प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोकराझार में एक सभा को संबोधित किया। पीएम मौसम खराब होने की वजह से कोकराझार नहीं पहुंच सके थे। उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से गुवाहाटी से कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि आज पूरा बोडोलैंड में शांति और विकास के नए अध्याय लिख रहा है। आज का बोडोलैंड अतीत के संघर्ष और अस्थिरता से निकलकर शांति, विकास और समृद्धि की नई राह पर आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर असम की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं का उल्लेख करते हुए कहा कि बोडो समाज ने अपनी भाषा, संस्कृति और परंपराओं को जिस समर्पण के साथ संरक्षित रखा है, वह पूरे भारत के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि भारत की विविधता उसकी सबसे बड़ी शक्ति है और बोडो समाज की सांस्कृतिक परंपराएँ जैसे बाथोऊ की आध्यात्मिक धारा और बैइसागू जैसे उत्सव इस सांस्कृतिक विरासत को और समृद्ध बनाते हैं। प्रधानमंत्री ने इस कार्यक्रम में क्षेत्र के विकास के लिए हजारों करोड़ रुपये की परियोजनाओं के शिलान्यास और लोकार्पण के बाद कहा कि इनसे बोडोलैंड के आर्थिक और सामाजिक विकास को नई गति मिलेगी।
विरासत और विकास के लिए डबल इंजन सरकार का संकल्प
प्रधानमंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य में भाजपा-एनडीए की डबल इंजन सरकार असम की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के साथ-साथ तेज विकास के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने बताया कि हाल ही में घोषित परियोजनाओं में से 1100 करोड़ रुपये से अधिक की राशि केवल बोडोलैंड क्षेत्र की सड़कों के विकास पर खर्च की जाएगी। उन्होंने कहा कि असम माला अभियान के तीसरे चरण से राज्य की सड़क कनेक्टिविटी और मजबूत होगी। बेहतर सड़क नेटवर्क से व्यापार, पर्यटन और कृषि क्षेत्र को बड़ा लाभ मिलेगा तथा क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियां तेजी से बढ़ेंगी।
असम में नई रेल परियोजनाओं और बेहतर कनेक्टिविटी से जीवन होगा आसान
प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर कामाख्या-चार्लापल्ली अमृत भारत एक्सप्रेस और गुवाहाटी-न्यू जलपाईगुड़ी एक्सप्रेस का हरी झंडी दिखाकर शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं से न केवल यात्रियों को बेहतर सुविधाएँ मिलेंगी बल्कि व्यापार और पर्यटन को भी बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा। उन्होंने कहा कि बेहतर रेल और सड़क कनेक्टिविटी से किसानों की उपज को बड़े बाजारों तक पहुँचाना आसान होगा, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। प्रधानमंत्री ने इन परियोजनाओं के लिए असम की जनता को बधाई देते हुए कहा कि यह क्षेत्र अब तेजी से प्रगति की राह पर बढ़ रहा है।
हिंसा और बंदूक की आवाजों की जगह अब शांति और विकास
प्रधानमंत्री ने कहा कि कोकराझार और आसपास के क्षेत्रों ने बीते दशकों में संघर्ष और अस्थिरता का कठिन दौर देखा है। एक समय ऐसा था जब इन पहाड़ियों में हिंसा और बंदूक की आवाजें सुनाई देती थीं। लेकिन आज स्थिति बदल रही है और इन पहाड़ियों में अब सांस्कृतिक उत्सवों और संगीत की मधुर ध्वनि गूंज रही है। उन्होंने कहा कि आज का बोडोलैंड शांति और विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है और असम एक नए अध्याय की शुरुआत कर रहा है। प्रधानमंत्री ने बताया कि बोडोलैंड टेरिटोरियल रीजन में छह महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं का भूमिपूजन किया गया है। इसके साथ ही रेल कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए भी कई बड़े कदम उठाए जा रहे हैं।
