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बिहार विकास स्पेशल : मोदी राज में प्रगति के पथ पर तेजी से बढ़ता बिहार

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हमेशा बिहार के विकास को प्राथमिकता दी है। वहीं बिहार ने भी 2014 और 2019 के लोकसभा चुनाव में अपार जन समर्थन देकर केंद्र में मजबूत सरकार बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। देश की बागडोर संभालते ही प्रधानमंत्री मोदी बिहार को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के काम में लग गए। उन्होंने 2015 में बिहार विधानसभा चुनाव के प्रचार के दौरान सवा लाख करोड़ रुपये का स्पेशल पैकेज देकर बिहार के विकास के लिए क्रांतिकारी पहल की। इसके बाद लगातार योजनाओं और परियोजनाओं की सौगात देकर बिहार के लोगों की जिंदगी को खुशहाल बनाने का प्रयास किया है। आइए देखते हैं प्रधानमंत्री मोदी किस तरह आत्मनिर्भर बिहार के रचनाकार के रूप में अपनी भूमिका निभा रहे हैं-

मोदी सरकार में पहली बार

  • मोदी सरकार ने सामान्य वर्ग के गरीब लोगों को दस प्रतिशत आरक्षण दिया,जिसका लाभ बिहार के लोगों को भी मिल रहा है।
  • मोदी सरकार ने पटना मेट्रो के निर्माण को मंजूरी दी। 31.39 किलोमीटर लंबी मेट्रो लाइन का निर्माण होना है।
  • चम्‍पारण सत्‍याग्रह के 100 वर्ष के अवसर पर कटिहार से पुरानी दिल्‍ली तक चम्‍पारण हमसफर एक्‍सप्रेस चलाने की घोषणा हुई।
  • मोदी सरकार ने बिहटा में 981 करोड़ रुपये की लागत से एक नया हवाई अड्डा बनाने को मंजूरी दी।
  • एएआई ने रक्षा मंत्रालय द्वारा संचालित दरभंगा हवाईअड्डे का विकास आम लोगों के लिए किया है।
  • मोदी कैबिनेट ने सितंबर 2020 में दरभंगा में 1264 करोड़ रुपए की लागत से एम्स बनाने को मंजूरी दी।
  • मोदी सरकार ने छपरा और पुर्णिया में नए मेडिकल कॉलेज के निर्माण को मंजूरी दी।  
  • पीएम मोदी ने 10 सितंबर, 2019 को मोतिहारी-अमलेखगंज (नेपाल) पेट्रोलियम उत्पाद पाइपलाइन का उद्घाटन किया।
  • देश और बिहार में मोदी सरकार ने गाय, भैंस और दूसरे पशुओं के लिए मुफ्त टीकाकरण का अभियान चलाया।
  • पीएम मोदी ने मोबाइल एप ई-गोपाला और पूर्णिया में 84.27 करोड़ रुपये की लागत से बने वीर्य केंद्र का उद्घाटन किया।
  • मोदी सरकार की पहल से मोतिहारी में महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय की स्थापना की गई।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा, “जैसे भारत के पश्चिमी छोर पर आर्थिक गतिविधियां होती हैं, उसकी बराबरी करने की, बल्कि मैं कहूंगा कि उससे भी आगे निकलने की ताकत हमारे बिहार और पूर्वी भारत में है।“

“पहले हिंसा करने वालों को पूरी छूट दी जाती थी। एनडीए सरकार ने बिहार को हिंसा के चंगुल से बाहर निकाला। अब राज्य में गरीबों को पक्के मकान दिए जा रहे हैं और उन्हें पूरा हक मिल रहा है।“

“हमें लोकल प्रोडक्ट्स के लिए और ज्यादा वोकल होना है। हम लोकल के लिए जितना वोकल होंगे, उतना ही बिहार आत्मनिर्भर बनेगा। बिहार के गांवों को आत्मनिर्भर भारत का केंद्र बनाने के लिए हमारे प्रयास और बढ़ने वाले हैं।”

”बिहार के लोग देश में हों या विदेश में अपने परिश्रम से, अपनी प्रतिभा से, अपना लोहा मनवाते हैं। मुझे विश्वास है कि बिहार के लोग आत्मनिर्भर बिहार के सपनों को पूरा करने में भी निरंतर इसी तरह काम करते रहेंगे।”

