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यूपी में योगी आदित्यनाथ की डबल इंजन की सरकार के सबसे बड़े काम, जानिए प्रधानमंत्री मोदी और सीएम योगी ने मिलकर उत्तर प्रदेश में कैसे बहाई विकास की गंगा

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उत्तर प्रदेश में सालों बाद कोई ऐसी सरकार आई है, जिसने विकास कार्यों में पूर्ववर्ती सरकारों की तुलना में इतनी बड़ी लकीर खींच दी है, जिससे पार पाना विपक्षी दलों के लिए संभव ही नहीं लगता। दरअसल, यूपी की ‘उपयोगी सरकार’ ने विकास कार्यों को करने में ‘पिक एंड चूज’ की नीति नहीं अपनाई। इसके चलते हर वर्ग, हर समाज, हर समुदाय, हर शहर और गांव के लोगों का भला हुआ। योगी सरकार किसानों, महिलाओं, गरीबों, छात्रों और युवाओं, बेरोजगारों, व्यापारियों और कर्मचारियों हर एक के लिए काम किया। केंद्र की 45 से ज्यादा योजनाओं का सबसे बेहतर क्रियान्वयन उत्तर प्रदेश की डबल इंजन की सरकार में हुआ। सबसे जरूरी अपराध, अपराधियों और भ्रष्टाचार के खिलाफ ज़ीरो टॉलरेंस की नीति अपनायी गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का साथ मिला तो उत्तर प्रदेश कुछ ही सालों में उत्तम प्रदेश बन गया।

आइये डबल इंजन सरकार के ऐसे प्रमुख कामों पर एक नजर डालते हैं, जिन्होंने उत्तर प्रदेश को उत्तम प्रदेश में तब्दील कर दिया….

1.माफियाओं के खिलाफ चले बुलडोजर, 1900 करोड़ के अधिक की सम्पत्तियां जब्त
योगी सरकार ने सबसे पहला प्रहार उसी पर किया, जिसके लिए यूपी कुख्यात था…यानी यहां पर अपराधी और माफिया नेताओं के टुकड़ों पर पलते थे, बढ़ते थे और निरीह जनता को दबाते थे। योगीराज में माफियाओं की 1900 करोड़ के अधिक की सम्पत्तियां जब्त कीं गईं। माफिया, अपराधी और भ्रष्टाचारी के खिलाफ ज़ीरो टॉलरेंस की नीति पर चलते हुए राज्य कानून-व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त बनाने के लिए प्रभावी कदम उठाए। जिस भी व्यक्ति ने प्रदेश में अपराध किया, वह किसी भी जाति, मत, मजहब, क्षेत्र, राजनीतिक दल अथवा कद का रहा हो, उसके खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई की गई। इन सख्त कदमों का ही सुपरिणाम रहा कि योगीराज में एक भी दंगा नहीं हुआ। सभी प्रमुख त्योहार, धार्मिक जुलूस, मेले आदि सकुशल सम्पन्न हुए।

2.योगी सरकार में ट्रांसफर पोस्टिंग का उद्योग पूरी तरह बंद, मेरिट के आधार पर ही ट्रांसफर
यूपी में एक समय ऐसा था, जबकि प्रदेश में ट्रांसफर-पोस्टिंग एक बहुत बड़े उद्योग के रूप में जाना जाता था। जिस दल की सरकार होती थी, उसके नेता, उसके दलाल ट्रांसफर-पोस्टिंग का बहुत बड़ा उद्योग चलाते थे। योगी सरकार के बाद इस ट्रांसफर-पोस्टिंग का उद्योग पूरी तरह से समाप्त कर दिया गया। मेरिट के आधार पर ट्रांसफर किए जाने से प्रशासनिक व्यवस्था में स्थिरता का माहौल बना, जिससे अधिकारियों, कर्मचारियों का मनोबल बढ़ा। परिणामस्वरूप विकास कार्य प्रभावी ढंग से संचालित हुए, जिसका लाभ जनता को मिल रहा है।

