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फेक न्यूज फैलाते पकड़े गए कांग्रेस सांसद शशि थरूर, IDSA के डीजी ने खोली झूठ की पोल, लोगों ने सोशल मीडिया में लगायी क्लास

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सोशल साइट ट्विटर और मीडिया में बेहद सक्रिय रहने वाले कांग्रेस सांसद शशि थरूर फेक न्यूज को सही समझ बैठे और इसको फौरन ट्विटर पर शेयर कर दिया। शशि थरूर ने ट्विटर पर सितंबर 14, 2020 को दावा किया कि ‘मनोहर पर्रिकर इंस्टिट्यूट ऑफ डिफेन्स एंड एनालिसिस’ के फैकल्टीज को अगस्त और सितम्बर महीने की न तो सैलरी मिली है और न ही उन्हें पेंशन दिया जा रहा है। लेकिन फेक न्यूज फैलाने की उनकी ये कोशिश जल्द पकड़ में आ गई और उन्हें सोशल मीडिया में काफी शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा।

द हिंदू की रिपोर्ट के आधार पर झूठा दावा

थरूर ने रविवार (सितम्बर 13, 2020) को द हिंदू में प्रकाशित एक रिपोर्ट के आधार पर दावा किया कि केंद्रीय रक्षा मंत्रालय के प्रीमियर थिंक टैंक ने इस तरह का निर्णय लिया है, जिससे वो स्तब्ध हैं। उन्होंने दावा किया कि ‘मनोहर पर्रिकर IDSA’ में फैकल्टीज को सैलरी और पेंशन नहीं दिया जाएगा। साथ ही उन्होंने इसे मोदी सरकार की वित्तीय क्षमता से भी जोड़ा।

गोलिएथ से हुई शशि थरूर की तुलना 

‘मनोहर पर्रिकर IDSA’ के डायरेक्टर जनरल सूजन चिनॉय खुद सामने आकर शशि थरूर के दावे को खारिज करते हुए जवाब दिया। उन्होंने पूछा कि आखिर वह (थरूर) झूठे दावों पर यकीन कैसे कर लेते हैं। सूजन चिनॉय ने अपने ट्वीट में खुद की तुलना ‘बुक ऑफ सैमुअल’ के पात्र डेविड से की और शशि थरूर की तुलना गोलिएथ से करते हुए कहा कि आखिर वो फेक न्यूज़ पर इतनी जल्दी भरोसा कैसे कर लेते हैं? जिसका थरूर ने कोई जवाब नहीं दिया।

फेक न्यूज फैलाते बुरे फंसे थरूर

द हिन्दू की खबर में दावा किया गया था कि MP-IDSA ने अपनी फैकल्टी को यह बात कही है कि वह उन्हें सैलरी और पेंशन नहीं दे सकते। द हिंदू के मुताबिक यह सूचना अगस्त के अंत में एक ईमेल में महानिदेशक द्वारा फैकल्टी को दी गई थी। साथ ही इसके पीछे यह वजह बताई गई थी कि ऐसा फंड में कमी के कारण है। शशि थरूर ने द हिन्दू की इस खबर के आधार पर मोदी सरकार को घेरने का प्रयास किया। लेकिन खुद फंस गए। सोशल मीडिया में झूठी खबर फैलाने के कारण लोगों ने शशि थरूर की जमकर लताड़ लगाई। आप भी देखिए-

 

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