कोरोनाकाल में बिहार का ख्याल

  • बिहार के 8.7 करोड़ लोगों को अप्रैल से नवंबर तक (छठ पूजा तक) मुफ्त राशन दिया जा रहा है।
  • उज्जवला योजना के तहत बिहार के लगभग 1.25 करोड़ गरीब परिवारों को मुफ्त गैस कनेक्शन दिया गया।
  • पीएम गरीब कल्याण योजना के तहत 2.38 करोड़ महिला जनधन खाता धारकों को 1500 सौ की दर से राशि दी गई।
  • राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम के तहत 36 लाख से अधिक लाभार्थियों को एक-एक हजार रुपये की राशि दी गई।
  • 20 जून, 2020 को गरीब कल्याण रोजगार अभियान की शुरुआत की गई। इसमें बिहार के 32 जिले शामिल किए गए।
  • गरीब कल्याण रोजगार अभियान के तहत अल्पावधि में ही 90 सामुदायिक स्वच्छता परिसर का निर्माण किया गया।
  • जो पहले नियमित रूप से किश्त चुका रहे थे, लेकिन कोरोना के कारण वो ऐसा नहीं कर पाए, उनको ब्याज़ में राहत दी गई है।
  • लॉकडाउन के दौरान डाक विभाग ने बिहार के 23 लाख लोगों को घर बैठे बैंक से लेनदेन की सुविधा दी गई।
  • पीएम केयर्स फंड के तहत बिहार को 100 (जून, 2020 तक) स्वदेशी वेंटिलेटर्स दिए गए।
  • मनरेगा के तहत मजदूरों की दिहाड़ी 182 रुपये से बढ़ाकर 202 रुपये की गई।
  • रेहड़ी-पटरी वालों को अपनी आजीविका शुरू करने के लिए पीएम स्वनिधि योजना 01 जून, 2020 को लॉन्च की गई।
  • स्‍ट्रीट वेंडर के लिए ऋण सुविधा दी गई, इससे बिहार के स्ट्रीट वेंडर लाभान्वित होंगे।
  • पटना और मुजफ्फरपुर में 500 बिस्तरों वाले कोविड-19 अस्थायी अस्पतालों के निर्माण के लिए पीएम केयर्स फंड से धन आवंटित किया गया।
  • प्रवासी मजदूरों के आवास, भोजन और इलाज के लिए पीएम केयर्स फंड से बिहार को 51 करोड़ रुपये जारी किए गए।
  • श्रमिक स्पेशल ट्रेनों के माध्यम से बिहार के प्रवासी मजदूरों को उनके गृह राज्य भेजा गया।

बिहार के विकास को समर्पित

1,25,003 करोड़ रुपये का बिहार पैकेज-2015

किसानों का कल्याण 3,094 करोड़ रुपये
शिक्षा 1,000 करोड़ रुपये
कौशल विकास 1,550 करोड़ रुपये
स्वास्थ्य 600 करोड़ रुपये
पर्यटन 600 करोड़ रुपये
विद्युत 16,130 करोड़ रुपये
ग्रामीण सड़क 13,820 करोड़ रुपये
राजमार्ग 54,713 करोड़ रुपये
रेलवे 8,870 करोड़ रुपये
हवाई अड्डा 2,700 करोड़ रुपये
डिजिटल बिहार 449 करोड़ रुपये
पेट्रोलियम और गैस 21,476 करोड़ रुपये

40,657 करोड़ रुपये का अन्य निवेश

  • 8,282 करोड़ रुपये 2013 के पैकेज की व्यय न की गई राशि(12,000 करोड़ रुपये में से)
  • 12,375 करोड़ रुपये राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माणाधीन कार्य
  • 20,000 करोड़ रुपये बांका में पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप के अंतर्गत अल्ट्रा मेगा पावर प्रोजेक्ट

बिहार को दोगुने से अधिक धन आवंटित

  • केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री अनुराग ठाकुर ने पटना में कहा कि बिहार के विकास के लिए मोदी सरकार ने यूपीए सरकार से दोगुने से अधिक धन आवंटित किया।
  • वित्त राज्यमंत्री ने दावा किया कि यूपीए द्वारा बिहार को दी गई धनराशि की तुलना में केंद्र की मोदी सरकार ने 119 प्रतिशत की वृद्धि की।
  • 2014-19 के दौरान बिहार को 1,09,642 करोड़ रुपये अनुदान राशि दी गई, जबकि यूपीए ने 2009-14 के दौरान मात्र 50,008 करोड़ रुपये अनुदान दिया।
  • कर निर्धारण के माध्यम से बिहार को 2009-14 के दौरान 1,36,845 करोड़ रुपये मिला, जबकि 2014-2019 के दौरान 2,83,452 करोड़ रुपये मिला, जो लगभग 107 प्रतिशत अधिक है।

