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रॉयटर हो या पुलित्जर भारत को बदनाम करना इसकी आदत

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तथाकथित पत्रकारिता में सबसे बड़ा पुरस्कार देने वालों के रूप प्रसिद्ध पुलित्जर हो या फिर दुनिया की बड़ी समाचार एजेंसी रायटर हो, इन सब की भारत को बदनाम करने की आदत सी बन गई है। ये लोग हमेशा भारत को बदनाम करने का काम करते हैं। इन सब का यह दोगलापन आज का नहीं बल्कि पुराना है। स्वतंत्रता के पूर्व यानि 1947 से पहले की बात लें, तो जो इंग्लैंड लोकतंत्र की मूल भावना को कुचल कर भारत पर हिटलरशाही शासन थोप रखा था उसे यही लोग लोकतांत्रिक शासन कहते थे। आज भी ये लोग अपने दोगलेपन से बाज आने को तैयार नहीं हैं। जिस संगठन को उनकी आतंकी गतिविधियों के लिए पूरी दुनिया प्रतिबंधित कर रखा है और उसे आतंकी संगठन घोषित कर रखा है उसे ये लोग महज रिबेल ग्रुप बता रहें है। खास बात है कि इनके इस दोगलेपन को हमारे ही देश के प्रमुख विपक्षी दल के प्रमुख नेता और मेनस्ट्रीम मीडिया के कुछ लोग खाद-पानी दे रहे हैं।

रॉयटर की करतूत, खूंखार आतंकी को बताया रिबेल कमांडर

यकीन नहीं आता तो रॉयटर द्वारा हाल ही में कश्मीर में मारे गए खूंखार आतंकवादी रियाज नायकू का संबोधन को देखिए। उसने अपने ट्वीट में उसका संबोधन एक गणित के शिक्षक के रूप में किया है। इतना ही नहीं उसने तो उसे एक रिबेल ग्रुप का कमांडर बताया है। जबकि सच्चाई यह है कि वह एक खूंखार आतंकवादी था। इतना ही नहीं घाटी में घाटी में हिजबुल मुजाहिदीन का मुखिया था। यह वही हिजबुल मुजाहिदीन है जिसे अमेरिका, यूरोपियन यूनियन और भारत ने एक आतंकवादी संगठन घोषित कर रखा है। दुनिया में एक आतंकवादी संगठन के रूप में वह प्रतिबंधित है। लेकिन रॉयटर है कि मानने को तैयार नहीं। क्योंकि उसने तो अपना उद्देश्य ही भारत को बदनाम करना बना लिया है।

पुलित्जर ने भारत विरोधी फोटो पत्रकारों को किया पुरस्कृत

यही हाल पत्रकारिता क्षेत्र में पुरस्कार वितरित करने वाले वैश्विक संगठन पुलित्जर का है। भारत के खिलाफ अभियान चलाने वालों का साथ देना हो या उसे बदनाम करना हो, पुलित्जर ने हमेशा उसका साथ दिया है। हाल ही में उसने कश्मीर के तीन फोटो पत्रकारों को बेहतरीन तस्वीर के लिए पुरस्कृत किया है। जिसे देश के प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने सार्वजनिक तौर पर बधाई दी बल्कि उन तीनों का यशगान भी किया। ट्वीटर पर उनके साथ तस्वीर भी है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि पुलित्जर ने कश्मीर के उन तीन फोटो जर्नलिस्ट को क्यों पुरस्कृत किया है? क्योंकि उन्होंने भारत के खिलाफ जाकर कश्मीर पर भारत का अवैध कब्जा बताया है।  

भारत विरोधी तस्वीर लेने वालों को राहुल की बधाई

पुलित्जर पुरस्कार प्राप्त जिस फोटो के लिए राहुल गांधी ने धर को बधाई दी है उस फोटो के कैप्शन में लिखा है भारत शासित कश्मीर। इतना ही नहीं उस फोटो में पाकिस्तान का झंडा भी दिख रहा है। मालूम हो कि कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने, 2020 के पुलित्जर पुरस्कार जीतने वाले, जम्मू-कश्मीर के तीन फोटो पत्रकारों को बधाई दी है। उन्होंने अपने ट्वीट में कहा है कि ‘‘डार यासीन, मुख्तार खान और चन्नी आनंद को जम्मू-कश्मीर में जिंदगी की असरदार तस्वीरें खींचने पर पुलित्जर पुरस्कार जीतने के लिए बधाई। आप लोगों ने हमें गौरवान्वित किया है।’’ एक खबर का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि इन तीनों फोटो पत्रकारों ने पिछले साल अगस्त में अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद, क्षेत्र में लॉकडाउन के दौरान की गई अपनी फोटोग्राफी के लिए यह पुरस्कार जीता है।

भारत को बदनाम करने में जुटी हैं विदेशी ताकतें

देश के अपने ही कुछ लोगों के साथ-साथ विदेशी ताकतें भी भारत को लगातार बदनाम करने की कोशिश में जुटी हैं। तथाकथित सेक्युलर और खान गैंग में अब संयुक्त अरब अमीरात की महिला, प्रिंसेस हेंड अल कासिमी भी शामिल हो गई हैं। लेकिन सबसे बड़ा सवाल है कि आखिर प्रिंसेस हेंड अल कासिमी के इस भारत विरोधी अभियान के पीछे है कौन? सोशल मीडिया में कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और सैम पित्रोदा के साथ प्रिंसेस हेंड अल कासिमी की तस्वीर शेयर की जा रही है, जिसमें सैम पित्रोदा को एचआर मैनेजर और राहुल गांधी को अस्टिटेंट मैनेजर कहा जा रहा है। इस ट्वीट के साथ हेंड अल कासिमी की तस्वीर शेयर की जा रही हैं।

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