3.केंद्र सरकार की योजनाओं के कुशलतापूर्वक क्रियान्वयन में यूपी देशभर में अव्वल
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संकल्प ‘सबका साथ-सबका विकास, सबका विश्वास-सबका प्रयास’ को अक्षरशः लागू करते हुए योगी सरकार ने सभी मत, मजहब, जाति, वर्ग और क्षेत्र का सर्वांगीण और समावेशी विकास किया। योगीराज में केंद्र सरकार की 45 योजनाओं का क्रियान्वयन बेहद कुशलता से किया। यूपी इस क्रियान्वयन में देशभर में अव्वल रही है। अब तक विभिन्न योजनाओं के तहत किसानों, नौजवानों, गरीबों, महिलाओं समेत अन्य लाभार्थियों को 05 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा की धनराशि डीबीटी की गई है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन और नेतृत्व में योगी सरकार ने पूरे देश व दुनिया में उत्तर प्रदेश के प्रति नजरिए को बदला है।

 

4.’मिशन शक्ति अभियान’ देश में मिसाल बना, कई नई योजनाओं से महिला सशक्तीकरण
योगी सरकार ने महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए, महिलाओं की सुरक्षा के लिए, सम्मान के लिए और महिलाओं के स्वावलम्बन के लिए कई योजनाएं शुरू कीं। इनमें ‘मिशन शक्ति अभियान’ देश में मिसाल बना । इसके अलावा मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदन योजना इत्यादि योजनाएं लागू की गई हैं। स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से एक करोड़ महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ा गया है। ग्राम सचिवालयों में महिलाओं की समस्याओं के समाधान के लिए कक्ष आरक्षित करते हुए वहां महिला पुलिस बीट अधिकारियों की उपलब्धता सुनिश्चित की गयी। पंचायत चुनाव में बड़ी संख्या में महिलाएं चुनी गई हैं। पुलिस की भर्ती में 30,000 महिला आरक्षियों की भर्ती की गई। यह दर्शाता है कि राज्य सरकार महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।

5.बिचौलियों और दलालों का सिस्टम खत्म, लाभार्थियों के खातों में सीधे पहुंच रही धनराशि
योगी सरकार सुशासन के माध्यम से जनता की सेवा कर रही है। राज्य सरकार ने सुशासन के माध्यम से सभी सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ हर जरूरतमन्द तक पहुंचाया। उत्तर प्रदेश में सभी प्रकार की पेंशन, छात्रवृत्तियां, किसानों को अनुदान, उनकी उपज की खरीद का भुगतान सहित सभी सरकारी सहायता राशि लाभार्थियों के बैंक खातों में सीधे पहुंच रही है। अब तक विभिन्न योजनाओं के तहत नौजवानों, गरीबों, महिलाओं व किसानों सहित अन्य लाभार्थियों को डीबीटी की गई धनराशि लगभग 05 लाख करोड़ रुपए है। प्रदेश में बिचौलियों और दलालों की व्यवस्था पूरी तरह समाप्त हो गई है। किसानों से बड़े पैमाने पर उनकी उपज की खरीद एमएसपी के तहत की जा रही है।

6.बेहतर कोरोना प्रबंधन, 15 करोड़ लोगों को मिल रहा है अनाज
उत्तर प्रदेश ने कोरोना प्रबन्धन का बेहतरीन मॉडल प्रस्तुत किया। देश के सबसे बड़े राज्य यूपी में वैक्सीनेशन की रफ्तार अबतक अन्य राज्यों के मुकाबले सबसे तेज है। यहां वैक्सीनेशन के एक साल पूरे होने तक 22,59,26,829 टीके की दोनों डोज लगाई जा चुकी हैं। कोरोना काल के दौरान प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्य योजना के अन्तर्गत प्रदेश के 15 करोड़ के ज्यादा लोगों को प्रति माह प्रति यूनिट 05 किलोग्राम अतिरिक्त निःशुल्क राशन उपलब्ध कराया। प्रदेश सरकार द्वारा भी 15 करोड़ पात्र लोगों को 03 माह तक निःशुल्क राशन उपलब्ध कराया गया। जिलों, कस्बों और गांवों का निरीक्षण किया तथा लोगों से बातचीत की। आबादी की दृष्टि से देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश ने दुनिया में कोरोना प्रबन्धन का बेहतरीन मॉडल प्रस्तुत किया। कोरोना की तीनों ही लहरों में आबादी के अनुपात में केस कम आए और मोतों भी कम हुईं। इसके लिए परिश्रम और टीम वर्क से कार्य किया गया।