गरीबों का कल्याण

  • मोदी सरकार ने एससी, एसटी, पिछड़े और अतिपिछड़ों के सशक्तिकरण के लिए आरक्षण को और दस साल के लिए बढ़ाया और एससी/एसटी कानून को मजबूत बनाया।
  • प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत मार्च, 2020 तक बिहार में 25.4 लाख घरों को मंजूरी दी गई, जिसमें से 12.6 लाख घरों का निर्माण किया जा चुका है।
  • प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत भूमिहीन लाभार्थियों, जिन्हें घर बनाने के लिए जमीन नहीं है, बिहार की एनडीए सरकार ने 60 हजार रुपये देने की घोषणा की।
  • प्रधानमंत्री जन धन योजना के अंतर्गत 21 अक्टूबर, 2020 तक बिहार में 7 करोड़ नये अकाउंट खोले गए। इनमें ढाई करोड़ से ज्यादा खाते महिलाओं के नाम हैं। इन खातों में 13,621.96 करोड़ रुपये की राशि जमा की गई है।
  • मुद्रा योजना के तहत बिहार में 4 लाख से ज्यादा बिना गारंटी के ऋण आवंटित हुए हैं, जिसमें से लगभग ढाई लाख बिहार की महिला उद्यमियों ने लिए हैं।
  • मनरेगा के तहत मजदूरों की दिहाड़ी 182 रुपये से बढ़ाकर 202 रुपये की गई। रेहड़ी-पटरी वालों को अपनी आजीविका शुरू करने के लिए पीएम स्वनिधि योजना 01 जून, 2020 को लॉन्च की गई।
  • बिहार में श्रमयोगी पेंशन योजना के तहत लगभग 2 लाख श्रमिक साथी जुड़ चुके हैं, इसमें से भी लगभग 70 हज़ार महिलाएं शामिल हैं।
  • ‘स्वामित्व योजना’ के तहत मिलने वाले प्रॉपर्टी कार्ड से घर और जमीन पर मालिकाना हक सुरक्षित होगा। गांव के लोगों को बिना किसी विवाद के प्रॉपर्टी खरीदने और बेचने का रास्ता साफ होगा।
  • ‘वन नेशन वन कार्ड’ के तहत प्रवासी मजदूर किसी भी शहर और राज्य में एफपीएस की दुकान से अपना राशन ले सकते हैं।
  • कौशल विकास मंत्रालय कार्य बल की स्किलिंग, अप-स्किलिंग और री-स्किलिंग के लिए विशेष प्रयास कर रहा है। गांवों में श्रमिकों की हुनर मैपिंग की शुरुआत की गई है, ताकि श्रमिकों के कौशल के मुताबिक काम मिल सके।

आत्मनिर्भरता की ओर किसान

  • नए कृषि कानूनों के तहत बिहार के किसानों को भी कृषि मंडियों से अलग अपने उत्पादों को बेचने का विकल्प मिलेगा।
  • बिहार के किसान अब अपने उत्पाद जहां अधिक लाभ मिले वहां बेच सकते हैं और उपज का बेहतर मूल्य हासिल कर सकते हैं।
  • पीएम किसान सम्मान निधि के तहत बिहार के करीब 75 लाख किसानों के बैंक खातों में सीधा पैसा पहुंचाया गया।
  • योजना शुरू होने से अब तक करीब 6 हज़ार करोड़ रुपये बिहार के किसानों के बैंक खातों में जमा हो चुके हैं।
  • राजेन्द्र प्रसाद कृषि विश्वविद्यालय, पूसा को केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय में परिवर्तित किया गया।
  • मत्स्य पालन, पानी प्रबंधन, खेती के यांत्रिकीकरण और गुणवत्ता वाले बीजों के लिए 1800 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया।
  • पीएम मोदी ने बिहार से 20,050 करोड़ की लगात से प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना की शुरुआत की।
  • पीएमएमएसवाई योजना के तहत बिहार में 535 करोड़ रुपये की केन्द्र की हिस्सेदारी के साथ 1390 करोड़ रुपये के निवेश होगा।
  • छोटे किसानों को बिचौलियों के चंगुल से बाहर निकालकर कृषि उत्पादक संघों (FPOs) के तहत संगठित किया जा रहा है।
  • नए कृषि सुधारों से बिहार के युवा उद्यमियों और स्टार्ट-अप्स के लिए अनेक अवसर बनाए जा रहे हैं।
  • प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत बिहार के 23 हज़ार हेक्टेयर से ज्यादा भूमि को सिंचाई के दायरे में लाया गया है।
  • 40 साल से अटकी उत्तर कोइल परियोजना को पूरा करने का काम एनडीए की सरकार ने ही किया है।
  • बिहार में कृषि इंफ्रास्ट्रक्चर पर तेजी से काम हो रहा है। गांवों और छोटे शहरों में कोल्ड स्टोरेज की व्यवस्था की जा रही है।

