।

संबित पात्रा ने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा कि वेंटिलेटर्स, टीका, कोविड प्रबंधन को लेकर जो नकारात्मक राजनीति आप फैलाते हैं, आज उसका स्रोत हमारे पास है। बहुत दुख के साथ हमें यह कहना पड़ रहा है कि यह जो कांग्रेस की गिद्धों की राजनीति है आज वह संपूर्ण रूप से उजागर हो गई है। हमें सोनिया जी से और राहुल जी से जवाब चाहिए।

इस टूलकिट में पार्टी कार्यकर्ताओं को बीजेपी समर्थकों की तरह हैंडल बनाने को कहा गया है साथ ही देश में निराशा और नकारात्मकता फैलाने के लिए मृत शरीरों की तस्वीरों का इस्तेमाल करने का निर्देश दिया गया है। टूलकिट में लिखा है कि अंतरराष्ट्रीय मीडिया पहले से ही ऐसा कर रहा है। इस नैरेटिव को आगे बढ़ाने के लिए अंतरराष्ट्रीय मीडिया और दोस्त पत्रकारों से मदद ली जाए।

पर्दाफाश हुए टूलकिट में माना गया है कि प्रधानमंत्री मोदी अब भी काफी लोकप्रिय हैं और कोरोना महामारी के बाद भी उनकी अप्रुवल रेटिंग काफी ऊंची है। ऐसे में पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा गया है कि यही मौका है उनकी इमेज को खराब करने का। ऐसे हैंडल्स बना कर रखा जाए, जो देखने में मोदी समर्थक लगे, फिर उन हैंडलों से सरकार की आलोचना करनी है।

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