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सीवर की शिकायत करने पर आप विधायक ने सिर में मारी ईंट, देखिए केजरीवाल के करीबी विधायको के गुंडागर्दी की लिस्ट

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दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के करीबी विधायकों ने खुलेआम गुंडागर्दी करनी शुरु कर दी है। दिल्ली में मॉडल टाउन से केजरीवाल की आम आदमी पार्टी के विधायक अखिलेश त्रिपाठी पर गंभीर आरोप लगे हैं। अखिलेश त्रिपाठी पर आरोप है कि एक फंक्शन के दौरान उन्होंने एक शख्स के साथ ना सिर्फ मारपीट की बल्कि ईंट से सिर पर हमला भी कर दिया। घायल शख्स को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हिंदुस्तान के अनुसार पीड़ित गुड्डू हलवाई का कहना है कि फंक्शन में विधायक जी को देखकर उन्होंने उनसे सीवर में दिक्कत को लेकर शिकायत की तो वे गुस्से में आ गए और मारपीट करने लगे। इतना ही नहीं पास से एक ईंट उठाकर उसके सिर पर मार दिया। मारपीट में मुकेश बाबू नाम के एक और व्यक्ति को चोट आई है। दिल्ली पुलिस ने अखिलेश त्रिपाठी के खिलाफ शिकायत मिलने के बाद केस दर्ज लिया है और मामले की जांच की जा रही है।

आप संयोजक अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में आम आदमी पार्टी के विधायक इतने बेखौफ हो चुके हैं कि वो किसी पर हमला करने से भी बाज नहीं आते। हैरान की बात तो यह है कि एक बार खुद केजरीवाल की मौजूदगी में उनके विधायक गुंडों ने दिल्ली के तत्कालीन मुख्य सचिव अंशु प्रकाश के साथ मारपीट की थी।

केजरीवाल के इशारे पर मुख्य सचिव से मारपीट?
खबरों के अनुसार आम आदमी पार्टी के दो विधायकों ने दिल्ली के मुख्य सचिव अंशु प्रकाश से धक्का-मुक्की और बदसलूकी की। सवाल है कि सीएम के इशारे के बिना क्या कोई विधायक उनकी मौजूदगी में ऐसी हरकत करने की हिम्मत कर सकता है ? जानकारी के अनुसार मुख्य सचिव किसी जरूरी बैठक के लिए मुख्यमंत्री आवास गए थे, लेकिन वहां मुख्यमंत्री के गुंडों ने उनसे किसी विषय पर जबर्दस्ती गैर-कानूनी कार्रवाई का दबाव बनाने लगे। जब अंशु प्रकाश ने केजरीवाल की मर्जी के मुताबिक गैर-कानूनी काम करने से मना कर दिया, तो उनके गुंडों ने मुख्य सचिव पर हमला कर दिया। इस घटना के लिए भी केजरीवाल के चहेते अमानतुल्ला खान को जिम्मेदार बताया गया। हालांकि, ये कोई पहला मामला नहीं है, इससे पहले दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन पर भी एक सीनियर ऑफिसर बदसलूकी के आरोप लग चुके हैं।

बीजेपी नेताओं से बदसलूकी
कुछ दिन पहले ही जब दिल्ली में चल रहे सीलिंग मुद्दे पर बैठक के लिए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के निवास पहुंचे बीजेपी नेताओं के साथ केजरीवाल के गुंडों पर मारपीट का आरोप लगा था। इस घटना के बाद बीजेपी नेता मनोज तिवारी और अन्य नेताओं ने थाने पहुंचकर केजरीवाल एवं उनके गुर्गों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। मनोज तिवारी ने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी के नेता जरनैल सिंह ने उनके एक नेता से ऐसी धक्का-मुक्की की कि उनके हाथ में चोट आ गई। मनोज तिवारी ने ये भी आरोप लगाया ‌कि वे समय लेकर वहां पहुंचे थे, लेकिन केजरीवाल ने उनसे अभद्र भाषा में बात की और अपमान किया।

कपिल मिश्रा पर भी करवाया जा चुका है हमला
दिल्ली के पूर्व मंत्री कपिल मिश्रा पर अनशन के दौरान हमला करवाने का आरोप भी केजरीवाल की पार्टी पर लग चुका है। आरोप लगे थे कि आरोपी अंकित भारद्वाज आम आदमी पार्टी का समर्थक था। दरअसल, कपिल मिश्रा ने अपनी आंखों के सामने केजरीवाल पर रिश्वत लेने का आरोप लगाया था। इसी बात पर आम आदमी पार्टी के सुप्रीमो उनसे नाराज हो गए थे। 