आधारभूत संरचना का विकास

बढ़ता रेल संपर्क

  • पीएम मोदी ने 18 सितंबर, 2018 को ऐतिहासिक कोसी रेल महासेतु को देश को समर्पित किया।
  • सुपौल-आसनपुर-कुपहा रेल मार्ग शुरू होने से कोसी क्षेत्र और पूर्वोत्तर के लोगों को वैकल्पिक रेल मार्ग मिला।
  • पीएम मोदी ने किऊल नदी पर रेलवे पुल और किऊल व लखीसराय स्टेशन पर इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिग का उद्घाटन किया।
  • पीएम मोदी ने हाजीपुर-घोसवर-वैशाली रेललाइन की शुरुआत की। इससे वैशाली में पर्यटन को काफी बढ़ावा मिलेगा।
  • पीएम मोदी ने सुपौल-राघोपुरा डेमू ट्रेन को भी हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
  • डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर पर काम तेज गति से चल रहा है और इस कॉरिडोर का लगभग 250 किमी हिस्सा बिहार में है।
  • पीएम मोदी ने बरौनी में इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव शेड और मधेपुरा में इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव फैक्‍ट्री के फेस वन का उद्घाटन किया।

बिहार में यूपीए से बेहतर एनडीए का प्रदर्शन

दोगुनी नई रेललाइनों का निर्माण

वर्ष 2009-14 325 किलोमीटर
वर्ष 2014-19 700 किलोमीटर

* 1000 किलोमीटर नई रेललाइनों को बनाने का काम जारी

पटना मेट्रो की सौगात

  • पीएम मोदी ने 17 फरवरी, 2019 को 13,365 करोड़ रुपये की लागत से पटना मेट्रो रेल परियोजना की आधारशिला रखी।
  • पटना मेट्रो परियोजना के तहत दो कॉरिडोर बनाए जाएंगे। ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर और नॉर्थ-साउथ कॉरिडोर।
  • ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर (दानापुर से मीठापुर बस स्टैंड) की लंबाई 16.94 किमी होगी। इसमें स्टेशनों की संख्या 12 होगी।
  • नार्थ-साउथ कॉरिडोर (पटना रेलवे स्‍टेशन से नया आईएसबीटी) की लंबाई 14.45 किमी होगी। इसमें स्टेशनों की संख्या 12 होगी।
  • पटना मेट्रो का 16 किलोमीटर हिस्सा अंडरग्राउंड और बाकी का 15 किलोमीटर जमीन से ऊपर होगा।

