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राजनीतिक कीचड़ साफ करने में नाकाम रहे केजरीवाल, AAP के 61 प्रतिशत विधायकों पर आपराधिक मामले दर्ज

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दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल जिस राजनीतिक कीचड़ को साफ करने सार्वजनिक जीवन में आए थे, आज उसी में धंसते नजर आ रहे हैं। अब वे उन्हीं विधायकों के साथ सरकार चलाएंगे, जिनके खिलाफ भ्रष्टाचार, रेप, मारपीट, रंगदारी जैसे मामलों में आपराधिक केस दर्ज हैं। एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) की रिपोर्ट से पता चलता है कि 2015 की तुलना में 2020 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में दागी विधायकों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। आम आदमी पार्टी के जीते हुए 62 में से 38 विधायकों (61%) के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं।

एडीआर की रिपोर्ट के अनुसार 70 में से 43 विधायकों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं और 37 विधायक, यानि लगभग 53 प्रतिशत विधायक ऐसे हैं, जिनके खिलाफ खतरनाक आपराधिक मामले दर्ज हैं। इन मामलों में बलात्कार, हत्या की कोशिश और महिलाओं के खिलाफ अपराध जैसे मामले शामिल हैं। 9 विधायक ऐसे हैं, जिनके अपराध कोर्ट में साबित भी हो चुके हैं। इनमें 1 विधायक के ऊपर हत्या के षड्यंत्र का अपराध साबित भी हो चुका है।

2015 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में चुनकर आए 34 प्रतिशत विधायकों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज थे। वहीं 2020 में इसमें बढ़ोतरी से पता चलता है कि अरविंद केजरीवाल भी सिर्फ जीत दिलाने वाले विधायकों को प्राथमिकता देने लगे हैं। उन्होंने अपने थ्री सी (करेक्टर, करप्शन और क्राइम) से समझौता नहीं करने के अपने सिद्धांत को तिलांजलि दे दी है।

दिल्ली में नवनिर्वाचित 70 में से 52 विधायक करोड़पति हैं, जबकि वर्ष 2015 में इनकी संख्या 70 में से मात्र 44 थी। आम आदमी पार्टी के 62 में से 45 और बीजेपी के आठ में से सात विधायक करोड़पति हैं, यानि इनकी घोषित संपत्ति एक करोड़ रुपए से अधिक है। इस प्रकार आम आदमी पार्टी भी आम से खास हो गई है, क्योंकि उसके 62 विधायकों की औसतन संपत्ति 14.96 करोड़ रुपए है।

सबसे अधिक संपत्ति वाले तीनों विधायक आम आदमी पार्टी के ही हैं। इनमें  मुंडका से विधायक धर्मपाल लाकड़ा की कुल संपत्ति 292 करोड़ रुपए है। जबकि आरके पुरम की विधायक प्रमिला टोकस की कुल संपत्ति 80 करोड़ रुपए और पटेल नगर से विधायक राजकुमार की कुल संपत्ति 78 करोड़ रुपए है।

अगर शिक्षा की बात करें तो चुने गए 70 विधायकों में से 2 विधायक मात्र 8वीं पास हैं, 7 विधायक 10वीं पास, 14 विधायक 12वीं पास, 15 विधायक ग्रेजुएट, 9 ग्रेजुएट प्रोफेशनल, 18 पोस्ट ग्रेजुएट और 5 अन्य शिक्षा प्राप्त हैं।

इस बार निर्वाचित विधायकों में से 39 की आयु 25 से 50 वर्ष के बीच है और 31 विधायकों की घोषित आयु 51 से 80 वर्ष के बीच है। इस बार दिल्ली विधानसभा में 70 में से आठ महिला विधायक हैं। नवनिर्वाचित विधायकों में 45 विधायक फिर निर्वाचित हुए हैं।

 

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