विधानसभा में भी AAP के विधायक कर चुके हैं मारपीट
केजरीवाल के विधायक विधानसभा के अंदर भी किसी पर हमला करने से बाज नहीं आते। ऐसा ही आरोप अमानतुल्ला खान पर है जिन्होंने पार्टी के दूसरे विधायकों के साथ मिलकर विशेष सत्र के दौरान कुछ पत्रकारों के साथ भी मारपीट की। इस हमले में पार्टी के कुछ कार्यकर्ताओं को भी निशाना बनाया गया। दरअसल, आम आदमी पार्टी विधायक सत्येंद्र जैन पर भ्रष्टाचार का आरोप लगने से नाराज हो गए थे। इस हमले में कुछ पीड़ित जख्मी भी हुए, जिन्हें बचाने के लिए विधानसभा में पुलिस और एंबुलेंस दोनों बुलानी पड़ी।

केजरीवाल के विधायकों की गुंडागर्दी की लिस्ट काफी लंबी है

रामनिवास गोयल
आप नेाता रामनिवास गोयल और उनके बेटे सुमित गोयल समेत 7 लोगों के खिलाफ दंगा फैलाने और मारपीट का आरोप लग चुका है। यह घटना 6 फरवरी, 2015 की है।

अल्का लांबा
ऑफिस ऑफ प्रॉफिट मामले में विधायकी गंवा चुकीं आम आदमी पार्टी विधायक अल्का लांबा भी अपने बाकी साथियों से पीछे नहीं हैं। उनपर भी आरडब्ल्यूए के एक सदस्य मारपीट और धमकाने का आरोप लगा चुका है। यह मामला दरियागंज थाने में दर्ज है। इससे पहले भी अलका लांबा ने 7 अगस्त, 2015 को दिल्ली में कश्मीरी गेट स्थित मिठाई की दुकान पर तोड़फोड़ की थी।

सोमनाथ भारती
केजरीवाल के विधायकों की गुंडागर्दी की जब भी चर्चा होती है, तो सोमनाथ भारती का चेहरा बच्चे-बच्चे की आंखों के सामने घूम जाता है। उन पर उनकी पत्नी लिपिका मित्रा ने ही मारपीट, क्रूरता और उत्पीड़न का आरोप लगाया है। केजरीवाल की 49 दिन की सरकार में ही भारती की गुंडागर्दी दिल्ली में ही नहीं विदेशों भी चर्चित हो चुकी थी।

ऋतुराज झा
किराड़ी विधानसभा क्षेत्र के आप नेता ऋतुराज झा के खिलाफ भी आम आदमी पार्टी का ही एक कार्यकर्ता मारपीट और गाली-गलौच का आरोप लगा चुका है। इस मामले में अमन विहार थाने में केस दर्ज हुआ था।

अमानतुल्ला खान
केजरीवाल के मारपीट करने वाले विधायकों में ओखला विधायक का नाम तो पहले से ही कुख्यात है। उनके खिलाफ भी जामियानगर थाने में एक व्यक्ति ने मारपीट का केस दर्ज कराया था।

राखी बिड़लान
मंगोलपुरी की आप नेता राखी बिड़लान पर भी सफाई कर्मचारियों के साथ मारपीट का आरोप लग चुका है।

दिनेश मोहनिया
संगम विहार से आप नेता दिनेश मोहनिया पर भी 26 जून, 2016 को एक बुजुर्ग को थप्पड़ मारने के आरोप में एफआईआर दर्ज हुई थी। वह बुजुर्ग मोहनिया से अपने इलाके की समस्या को लेकर मिलने गया था।

अखिलेश त्रिपाठी
मॉडल टाउन से विधायक अखिलेश त्रिपाठी पर इसके पहले भी बिट्टु झा नाम के पीड़ित से मारपीट करने का आरोप लग चुका है। अखिलेश त्रिपाठी के खिलाफ एक महिला के साथ दुष्कर्म करने का भी आरोप लगाया है।