सड़कों का जाल

  • पीएम मोदी ने 21 सितंबर, 2020 को बिहार में 14000 करोड़ रुपये की 9 राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का शिलान्यास किया।
  • नौ राजमार्ग परियोजनाओं की कुल लंबाई लगभग 350 किलोमीटर है। परियोजना पर 14,258 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
  • बिहार में साढ़े 3 हजार किलोमीटर लंबे राष्ट्रीय राजमार्ग या तो बने हैं, या फिर उनको चौड़ा किया जा रहा है।
  • भारतमाला परियोजना के अंतर्गत बिहार में 650 किलोमीटर लंबे राजमार्ग का निर्माण कार्य जारी है।
  • पूर्वी और पश्चिमी बिहार को जोड़ने के लिए चार लेन की 5 परियोजनाओं पर काम चल रहा है।
  • उत्तर और दक्षिण बिहार को जोड़ने के लिए चार लेन की 6 परियोजनाओं पर कम चल रहा है।
  • गंगा नदी पर 17 पुलों का निर्माण किया जा रहा है, जिसमें से अधिकांश पूर्ण होने के चरण में है।
  • पटना में गंगा नदी पर महात्मा गांधी सेतु और भागलपुर में विक्रमशिला सेतु के समानांतर पुल का निर्माण किया जा रहा है।
  • मोकामा में राजेंद्र पुल के समानांतर गंगा नदी पर छह लेन के सड़क पुल का निर्माण कार्य जारी है।
  • बिहार विकास पैकेज-15 में घोषित 75 परियोजनाओं में से 13 परियोजनाएं पूरी और 38 परियोजनाओं पर काम जारी है।
  • प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2016-17 से अबतक 16452.37 किमी सड़कों का निर्माण किया गया है।
  • प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तृतीय फेज में बिहार में 6162 किमी ग्रामीण सड़कें अपग्रेड की जाएंगी।
  • पीएम सड़क योजना के तहत लगभग 22 हजार करोड़ रुपये की सड़कें बिहार के गांवों में बनाई गई हैं।

हावाई अड्डों का विकास

  • बिहटा में प्रति वर्ष 50 लाख यात्रियों को संभालने की क्षमता के साथ नया हवाई अड्डा बनाया जा रहा है।
  • पटना में एलएनजेपी हवाई अड्डा पर नये टर्मिनल के निर्माण से प्रतिवर्ष 80 लाख यात्रियों को संभालने की क्षमता हो जाएगी।
  • एएआई 90 करोड़ रुपये की लागत से दरभंगा हवाई अड्डे पर एक टर्मिनल भवन और सिविल एन्क्लेव बना रहा है।
  • बिहार में 33 पोस्ट ऑफिस पासपोर्ट सेवा केंद्र खुल चुके हैं। अब पासपोर्ट बनवाना और आसान हो गया है।

रिवर फ्रंट का विकास

  • नमामि गंगे परियोजना के तहत 300 करोड़ रुपये की लागत से पटना के घाटों को खूबसूरत बनाने का काम हो रहा है।
  • पीएम मोदी ने 17 फरवरी, 2019 को पटना रिवर फ्रंट को स्थानीय लोगों को समर्पित किया।
  • पीएम मोदी ने 15 सितंबर, 2020 को मुजफ्फरपुर में नमामि गंगे योजना के तहत तीन रिवर फ्रंट परियोजना की आधारशिला रखी।
  • हल्दिया और वाराणसी के बीच वाटरवे पर व्यापारिक जहाज़ चलने से पटना और भागलपुर को भी कनेक्टिविटी मिली है।

गैस आपूर्ति का विस्तार

  • विशेष पैकेज-2015 में पेट्रोलियम और गैस से संबंधित 21 हजार करोड़ रुपये की 10 परियोजनाओं की घोषणा की गई।
  • इन परियोजनाओं में से सात परियोजनाएं 13 सितंबर, 2020 तक पूरी हो चुकी है।
  • 13 सितंबर, 2020 को पीएम मोदी ने पारादीप-मुजफ्फरपुर गैस पाइपलाइन के तहत दुर्गापुर-बांका सेक्शन का उद्घाटन किया।
  • प्रधानमंत्री मोदी ने बांका और चंपारण में दो एलपीजी बॉटलिंग संयंत्र का उद्घाटन किया।
  • फरवरी 2019 में पीएम मोदी ने जगदीशपुर-हल्दिया गैस पाइप लाइन के पटना-फूलपुर सेक्‍शन का लोकार्पण किया।
  • पीएम मोदी ने पटना में पाइप्‍ड गैस आपूर्ति के लिए पटना सिटी गैस वितरण परियोजना का उद्घाटन किया।
  • मुजफ्फरपुर में शेरपुर बॉटलिंग प्लांट की क्षमता 60 से बढ़ाकर सलाना 120 हजार मीट्रिक टन की गई।

