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छत्तीसगढ़ में कांग्रेस सरकार की सियासी तिकड़म में फंसा कोरोना टीकाकरण अभियान, वैक्सीन की आपूर्ति पर रोक लगाने की मांग, डॉ. हर्षवर्धन ने दिया जवाब

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पूरी दुनिया कोरोना महामारी से बचने के लिए भारत से कोरोना वैक्सीन की आपूर्ति की मांग कर रही है। पड़ोसी देशों से लेकर दुनिया के तमाम बड़े देशों को भारत वैक्सीन भेजकर मदद कर रहा है। ऐसे समय में जब दूसरे देश भारत से वैक्सीन मंगाकर अपने देश में टीकाकरण अभियान चला रहे हैं, तब अपने ही देश में कांग्रेस की सियासी तिकड़म में कोरोना टीकाकरण अभियान फंस गया है। छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार ने केंद्र की मोदी सरकार से कोरोना वैक्सीन की आपूर्ति पर रोक लगाने की मांग की है। 

छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने कहा कि वह पहले भी इसको लेकर केंद्र सरकार को चिट्ठी लिख चुके हैं, लेकिन उसके बावजूद को वैक्सीन सप्लाई की जा रही है। उन्हें अफसरों से पता चला है कि कोवैक्सीन लेने के लिए उन्हें बाध्य किया जा रहा है कि अगर कोवैक्सीन नहीं ली जाती है तो उन्हें कोविशील्ड भी नहीं दी जाएगी। ऐसी सूरत में वह किसी तरह का टकराव नहीं चाहते इसीलिए केंद्र सरकार से आग्रह है कि वह कोवैक्सीन की सप्लाई रोक दें। आने वाले दिनों में अगर ऐसा नहीं होता है तो उन्हें कोवैक्सीन वापस करने के बारे में विचार करना पड़ेगा।

छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री ने अपने पत्र में लिखा था, “मैंने उनसे (केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री) अनुरोध किया है कि जब तक हमारे स्वास्थ्य विभाग की सहमति से जुड़े पहलुओं पर विचार नहीं किया जाता, तब तक छत्तीसगढ़ में कोवैक्सीन की सप्लाई नहीं की जाए। जिससे दवा की शुरुआती खुराक की एक्सपायरी और बर्बादी से बचा जा सके।”

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने टीएस सिंहदेव को जवाब देते हुए कहा कि देश में इस्तेमाल हो रहे दोनों ही टीके पूरी तरह से सुरक्षित हैं। DCGI के तहत आने वाले केंद्रीय ड्रग्स मानक और नियंत्रण संगठन ने प्री-क्लिनिकल ​​और क्लिनिकल ट्रायल डेटा के उचित मूल्यांकन के बाद निर्धारित प्रक्रिया के आधार पर 2 कोरोना टीके के निर्माण की अनुमति दी है।

हर्षवर्धन ने कहा, “देश में टीकाकरण अभियान के लिए केवल कोविशिल्ड और कोवैक्सीन का उपयोग किया जा रहा है। राज्यों/संघ शासित प्रदेशों को आपूर्ति किए जा रहे दोनों टीके सुरक्षित और इम्युनोजेनिक हैं। साथ ही प्राथमिकता वाले लाभार्थियों को संरक्षण प्रदान करने के लिए इनका तेजी से इस्तेमाल किया जाना चाहिए।”

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री के मुताबिक़ कोवैक्सीन पर एक्सपायरी तारीख नहीं होने की छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री की चिंता पूरी तरह निराधार है क्योंकि, वैक्सीन की शीशियों पर लेबल लगा कर इस तरह की जानकारी प्रदान की जाती है। उन्होंंने कहा कि दोनों ही वैक्सीन सुरक्षित और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाली हैं। लिहाज़ा इनका इस्तेमाल जल्द से जल्द किया जाना चाहिए, जिससे ज़रूरतमंदों को लाभ मिल सके। महामारी का दायरा बढ़ने से रोकने के लिए भी वैक्सीन ही इकलौता प्रभावी विकल्प है।

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