संजीव झा
बुराड़ी के संजीव झा पर हजारों कार्यकर्ताओं और विधायक अखिलेश त्रिपाठी के साथ बुराड़ी थाना परिसर पर हमला और पुलिस पर पथराव करने का आरोप लगा था।

सुरिंदर सिंह
दिल्ली छावनी से आप नेता सुरिंदर सिंह पर रुतबे का दुरुपयोग करने और नयी दिल्ली नगरपालिका परिषद के बेलदार मुकेश के साथ मारपीट करने का आरोप लग चुका है। इस AAP नेता पर जातिसूचक टिप्पणियां करने का भी आरोप लग चुका है।

जगदीप सिंह
हरीनगर से आम आदमी पार्टी नेता जगदीप सिंह पर एक ठेकेदार से मारपीट का आरोप लगा था। पुलिस के पास दर्ज शिकायत के अनुसार शराब पीकर विधायक ने ट्रक को बिना वजह रोका, ट्रक को डायवर्ट कराया, मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी।

नरेश बाल्यान
आप नेता नरेश बाल्यान पर आरडब्लूए प्रेसिडेन्ट पर हमला करने,थप्पड़ मारने और गाली-गलौच करने का आरोप लगा था। इस मामले में उन्हें गिरफ्तार भी किया गया था।

प्रकाश जारवाल
देवली के आप नेता प्रकाश जारवाल पर एक महिला को धक्का मारकर निकालने, दुर्व्यवहार करने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप है। इस मामले में जारवाल की 24 अगस्त, 2016 को गिरफ्तारी भी हो चुकी है।

सहीराम पहलवान
तुगलकाबाद से आप नेता सहीराम पहलवान के खिलाफ भी एक युवक की पिटाई करने का मामला दर्ज है। पीड़ित की गलती ये थी कि उसने विधायक से गलियों को बनवाने के नाम पर हुई लूट का हिसाब मांगा था।

खुद केजरीवाल भी अपनी अराजकता का परिचय दे चुके हैं। ये हर मौके पर अराजक तत्वों के साथ खड़े नजर आते हैं। चाहे दिल्ली में सीएए के खिलाफ हिंसक प्रदर्शन हो या जेएनयू में देश विरोधी गतिविधियां हो या खुद के द्वारा संविधान और लोकतंत्र की धज्जियां उड़ाने का मामला हो। केजरीवाल ने संविधान की मर्यादा तार-तार करने में कोई कसर नहीं छोड़ी है…

विधानसभा में फाड़ी संसद से पास बिल की कॉपी
दिल्ली के विवादित मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने 17 दिसंबर को संविधान की मर्यादा तार-तार करते हुए अपने राजनीतिक फायदे के लिए एक घटिया हथकंडा अपनाया। दिल्ली विधानसभा के एकदिवसीय विशेष सत्र के दौरान उन्होंने सदन में केंद्र सरकार द्वारा पास किए गए तीन कृषि कानूनों की प्रतियां फाड़ दी।

‘हां, मैं अराजक हूं, और जरूरत पड़ी तो मैं गणतंत्र दिवस परेड भी नहीं होने दूंगा।‘ 
दिल्ली का मुख्यमंत्री होते हुए भी 21 जनवरी, 2014 को दिया गया अरविंद केजरीवाल का ये ‘अराजक’ बयान उनके पूरे व्यक्तित्व को बताता है। अब ये अराजकता उनकी कार्यशैली में साफ दिखती है। दरअसल 2013 में जब वे पहली बार दिल्ली के मुख्यमंत्री बने थे तब लोगों को उनसे बदलाव की राजनीति की एक नई शैली की उम्मीद थी। लेकिन दिल्ली के लोगों ने उनकी टकराव, जिद, धमकी और मनमानी वाली राजनीति ही देखी है। शुचिता और ईमानदारी की बात करते-करते ‘अराजक’ केजरीवाल भ्रष्टाचार, झूठ, फरेब और भाई भतीजावाद की राजनीति को प्रश्रय देने वाले राजनेता का उदाहरण बन गए। उनकी वादाखिलाफी, अहंकार और अक्खड़पन ने न सिर्फ दिल्ली की जनता के सपनों को तोड़ा है, बल्कि उस भरोसे को भी तोड़कर रख दिया जिस बुनियाद पर लोग व्यवस्था परिवर्तन की उम्मीद करते हैं।