रोशन हुआ बिहार

  • मोदी सरकार के सौभाग्य योजना के तहत बिहार के बचे हुए 3320 गांवों में बिजली पहुंचाई गयी।
  • दिसंबर 2017 तक सभी गांवों, अप्रैल 2018 तक सभी टोलों और अक्टूबर 2018 तक सभी घरों तक बिजली पहुंचाई गई।
  • बिहार में 100 से अधिक नगर निकायों में 4.5 लाख से अधिक एलईडी स्ट्रीट लाइटें लगाई गई हैं।
  • पीएम मोदी ने मार्च 2019 में बक्सर के चौसा में 1300 मेगावाट के दो थर्मल पावर प्लांट का शिलान्यास किया।
  • बिहार विकास पैकेज-2015 में ऊर्जा का उत्पादन, ट्रांसमीशन और वितरण की व्यवस्था पर विशेष बल दिया गया।
  • दीन दयाल उपाध्याय ग्राम विद्युत योजना के तहत बिहार के लिए 5,880 करोड़ रुपये आवंटित किया गया।
  • मोदी सरकार ने हर गांव में दो अलग-अलग बिजली लाइनों की व्यवस्था का प्रावधान किया।

डिजिटल हुआ बिहार

  • 21 सितंबर, 2020 को पीएम मोदी ने बिहार के लिए ‘घर तक फाइबर’ कार्यक्रम की शुरुआत की।
  • ‘घर तक फाइबर’ कार्यक्रम के तहत बिहार के करीब 46 हजार गांवों को ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क से जोड़ा जाएगा।
  • बिहार में 34,821 कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) हैं। इसके कार्यबल का इस्तेमाल ‘घर तक फाइबर’ कार्यक्रम में होगा।
  • प्राइमरी स्कूल, आंगनबाड़ी, आशा वर्कर और जीविका दीदियों को एक साल के लिए मुफ्त इंटरनेट सुविधा दी जाएगी।
  • डीबीटी के माध्यम से योजना की राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खाते में ट्रांसफर की जा रही है।
  • टेक्नोलॉजी के माध्यम से इंस्पेक्टर राज को समाप्त करने के लिए अनेक बड़े कदम उठाए गए।
  • मोदी सरकार ने पेंशनभोगियों की सुविधा के लिए डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र की शुरुआत की।

शैक्षिक विकास 

  • भागलपुर में विक्रमशिला विश्वविद्यालय की जगह केन्द्रीय विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए 500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया।
  • बिहार पैकेज-2015 के तहत बोध गया में एक इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट (IIM) की स्थापना की गई।
  • बिहार पैकेज-2015 के तहत राज्य में 1,250 करोड़ रुपये की लागत से स्किल विश्वविद्यालय की स्थापना की घोषणा की गई।
  • सभी स्कूलों में शौचालयों के निर्माण से लड़कियों की सुरक्षा सुनिश्चित हुई है, जिससे स्कूल ड्रॉप ऑउट में कमी आई है।

स्वच्छ बिहार

  • 2014 में बिहार का स्वच्छता कवरेज 21.60 प्रतिशत था, जो 2 अक्टूबर, 2019 को बढ़कर 100 प्रतिशत हो गया।
  • स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण के तहत बिहार के ग्रामीण क्षेत्रों में 14.6 लाख से अधिक शौचालय का निर्माण किया गया।
  • एक स्टडी में सामने आया कि स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) से एक परिवार को सालाना 53 हजार रुपये की बचत होती है।
  • डायरिया से बीमार पड़ने की घटनाएं कम हुईं और शौच के लिए घर से बाहर जाने में लगने वाले समय की बचत हो रही है।
  • शौचालय के निर्माण से महिला को सम्‍मान, सुरक्षा और स्‍वास्‍थ्‍य, तीनों मिल रहा है।
  • गंगा नदी की स्वच्छता को ध्यान में रखते हुए बिहार में 50 से अधिक परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है।
  • पीएम मोदी ने नमामि गंगे योजना के तहत पटना सिटी के बेउर और करम-लीचक में जल-मल शोधन संयंत्र का उद्घाटन किया।
  • अप्रैल 2018 में पीएम मोदी ने चंपारण सत्याग्रह शताब्दी समारोह के समापन पर स्वच्छाग्रहियों को संबोधित किया।