7.विकास के पहिए तेज गति से घूमें, इसलिए पूर्व से पश्चिम तक फैला एक्सप्रेस-वे का जाल
योगी के कार्यकाल में उत्तर प्रदेश में एक्सप्रेस-वे का जाल पूर्व से पश्चिम तक फैला है। एक्सप्रेस-वे प्रदेश के विकास के तेज गति से घूमते पहियों के समान हैं। योगीराज में अरबों रुपये के कई एक्सप्रेस-वे का लोकार्पण और शिलान्यास हुआ है। दरअसल, किसी भी प्रदेश के विकास में अवस्थापना सुविधाओं की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इसे ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में एक्सप्रेस-वेज़ का निर्माण कराया गया, जिनमें पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे, बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस-वे, गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे, बलिया लिंक एक्सप्रेस-वे, बलिया एक्सप्रेस-वे, गंगा एक्सप्रेस-वे इत्यादि शामिल हैं। इसके अलावा राज्य मुख्यालय से जिला मुख्यालय की सड़कों को फोर-लेन किया गया। प्रदेश में जगह-जगह पर आवश्यकतानुसार आरओबी, दीर्घ तथा लघु सेतुओं का निर्माण कराया गया।

8.एयर कनेक्टिविटी बढ़ाने और गतिशक्ति के लिए प्रदेश में नए एयरपोर्ट और मेट्रो ट्रेन
प्रदेश में एयर कनेक्टिविटी बढ़ाने के उद्देश्य से नए एयरपोर्टों का विकास किया गया। वर्तमान में प्रदेश में 10 नए एयरपोर्ट बन रहे हैं। प्रदेश में 05 अन्तर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट मौजूद हैं। इसी प्रकार प्रदेश के कई शहरों में मेट्रो रेल परियोजनाएं संचालित हो रही हैं। कानपुर की प्रधानमंत्री मोदी ने शुरुआत कर दी है। मेरठ में भी रैपिड ट्रेन के साथ मेट्रो भी चलेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस साल यूपी के प्रमुख बौद्ध स्थल कुशीनगर में हवाई अड्डे का उद्घाटन किया। ग्रेटरनोएडा का जेवर एयरपोर्ट भी लगातार सुर्खियों में रहा।

9. राशन कार्डों का कराया सत्यापन, तकनीकी के इस्तेमाल से सालाना 1200 करोड़ की बचत
यूपी में लाभार्थियों को सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने में तकनीक का व्यापक प्रयोग किया जा रहा है। सरकार ने सत्ता में आने पर राशन कार्डों का सत्यापन कराया। फर्जी राशन कार्ड को निरस्त कराकर वास्तविक पात्र लोगों को राशन कार्ड उपलब्ध कराये गये। 80 हजार राशन दुकानों को पीओएस से जोड़ा गया। आज हर गरीब अपने गांव में अथवा देश के किसी कोने में राशन प्राप्त कर सकता है। तकनीक के प्रयोग से गरीब को राशन मिलने के साथ ही 1200 करोड़ रुपये की सालाना बचत हो रही है।

10.पिछली सरकार ने चीनी मिलें बंद कराईं, अब गन्ना किसानों को 1.43 लाख करोड़ का भुगतान
पिछली सरकारों के कार्यकाल में चीनी मिलों को बन्द कराया गया, जबकि योगी सरकार ने बन्द चीनी मिलों को चालू कराया। यहां तक कि कोरोना काल में 119 चीने मिलें कार्यरत रहीं। सरकार द्वारा गन्ना किसानों को 1.43 लाख करोड़ रुपए का भुगतान किया गया है। केन्द्रीय सहायतार्थ योजनाओं में वर्ष 2012-17 के मुकाबले वर्ष 2017-21 तक लगभग दोगुनी सहायता प्राप्त हुई। योगी सरकार में 2 लाख करोड़ रुपए से अधिक की केन्द्रीय सहायता लोगों तक पहुंचाई जा चुकी है। एमएसपी पर खरीद को पीओएस मशीन से जोड़ा गया। प्रदेश सरकार ने कृषि क्षेत्र में तकनीक का उपयोग करते हुए किसानों के लिए विभिन्न प्रकार की सहूलियतें विकसित की। एमएसपी के तहत किसानों से उनकी उपज की खरीद में ई-सिस्टम के उपयोग से भ्रष्टाचार पर रोक लगी है।