रेल भवन के सामने सड़क पर धरना
अरविंद केजरीवाल और पार्टी के अन्य नेताओं ने सैकड़ों समर्थकों के साथ 20 जनवरी, 2014 को दक्षिण दिल्ली में एक कथित ड्रग और वेश्यावृत्ति रैकेट पर छापा मारने से इनकार करने वाले पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए रेल भवन के बाहर धरना दिया था। पुलिस ने उनके खिलाफ दायर चार्जशीट में दावा किया कि 19 जनवरी, 2014 को सहायक पुलिस आयुक्त ने रेल भवन और संसद मार्ग के पास नॉर्थ ब्लॉक, साउथ ब्लॉक, विजय चौक इलाकों में निषेधाज्ञा लागू की थी, जिसके खिलाफ जाकर उन्होंने यह विरोध प्रदर्शन किया। उच्च सुरक्षा वाले क्षेत्र में निषेधाज्ञा का उल्लंघन करते हुए अपने 6 मंत्रियों के साथ केजरीवाल ने अपना विरोध जताने के लिए नॉर्थ ब्लॉक स्थित गृह मंत्रालय की तरफ जाने की कोशिश की।

जब एलजी ऑफिस में हड़ताल पर बैठे केजरीवाल
जून 2018 में अरविंद केजरीवाल की अराजकता फिर देखने को मिली जब वह अपने सहयोगी मंत्रियों के साथ तत्कालीन एलजी अनिल बैजल के ऑफिस में हड़ताल पर बैठ गए। केजरीवाल और उनके मंत्री अपनी मांगों के समर्थन में 11 जून, 2018 की शाम से 20 जून, 2018 तक एलजी अनिल बैजल के कार्यालय में धरना देते रहे। 

“दिल्ली की जनता एलजी की गुलाम है”
2 जुलाई, 2019 को दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा दिए जाने की मांग को लेकर रविवार को इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में आम आदमी पार्टी ने महासम्मेलन का आयोजन किया। आप के सांसदों, मंत्री और विधायकों की मौजूदगी में इस महासम्मेलन को संबोधित करते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा, ”हम दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलवाकर ही दम लेंगे।” केजरीवाल ने यह भी कहा कि दिल्ली पहले मुगलों की गुलाम रही। फिर अंग्रेजों की हुई और अब एलजी की गुलाम है। बहरहाल यह जानना आवश्यक है कि कि दिल्ली को पूर्ण राज्य का मांग दिए जाने की मांग पुरानी है, लेकिन केंद्र सरकार ने बार-बार साफ कर दिया है कि यह संभव नहीं है। ऐसे में केजरीवाल एंड कंपनी दिल्ली के आम जनों का काम नहीं कर पूर्ण राज्य के मुद्दे को तूल देने में लग गई है।

जेएनयू में देश विरोधी नारों का समर्थन
देश के सबसे बड़े विश्वविद्यालय जेएनयू में ‘भारत तेरे टुकड़े होंगे-इंशाल्लाह, इंशाल्लाह’ ‘भारत की बर्बादी तक जंग रहेगी जारी’, ‘इंडियन आर्मी मुर्दाबाद’ और ‘कितने अफजल मारोगे-हर घर से अफजल निकलेगा’ ये देशविरोधी नारे लगाए जाते हैं। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ऐसे नारा लगाने वालों के साथ खड़े नजर आते हैं। एक सरकार के मुखिया का ऐसे नारों का समर्थन करने पर देश और दिल्ली की जनता में आक्रोश है। केजरीवाल सरकार जेएनयू के पूर्व छात्र अध्यक्ष कन्हैया कुमार के खिलाफ केस चलाने के मामले में महीनों रोड़ा बनी रही। वहीं विधानसभा में नेता विपक्ष विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि बीते 22 फरवरी और 23 अगस्त 2019 को विधानसभा में टुकड़े-टुकड़े गैंग का मामला उठाया था, लेकिन सीएम केजरीवाल ने मार्शल बुलाकर भाजपा के विधायकों को सदन से बाहर निकलवा दिया। वह सिर्फ टुकड़े-टुकड़े गैंग का समर्थन करना चाहते हैं। गुप्ता ने कहा कि मुकदमा चलाने की अनुमति न देकर मुख्यमंत्री केजरीवाल कानून को काम करने से रोक रहे हैं और गलत उदाहरण प्रस्तुत कर रहे हैं।

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