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प्रदूषण का कहर झेल रहे दिल्ली-एनसीआर के करोड़ों लोगों को बजट 2020 से मिली बड़ी राहत

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बढ़ता प्रदूषण आज हर किसी के लिए एक बड़ी समस्या बन चुका है। देश की राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण की भयावह स्थिति के कारण लोगों को सांस लेने में तकलीफ होने लगी है। एयर क्वॉलिटी इंडेक्स से जुड़े आंकड़े स्पष्ट करते हैं कि दिल्ली में सांस लेने लायक साफ हवा लोगों के लिए एक सपना ही है। ऐसे में पिछले दो दशकों से लगातार प्रदूषण का कहर झेल रहे दिल्ली-एनसीआर के करोड़ों लोगों के लिए आम बजट 2020 बड़ी राहत लेकर आया है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट में दिल्ली-एनसीआर सहित देश के बड़े शहरों में बढ़ते प्रदूषण से निपटने के लिए 4400 करोड़ रुपये आवंटित किया है। 

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को लोकसभा में आम बजट 2020-21 पेश किया। इसके तहत राज्य सरकारों को 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों में साफ हवा की उपलब्धता बढ़ाने के लिए योजनाएं तैयार करने को कहा गया है। 

बजट भाषण पढ़ते हुए उन्होंने 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों में स्‍वच्‍छ हवा की उपलब्‍धता न होने पर भी चिंता व्‍यक्‍त की। उन्होंने राज्यों से अधिक से अधिक स्‍वच्‍छ हवा सुनिश्चित करने के लिए योजनाएं तैयार करने के लिए कहा। सीतारमण ने कहा, ”इस पहल के लिए 2020-21 की अवधि के लिए 4,400 करोड़ रुपए का आवंटन किया गया है। संबंधित योजनाओं और पहलों के लिए पर्यावरण, वन एवं जलवायु परितर्वन मंत्रालय जल्द ही उपयुक्त मानदंड अधिसूचित करेगा।”

इसी के साथ वित्त मंत्री ने कार्बन उत्‍सर्जन से व्यापक स्तर पर निपटने के लिए पुराने ताप विद्युत संयंत्रों को बंद करने और वैकल्पिक प्रयोजन के लिए खाली पड़ी भूमि का उपयोग करने की मंशा व्यक्त की। सीतारमण ने बजट में आपदा सक्षम अवसंरचना को जलवायु परिवर्तन के अनुकूल बनाने के भी प्रस्ताव रखे।

सीतारमण ने कहा, ”आपदा सक्षम अवसंरचना गठबंधन (सीडीआरआई) का शुभारंभ सितम्‍बर 2019 में किया गया था। इसका सचिवालय दिल्‍ली में है। इस वैश्विक भागीदारी से अनेक सतत विकास लक्ष्‍यों (एसडीजी) के साथ-साथ सेंडाई रुपरेखा के लक्ष्‍यों को भी पूरा करने में मदद मिलेगी। इससे आपदा सक्षम अवसंरचना को जलवायु परिवर्तन के अनुकूल बनाना आसान होगा।”

वित्‍त मंत्री ने पेरिस समझौता-2015 के तहत उल्लेखित ”राष्‍ट्रीय स्‍तर पर निर्धारित अंशदान (एनडीसी) को सुनिश्चित करने की दिशा में सरकार द्वारा किये जा रहे प्रयासों को भी रेखांकित किया।”

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