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उमर खालिद की गिरफ्तारी के बाद लिबरल गैंग ने सोशल मीडिया पर शुरू किया प्रलाप

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दिल्ली दंगे की साजिश में शामिल होने के आरोप में जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र उमर खालिद को पुलिस ने रविवार यानि 13 सितंबर को गिरफ्तार कर लिया। जैसे ही गिरफ्तारी की ख़बर सामने आई, वैसे ही लिबरल गैंग के तमाम लोगों ने सोशल मीडिया पर प्रलाप शुरू कर दिया। 

दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल ने उमर खालिद पर गैर क़ानूनी गतिविधि (नियंत्रण) अधिनियम (यूएपीए) के तहत मामला दर्ज किया था। वामपंथी बताने वाली स्वरा भास्कर ने यूएपीए को ही खारिज कर दिया। स्वरा के मुताबिक़ इस क़ानून को ख़त्म कर देना चाहिए, क्योंकि इसके तहत उमर खालिद की गिरफ्तारी हुई है।

पत्रकार सबा नकवी ने गिरफ्तारी को गलत बताया। इसके बाद जांच एजेंसी की भूमिका पर सवाल खड़ा करते हुए कहा उमर खालिद निर्दोष है और उसे अपराधी बताया जा रहा है।

अभिनेता मोहम्मद ज़ीशान अयूब ने अपने ट्वीट में लिखा कि इस देश में अल्पसंख्यक होना किसी अपराध से कम न है। अगर कोई अहिंसा या संविधान की बात करता है तो उसे सूली पर चढ़ा दिया जाता है।

प्रशांत भूषण को भी खालिद की गिरफ्तारी से मिर्ची लगी है। उन्होंने कहा कि सीताराम येचुरी, योगेन्द्र यादव, जयंती घोष और अपूर्वानंद पर हुई कार्रवाई से एक बात साफ़ है कि दिल्ली दंगों के मामले में दिल्ली पुलिस की जांच दुर्भावनापूर्ण तरीके से की जा रही है।

सामाजिक कार्यकर्ता और चुनावी विश्लेषक योगेन्द्र यादव ने कहा कि उन्हें उमर खालिद की गिरफ्तारी की वजह से हैरानी है। इसके बाद योगेन्द्र यादव ने उमर खालिद को युवा, आदर्शवादी और हिंसा विरोधी भी बताया।

पत्रकार तवलीन सिंह ने ट्वीट कर संकेत दिए कि उमर की गिरफ्तारी इसलिए हुई है, क्योंकि वह मुस्लिम है। उन्होंने कहा कि कोई ऐसे हिन्दू के बारे में जानता है जिसे दिल्ली दंगे भड़काने के लिए गिरफ्तार किया गया हो। 

Alt News के संस्थापक प्रतीक सिन्हा उमर खालिद की गिरफ्तारी से इतने निराश हुए कि यहाँ तक कह दिया कि भारत में लोकतंत्र जैसा महसूस ही नहीं होता है। उनके मुताबिक़ दिल्ली दंगों के मामले में जिस तरह की कार्रवाई हुई है उसे देख कर ऐसा लगता है जैसे देश में लोकतंत्र ही ख़त्म हो गया है।

विवादित पत्रकार राणा अयूब जो हाल ही में कोरोना से ठीक हुई हैं उन्होंने भी उमर खालिद के समर्थन में एक ट्वीट किया।

वामपंथी मीडिया समूह द वायर के सह संस्थापक सिद्धार्थ वरदराजन ने भी उमर खालिद की गिरफ्तारी पर सवाल खड़े किए हैं। उनके मुताबिक़ अमित शाह ने लोकसभा में उमर खालिद को दिल्ली दंगे भड़काने का आरोपित बताया था। इसी वजह से उसकी गिरफ्तारी हुई।

जहां लिबरल गैंग उमर खालिद की गिरफ्तारी को गलत बताकर प्रलाप कर रहा है, वहीं दिल्ली दंगों के मुख्य आरोपित ताहिर हुसैन ने अपने बयान में कहा था कि उसे उमर खालिद ने ही खालिद सैफी से मिलवाया था। इसके बाद सभी ने मिल कर दंगों की योजना तैयार की थी।

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