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अमेरिकी उद्योग जगत ने की मोदी सरकार के बजट की तारीफ, कहा इससे सुगमता बढ़ेगी, विदेशी निवेशक आकर्षित होंगे

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मोदी सरकार ने एक फरवरी को जो बजट पेश किया था, उसकी देश ही नहीं विदेशों में भी प्रशंसा हो रही है। अमेरिकी उद्योग जगत ने आम बजट की तारीफ की है। अमेरिकी उद्योग जगत का कहना है कि यह बजट कारोबार की सुगमता को बेहतर बनाएगा तथा अधिक प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) आकर्षित करेगा। जाहिर है कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने विदेशी निवेशकों, विशेषकर भारतीय अर्थव्यवस्था पर लंबा दाव लगाने को तैयार सरकारी संपत्ति कोषों को कर राहत देने की पेशकश की है।

अमेरिका-भारत रणनीतिक एवं भागीदारी फोरम के अध्यक्ष मुकेश अघी ने कहा, ‘‘आर्थिक वृद्धि में गिरावट के बाद भी भारत में निवेश को लेकर वैश्विक धारणा मजबूत बनी हुई है। इस कारण वैश्विक धारणा को जमीन पर उतारने के लिये बजट एक शानदार अवसर है।’’ उन्होंने डिजिटल समेत बुनियादी संरचना में निवेश को बढ़ावा देने के उपाय करने के लिए मोदी सरकार की सराहना की। अघी ने कहा, ‘‘कारोबार सुगमता के मोर्चे पर माल एवं सेवा कर (जीएसटी) के रिटर्न को सरल बनाना, पांच करोड़ रुपये तक का कारोबार करने वाले एमएसएमई वर्ग के उद्यमों के लिये ऑडिट की जरूरत समाप्त करना, आधार दिखाते ही पैन कार्ड तुरंत जारी करना, कर रिटर्न अग्रिम दायर करना, अपील में व्यक्तियों की दखल समाप्त करना आदि जैसे उपाय भारत की छवि को बेहतर बनाएंगे। इन सभी कदमों को एक साथ देखने पर पता चलता है कि भारत की कर नीति सही दिशा में आगे बढ़ रही है।’’

उद्योग जगत ने बजट 2020 का किया स्वागत, कहा- स्टार्ट अप और कृषि आधारित उद्योगों को मिलेगा बढ़ावा
मोदी सरकार के बजट 2020 पर सबकी निगाहें थीं। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में कई कविताओं के साथ ये बजट पेश किया। इसे अब तक का सबसे लंबा बजट भाषण कहा जा रहा है। बजट भाषण खत्म होते ही उद्योग-व्यापार जगत से सकारात्मक प्रतिक्रियाएं आने लगीं। क्योंकि आम लोगों के साथ-साथ व्यापारी वर्ग को भी इस बजट से काफी उम्मीदें थीं।

डेलॉयट हस्किंस एंड सेल्स की नीरू आहुजा ने कहा, ‘ये एक बोल्ड बजट है। राजकोषीय घाटे और इकोनॉमी की हालत खराब होने के कारण माहौल नकारात्मक बना हुआ था लेकिन सीतारमण ने एक सकारत्मक मैसेज देने की कोशिश की है।

ग्रांट थोरंटॉन इंडिया के सीइओ विशेष चांदियोक ने एनडीटीवी से हुई बातचीत में कहा, ‘बजट में वित्त मंत्री ने भारत की भविष्य में आने वाली कंपनियों की जरूरतों को लेकर सभी पहलुओं को ध्यान में रखा। स्टार्ट अप्स की तीन मांगों को भी पूरा किया कि कैसे चीजों को सरल किया जाए। मुझे लगता है कि आने वाले भारत को इससे बहुत खुश होना चाहिए।’

हीरानंदानी ग्रुप के मैनेजिंग डायरेक्ट और को-फाउंजर निंरजन हीरानंदानी ने इंडिया टुडे से बात की। उन्होंने कहा कि ये बजट इकोनॉमी के मिडियम या लॉन्ग टर्म इंप्रूवमेंट के लिए ठीक है। मैं कृषि और एजुकेशन को लेकर कही गई बातो को लेकर खुश हूं।’

इसके अलावा बिजनेस एक्सपर्ट निखिल अरोड़ा ने इसे ‘रिटेल फोकस्ड’ बजट कहा है। नैसकॉम की अध्यक्ष देबजनी घोष ने बजट को स्टार्ट अप इकोसिस्टम के लिए एक जीत बताया है। साथ ही उन्होंने महिलाओं को लेकर शादी की उम्र को लेकर बनाए जाने वाले टास्कफोर्स कदम की तारीफ की।

वहीं, अर्थशास्त्री बरिंदा जागिरदार कहतीहैं कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जीडीपी के मुद्दे को बिल्कुल सही तरीके से एड्रेस किया है।

सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र के औद्योगिक संगठन एसोसिएशन ऑफ इंडस्ट्रीज मध्यप्रदेश (एआईएमपी) के अध्यक्ष प्रमोद डफरिया ने कहा कि बजट प्रावधानों से आम उपभोक्ता की खरीद क्षमता और अलग-अलग परियोजनाओं पर सरकारी खर्च बढ़ने की उम्मीद है जिसका फायदा हमारे क्षेत्र को भी होगा।

द ग्लोबल एलायंस फॉर मास एंटरप्रेन्योरशिप के संस्थापक और अध्यक्ष रवि वेंकटेशन ने बजट का स्वागत करते हुए कहा कि आर्थिक सर्वेक्षण और बजट में जमीनी स्तर पर उद्यमिता को बढ़ावा देने पर जोर देने के लिए प्रोत्साहित कर रहा है। यह आर्थिक विकास और रोजगार सृजन के लिए महत्वपूर्ण है।

खाद्य प्रसंस्करणक से जुड़े उद्योगों के संगठन सोयाबीन प्रोसेसर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सोपा) के चेयरमैन डेविश जैन ने कहा, ‘आम बजट में कृषि और ग्रामीण विकास पर सबसे ज्यादा ध्यान देते हुए इन क्षेत्रों के लिये बड़ी रकम का प्रावधान किया गया है। इससे सोयाबीन प्रसंस्करण जैसे कृषि आधारित उद्योगों को मदद मिलेगी।’ उन्होंने कहा कि पोषण के क्षेत्र में सरकार का बड़ा बजट आवंटन सोयाबीन प्रसंस्करण क्षेत्र के लिये शुभ संकेत है क्योंकि सोयाबीन के अलग-अलग उत्पाद प्रोटीन के महत्वपूर्ण स्त्रोत हैं।

 

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