Home समाचार जल संचय की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही मोदी सरकार,...

जल संचय की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही मोदी सरकार, 17,137 चेकडैमों और 16,308 नालों का हुआ निर्माण

190
SHARE

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी केे नेतृत्व में जल संचय और जल संरक्षण की दिशा में अभूतपूर्व काम हो रहे हैं। मोदी सरकार जल संचय और संरक्षण की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। आंकड़ों के मुताबिक 7 फरवरी 2020 तक 17,137 चेकडैमों और 16,308 नालों का निर्माण कराया जा चुका है। इसके अलावा मोदी सरकार के प्रयास से अब तक 72,495 तालाबों को क्रियाशील बनाया गया है। 

जल जीवन मिशन की शुरूआत

जल की महत्ता को समझते हुए पीएम मोदी ने जल जीवन मिशन की शुरूआत की है और इस पर 3.5 लाख करोड़ से भी ज्यादा रकम करने की योजना हैइसमें से 50 फीसदी केंद्र सरकार का हिस्सा होगा, जबकि बाकी 50 फीसदी राज्यों के पास होगा। राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल कार्यक्रम का लक्ष्य 2030 तक ग्रामीण क्षेत्रों में 6 लाख करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से पेयजल आपूर्ति प्रदान करना है।

जलशक्ति मंत्रालय के बजट में बढ़ोतरी

इस साल केंद्रीय बजट में जलशक्ति मंत्रालय के लिए 30,478 हजार करोड़ रुपए का आवंटन किया है। पिछले साल के मुकाबले इसमें 7.84 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है। यह वृद्धि मोदी सरकार के जल क्षेत्र पर बढ़ते जोर के अनुरूप है, जिसमें 2024 तक 18 करोड़ ग्रामीण परिवारों को पीने का पानी लेने की योजना शामिल है।

हर घर जल पहुंचाना लक्ष्य  

देश के हर नागरिक को स्वच्छ पेय जल उपलब्ध कराना मोदी सरकार की प्राथमिकता है। सरकार 2024 तक ‘हर घर जल’ के लक्ष्य पर काम कर रही है। हर घर जल की योजना को 2050 की आवश्यकता को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है। इस संबंध में सरकार कई व्यापक योजनाओं पर तेजी से काम कर रही है।   

अटल भूजल योजना की शुरूआत

पिछले साल पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर पीएम मोदी ने अटल भूजल योजना आरम्भ की थी। अटल भूजल योजना से महाराष्ट्र, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान और गुजरात जैसे राज्यों के भूजल के स्तर को उठाने में बहुत मदद मिलेगी। छह हजार करोड़ रुपए की इस योजना से सात राज्यों के 8,350 गांवों को फायदा होगा। देश में बारिश और अन्य संसाधनों से मिलने वाले जल का मात्र पांच प्रतिशत ही पेयजल में इस्तेमाल होता है। 

 

15 करोड़ घरों तक जलापूर्ति का लक्ष्य  

एक आंकड़े के मुताबिक आजादी के 70 वर्षों में 18 करोड़ ग्रामीण परिवारों में से केवल 3 करोड़ के पास पाइप जलापूर्ति की सुविधा पहुंच पाई है। मोदी सरकार ने अगले पांच वर्षों में 15 करोड़ घरों में पाइपों के जरिए पीने के स्वच्छ पानी की सुविधा पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया है और इस दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है।

सरपंचों और ग्राम प्रधानों को लिखा पत्र

जल संचय के महत्व को देखते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने देशभर के पिछले साल देशभर के सरपंचों और ग्राम प्रधानों को पत्र लिख कर उनसे बारिश का जल एकत्र करने का आग्रह किया था। पीएम मोदी ने चिट्ठी में इस सरपंचों से कहा है कि वह अपने अपने गांवों में ग्राम सभा बुलाएं और चिट्ठी पढ़ कर सुनाएं ताकि लोगों के सहयोग से बारिश का पानी का संचयन किया जा सके। 

Leave a Reply