स्वस्थ बिहार

  • मोदी सरकार की पहल से छपरा और पुर्णिया में नए मेडिकल कॉलेज का निर्माण किया जा रहा है।
  • मोदी सरकार के प्रयास से भागलपुर और गया के मेडिकल कॉलेज को अपग्रेड किया गया है।
  • आयुष्मान योजना के तहत अक्टूबर 2020 तक बिहार में करीब 2 लाख मरीजों का मुफ्त इलाज किया जा चुका है।
  • करीब 53.92 लाख पात्र लाभार्थियों और करीब 25.02 लाख परिवारों को गोल्डन कार्ड जारी किए जा चुके हैं।
  • अक्टूबर 2020 तक आयुष्मान योजना से 871 अस्पताल जुड़े हैं, इनमें 607 सरकारी और 264 निजी अस्पताल शामिल हैं।.
  • नेशनल डिजिटल हेल्थ मिशन भी शुरु किया जा रहा है। इसके तहत बिहार के सभी नागरिकों का हेल्थ रिकॉर्ड बनेगा।

उद्योगों को बढ़ावा

  • बिहार में लोकल उत्पाद को बढ़ावा देने के लिए जिले में ही उद्योग लगाए जाने की योजना है।
  • स्थानीय कृषि उपज से अलग-अलग उत्पाद की पैकिंग वाली चीजें बनाने के लिए उद्योग समूह बनाए जाएंगे।
  • मोदी सरकार ने एमएसएमई को आर्थिक रूप से सक्ष्म बनाने के लिए इसकी परिभाषा में संशोधन किया।
  • एमएसएमई के लिए 3 लाख करोड़ रुपये की आपातकालीन कार्यशील पूंजी सुविधा दी गई है। इससे बिहार को लाभ मिलेगा।
  • एमएसएमई की सहायता और कारोबार के नए अवसर के लिए ‘चैंपियंस’ पोर्टल लॉन्च किया गया है।
  • गांवों को आर्थिक रूप से संपन्न बनाने के लिए ग्रामीण उद्योगों को बढ़ावा दिया जा रहा है।

आत्मनिर्भर बिहार का आधार ग्रामीण उद्योग : अनाज प्रसंस्करण उद्योग, मृदा उद्योग, शक्कर और गुड़ प्रसंस्करण उद्योग, सूती कपड़ा बनाना, लकड़ी उद्योग, विविध कुटीर उद्योग

रोजगार के बढ़े अवसर  

  • स्टार्ट अप इंडिया, मुद्रा योजना और ऐसी कई योजनाओं ने बिहार के युवाओं को स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहन दिया।
  • राज्य के युवा वर्ग को रोजगार देने के लिए राज्य में अधिक से अधिक औद्योगिक यूनिट्स की स्थापना पर जोर दिया गया है।
  • नए उद्योग स्थापित करने हेतु प्लांट और मशीनरी की लागत में 15% की राशि के बराबर टैक्स में अतिरिक्त कटौती का प्रावधान किया गया।
  • यह कटौती 1 अप्रैल, 2015 से 31 मार्च 2020 तक की अवधि के बीच हुए निवेश पर लागू की गई।

जल जीवन मिशन

  • अमृत मिशन के तहत बिहार के 27 शहरों को आधुनिक सुविधाओं से जोड़ा जा रहा है।
  • अमृत मिशन के तहत लगभग 6 लाख परिवारों को शुद्ध पेय जल उपलब्ध कराने के लिए कनेक्शन दिए गए।
  • 15 सितंबर, 2020 को पीएम मोदी ने सिवान और छपरा में जलापूर्ति से संबंधित परियोजनाओं का उद्घाटन किया।
  • पीएम मोदी ने मुंगेर और जमालपुर में जलापूर्ति योजनाओं की आधारशिला भी रखी।
  • प्रधानमंत्री गरीब कल्याण रोज़गार अभियान के तहत 57 लाख से अधिक परिवारों को पानी के कनेक्शन दिए गए।
  • 5 वर्ष पहले बिहार के गांव में 2 प्रतिशत घरों में साफ पानी की आपूर्ति थी। आज आंकड़ा बढ़कर 70 प्रतिशत से अधिक हो गया है।
  • बिहार में गंगा के किनारे के गांवों को भी ‘गंगा ग्राम’ के रूप में विकसित किया जा रहा है।