11.अब एमएसएमई सेक्टर एक लाख इक्कीस हजार करोड़ रुपए का प्रति वर्ष कर रहा निर्यात
योगी सरकार से पहले प्रदेश का एमएसएमई सेक्टर मृतप्राय हो गया था, परन्तु आज बदले माहौल में वहीं एमएसएमई सेक्टर एक लाख इक्कीस हजार करोड़ रुपए का प्रति वर्ष निर्यात कर रहा है। चीन से अपना कारोबार समेटने वाली कम्पनी ने उत्तर प्रदेश को निवेश के लिए चुना। आज उत्तर प्रदेश एक्सपोर्ट के एक नये हब के रूप में देश में विकसित हुआ है। राज्य सरकार द्वारा उठाये गये कदमों के फलस्वरूप ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ रैंकिंग में प्रदेश ने देश में दूसरा स्थान प्राप्त किया। यूपी इन्वेस्टर्स समिट में प्राप्त 4.68 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों में से 03 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों को मूर्तरूप दिया गया है। इसके माध्यम से प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार के व्यापक अवसर सृजित हुए। प्रदेश सरकार पारम्परिक उद्योगों एवं पारम्परिक कारीगरों को प्रोत्साहित करने के लिए ‘एक जनपद, एक उत्पाद योजना’ तथा ‘विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना’ भी संचालित कर रही है।

12.विभिन्न सरकारी योजनाओं में करोड़ों लोग लाभांवित, अरबों रुपये किसानों को हस्तांतरित
सुशासन को समर्पित योगी सरकार के समय में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों को मिलाकर 45 लाख से अधिक आवास गरीबों के बनवाए गए हैं। 2.71 करोड़ शौचालय, 1.66 करोड़ को निशुल्क गैस कनेक्शन, डेढ़ लाख निशुल्क बिजली कनेक्शन स्वच्छ भारत मिशन के तहत 2.7 करोड़ व्यक्तिगत शौचालयों का निर्माण कराया गया है। उज्ज्वला योजना में 1.6 करोड़ निःशुल्क गैस कनेक्शन दिए गए, वहीं सौभाग्य योजना में 01 करोड़ 38 लाख से अधिक निःशुल्क विद्युत कनेक्शन प्रदान किए गए हैं। आयुष्मान भारत के तहत 6 करोड़ के अधिक लाभार्थियों को स्वास्थ्य बीमा कवर तथा 3 करोड़ से अधिक प्रवासी/निवासी श्रमिकों को 02 लाख रुपये सामाजिक सुरक्षा गारण्टी दी गई है। इसके अलावा, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के प्रारम्भ से अब तक 2.60 करोड़ किसानों को 38 हजार करोड़ से अधिक रुपए हस्तान्तरित किया गया है।

13. अयोध्या में राम मंदिर निर्माण और श्री काशी विश्वनाथ कॉरिडोर का भव्य लोकार्पण
प्रधानमंत्री जी द्वारा 05 अगस्त, 2020 को अयोध्या में भगवान श्रीराम मन्दिर के भव्य निर्माण का भूमि पूजन किया गया। इसके बाद से अयोध्या में युद्ध स्तर पर भव्य राम मंदिर का निर्माण चल रहा है। दीपावली पर अयोध्या में लाखों दीपों के हर साल रिकॉर्ड बन रहे हैं। काशी विश्वनाथ कॉरिडोर अपने भव्यतम, दिव्यतम स्वरूप में 13 दिसंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लोकार्पण किया गया। शिव की नगरी काशी में 12, 13, और 14 दिसंबर को देव दिवाली जैसा माहौल रहा। काशी ने शिव भक्तों को अपनी दिव्यता का अहसास कराया। पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से अयोध्या में दीपोत्सव, मथुरा में कृष्णोत्सव, वाराणसी में देव दीपावली तथा बरसाना में रंगोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। ब्रज क्षेत्र के विकास के लिए ब्रज तीर्थ क्षेत्र विकास परिषद की स्थापना की गई है।

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