पूरे बोडोलैंड में इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार पर फोकस
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कोकराझार में प्रस्तावित रेलवे वर्कशॉप इस क्षेत्र को लॉजिस्टिक्स का एक महत्वपूर्ण केंद्र बनाएगी। भूटान को जोड़ने वाली रेल लाइन पर भी काम जारी है और कई रेलवे स्टेशनों का आधुनिकीकरण किया जा रहा है। अब वंदे भारत और राजधानी एक्सप्रेस जैसी ट्रेनें कोकराझार में रुकती हैं, जो इस क्षेत्र की बढ़ती कनेक्टिविटी का प्रमाण है। दशकों तक बोडोलैंड का ये क्षेत्र कांग्रेस के विश्वासघात का साक्षी रहा है। बोडोलैंड की अनेक पीढ़ियों को कांग्रेस ने झूठे सपनों में उलझाए रखा। दिल्ली में बैठी कांग्रेस की सरकारों ने सिर्फ दिखावे के लिए कागज़ी समझौते किए। जब आपने देश से और असम से दोनों जगहों से कांग्रेस को खदेड़ा और बीजेपी-NDA को अवसर दिया तो हमने ईमानदारी से प्रयास शुरू किए। उन्होंने कहा कि जब जनता ने भाजपा-एनडीए को अवसर दिया, तब सरकार ने स्थायी शांति स्थापित करने के लिए ठोस प्रयास किए और इसी दिशा में बोडो शांति समझौता किया गया। इस समझौते में पहली बार विभिन्न संगठनों और समूहों को एक मंच पर लाकर समाधान का रास्ता निकाला गया।
विकास के वादों को पूरा करने की दिशा में कदम
प्रधानमंत्री ने कहा कि 2020 के समझौते के तहत किए गए वादों को लगातार पूरा किया जा रहा है। बोडो भाषा को एसोसिएट ऑफिशियल लैंग्वेज का दर्जा दिया गया है और बोडोलैंड के विकास के लिए 1500 करोड़ रुपये का विशेष पैकेज प्रदान किया गया है। उन्होंने बताया कि कोकराझार में मेडिकल कॉलेज कार्यरत है और तमुलपुर में एक नया मेडिकल कॉलेज बन रहा है। क्षेत्र में कई पुल और आधारभूत ढाँचे की परियोजनाएँ भी तेजी से आगे बढ़ रही हैं। इसके साथ ही हथियार छोड़कर मुख्यधारा में लौटे करीब दस हजार युवाओं को समाज और विकास की प्रक्रिया से जोड़ा गया है। पीएम मोदी ने कहा कि सरकार ने बोडो समाज की आस्था और परंपराओं को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान देने के लिए भी कई कदम उठाए हैं। बोडो समाज की पारंपरिक आस्था बाथोऊ को विशेष मान्यता दी गई है और इसके लिए अलग जनगणना कोड भी प्रदान किया गया है।
विकसित असम के लिए घुसपैठ को संरक्षण देने वालों के सबक सिखाएं
प्रधानमंत्री ने कहा कि अवैध घुसपैठ असम और देश की सुरक्षा के लिए एक गंभीर चुनौती रही है। उन्होंने कि दशकों तक इस समस्या को नजरअंदाज किया गया, जिसके कारण स्थानीय लोगों की जमीन और अधिकार प्रभावित हुए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के नेतृत्व में अब अवैध कब्जों से जमीन मुक्त कराने का अभियान चलाया जा रहा है और मूल निवासियों को जमीन के कानूनी दस्तावेज भी दिए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि असम के विकास की गति को लगातार तेज बनाए रखना आवश्यक है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि असम की जनता के सहयोग और आशीर्वाद से विकसित असम का संकल्प अवश्य साकार होगा। उन्होंने कहा कि शांति, विकास और सांस्कृतिक गौरव के साथ बोडोलैंड और असम का भविष्य उज्ज्वल है और यह क्षेत्र आने वाले समय में पूर्वोत्तर भारत के विकास का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा।