सशक्त पंचायत

  • मोदी सरकार ने 14वें वित्त आयोग के माध्यम से ग्राम पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाया है।
  • पंचायतों की अनुदान राशि में तीन गुनी बढ़ोतरी कर उसे सीधे पंचायतों के बैंक खातों में भेजने का फैसला किया।
  • ग्राम पंचायत विकास योजना, राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान और राष्ट्रोदय से भारत उदय अभियन की शुरुआत की गई।
  • 24 अप्रैल, 2020 को पीएम मोदी ने ग्राम पंचायतों को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये संबोधित किया।
  • 24 अप्रैल, 2020 को पीएम मोदी ने ई-ग्राम स्वराज पोर्टल और मोबाइल एप लॉन्च किया।
  • 8 मार्च, 2020 को महिला दिवस पर सभी ग्राम पंचायतों में विशेष ग्राम सभा और महिला सभाओं का आयोजन किया गया।
  • पंचायत प्रतिनिधियों और कर्मियों की कुशलता के लिए पूरे बिहार में प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।
  • बिहार के 635 गांवों में राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान- 2018 को लागू किया गया।
  • पीएम मोदी ने पंचायतों में जल संचय के लिए सरपंचों और ग्राम प्रधानों को पत्र लिखा।
  • ई-पंचायत के माध्यम से पंचायत-स्तर पर ही ई-गवर्नेंस की सुविधाएं मिल रही है।

नक्सलियों पर शिकंजा

  • मोदी सरकार नक्सलवादियों की कमर तोड़ने के अलावा प्रभावित क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास पर काम कर रही है।
  • बीते वर्षों में बिहार के इस हिस्से को नक्सलियों के आतंक से मुक्ति दिलाने के लिए कड़े कदम उठाए गए हैं।
  • अप्रैल 2018 में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने बिहार के सात जिलों को नक्सल उग्रवाद से मुक्त करार दिया।
  • अब नक्सल उग्रवाद से प्रभावित जिलों की संख्या घटकर 16 हो गई है।
  • बिहार में पिछले वर्षों में नक्सली हिंसा की घटनाओं में 40 प्रतिशत की कमी आई है।
  • नक्सली वारदातों में मारे जाने वाले लोगों की संख्या में 38.5 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है।
  • मोदी सरकार ने सितंबर 2020 में नक्सल प्रभावित रोहतास, नवादा व जमुई में 51 सड़कों और 34 पुलों के निर्माण को मंजूरी दी।
  • इससे पहले औरंगाबाद, गया, बांका, जमुई और मुजफ्फरपुर में 64 सड़कों और 41 पुलों के निर्माण को मंजूरी दी थी।
  • मोदी सरकार ने पुलिस आधुनिकीकरण की ‘अम्ब्रेला योजना’ को वर्ष 2017-18 से वर्ष 2019-20 के लिए मंजूरी दी।

तीर्थाटन और पर्यटन को बढ़ावा

  • रामायण सर्किट के तहत भगवान राम सेजुड़े 15 तीर्थ स्थानों में बिहार के तीन शहर सीतामढ़ी, बक्सर और दरभंगा शामिल है।
  • मोदी सरकार इन तीर्थ स्थलों के विकास के साथ ही इनके दर्शन के लिए श्री रामायण एक्सप्रेस ट्रेन चला रही है।
  • बिहार में जैन सर्किट के तहत वैशाली, आरा, पटना, राजगीर, पावापुरी, चंपापुरी को विकसित किया जा रहा है।
  • बौद्ध सर्किट के तहत भगवान बुद्ध से जुड़े तीर्थ स्थलों में से बिहार के तीन स्थल वैशाली, राजगीर और बोध गया शामिल है।
  • बौद्ध सर्किट से जुड़े तीर्थ स्थलों को आधुनिक सुविधाओं के साथ उच्च श्रेणी के पर्यटन केंद्र में विकसित किया जा रहा है।
  • पीएम मोदी ने 5 सितंबर, 2015 को बोध गया के महाबोधि मंदिर का दौरा किया।
  • पीएम मोदी ने महाबोधि‍ मंदिर में पूजा-अर्चना की और उसके बाद बोधि‍वृक्ष के नीचे काफी देर तक ध्यान भी लगाया।
  • पीएम मोदी ने ग्लोबल हिंदू-बौद्ध सम्मेलन को संबोधि‍त करते हुए जन्माष्टमी के मौके पर बुद्ध और भगवान कृष्ण को याद किया।
  • पीएम मोदी ने गुरु गोविंद सिंह की 350वीं जयंती के मौके पर पटना में आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लिया और स्मारक डाक टिकट भी जारी किया।

 

 

 

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