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मोदी सरकार द्वारा शुरू की गई 20 प्रमुख योजनाएं जिनसे बदली भारत की तस्वीर, लोगों के जीवन में आया सुधार

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अब तक के आठ साल के कार्यकाल में देश को विकास के पथ पर अग्रसर करने एवं इसकी तस्वीर बदलने के लिए व्यापक सुधार कार्य किए गए हैं और ये अब भी जारी हैं। आत्मनिर्भर भारत अभियान, भारत की छवि को बदल देने वाला मील का पत्थर सबित हो रहा है। इसी तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी आयुष्मान भारत, उज्जवला योजना, पीएम किसान सम्मान निधि, गांवों में बिजली पहुंचाना, स्वच्छ भारत मिशन, सब्सिडी का डिजिटल ट्रांसफर, जन-धन योजना, आयुष्मान भारत, मुद्रा योजना, उड़ान आदि कुछ ऐसी योजनाएं हैं जिसने भारत की तस्वीर बदली है और प्रगति के द्वार खोले हैं। पीएम मोदी की इन योजनाओं से लोगों के जीवन स्तर में भी सुधार आया है। इसमें कोई दो राय नहीं है कि बदलते भारत की तस्वीर को गढ़ते प्रधानमंत्री मोदी को भविष्य में भारत के नवयुग प्रणेता के रूप में देखा जाएगा।

1. प्रधानमंत्री उज्जवला योजना

“स्वच्छ ईंधन, बेहतर जीवन” के नारे के साथ मोदी सरकार ने 1 मई 2016 को प्रधानमंत्री उज्जवला योजना की शुरूआत की। यह योजना एक धुआंरहित ग्रामीण भारत की परिकल्पना के साथ शुरू की गई, विशेषकर गरीबी रेखा से नीचे रह रही महिलाओं को रियायती एलपीजी कनेक्शन उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया था। इसके तहत गरीबी रेखा के नीचे गुजर-बसर करने वाले परिवारों को 9 करोड़ से अधिक एलपीजी कनेक्शन वितरित किए जा चुके हैं। इस योजना से एलपीजी के उपयोग में वृद्धि होगी और स्वास्थ्य संबंधी विकार, वायु प्रदूषण एवं वनों की कटाई को कम करने में मदद मिलेगी। इससे सबसे बड़ा फायदा उन गरीब माताओं-बहनों को हुआ, जो धुएं में खाना बनाने को मजबूर थीं।

2. आयुष्मान भारत- प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना

23 सितंबर 2018 को लॉन्च की गई यह स्वास्थ्य बीमा योजना है। इससे सीधे तौर पर गरीबों को लाभ हो रहा है। कैंसर और हार्ट संबंधी बीमारियों में भी 50 करोड़ भारतीयों को सालाना 5 लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा मिल रहा है। इस योजना के तहत उन लोगों को लाभ मिलेगा जो वर्तमान में किसी भी सरकारी या निजी स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत कवर नहीं हैं। इस तरह भारत दुनिया की पहली व्यापक स्वास्थ्य बीमा योजना शुरू करने की दिशा में बढ़ रहा है। वर्तमान में 50 करोड़ से अधिक लोग (10.74 करोड़ परिवार) पहले से ही आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB-PMJAY) के तहत कवर्ड हैं। यह योजना हर परिवार को 5 लाख रुपये का मुफ्त वार्षिक स्वास्थ्य कवर प्रदान करती है।

3. गांवों में बिजली- दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त 2015 को लाल किले की प्राचीर से 1,000 दिनों के अंदर अंधेरे में डूबे 18,452 गांवों में बिजली पहुंचाने की घोषणा की थी। आजादी के इतने वर्षों बाद भी देश के सैकड़ों घरों में बिजली नहीं पहुंची थी, जिसे पहुंचाने के लिए दीनदयाल ग्राम ज्योति योजना शुरू की गई। तय समय से 12 दिन पहले 28 अप्रैल 2018 को यह संकल्प पूरा हुआ और देश के सभी गांव बिजली से रोशन हुए। सरकार ने इस योजना के लिए 75,893 करोड़ रुपये का आवंटन किया। इस लक्ष्य को पूरा करने में कई कठिनाइयां भी आई क्योंकि कई गांव दुर्गम इलाके में थे जहां बिजली के उपकरण पहुंचाना ही काफी कठिन था। यहां तक कि कई जगह बिजली विभाग के कर्मचारियों को सिर एवं कंधे पर बिजली उपकरण उठाकर ले जाना पड़ा और इसे इसे मिशन मोड में पूरा किया गया। मोदी सरकार ने सुदूर गांवों में हर घर बिजली पहुंचाने के लिए पूरी ताकत झोंक दी थी। इससे पीएम मोदी की छवि गरीबों और वंचित लोगों के लिए सोचने वाले के तौर पर बनी।

4. पीएम किसान सम्मान निधि योजना 

1 दिसम्बर 2018 से लागू यह योजना किसानों के लिए वरदान साबित हो रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का किसानों पर खास ध्‍यान है। छोटे और सीमांत किसान परिवारों (जिनके पास 2 हेक्टेयर तक जमीन होगी) को इस योजना का लाभ मिलेगा। पीएम किसान योजना के तहत हर वित्त वर्ष में मोदी सरकार किसानों को 6000 रुपये देती है जो उनके खाते में 2000-2000 की तीन किस्तों में भेजा जाता है। इसके तहत हर साल की पहली किस्त एक अप्रैल से 31 जुलाई तक आती है, वहीं दूसरी किस्त एक अगस्त से 30 नवंबर और तीसरी किस्त एक दिसंबर से 31 मार्च के बीच किसानों के खाते में भेजी जाती है। किसान सम्मान निधि के तहत मार्च 2022 तक 11.3 करोड़ किसानों के खाते में 1.82 लाख करोड़ रुपये सीधे हस्तांतरित किये जा चुके हैं। पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत लगभग 12.53 करोड़ किसान रजिस्टर्ड हैं। पीएम किसान सम्मान निधि योजना से जुड़ी अगर कोई दिक्कत है तो आपके पास हेल्पलाइन नंबर्स पर बात करके भी इसका समाधान लेने की सुविधा है। पीएम मोदी ने कहा है कि ‘‘प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि” और कृषि क्षेत्र से जुड़ी अन्य योजनाएं देश के करोड़ों किसानों को ताकत दे रही हैं। देश का किसान जितना सशक्त होगा, नया भारत उतना ही समृद्ध नजर आएगा।

5. स्वच्छ भारत मिशन- स्वच्छता और शौचालय

सार्वभौमिक स्वच्छता के प्रयासों में तेजी लाने और स्वच्छता पर ध्यान केंद्रित करने हेतु प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2 अक्टूबर 2014 को स्वच्छ भारत मिशन का आरंभ किया था। मिशन के तहत, भारत में सभी गांवों, ग्राम पंचायतों, जिलों, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने ग्रामीण भारत में 10 करोड़ से अधिक शौचालयों का निर्माण करके 2 अक्टूबर 2019, महात्मा गांधी की 150 वीं जयंती तक स्वयं को “खुले में शौच से मुक्त” (ओडीएफ) घोषित किया। इसका आशय यह है कि गांव के हर परिवार की शौचालय तक पहुंच हो गई है। यह सुनिश्चित करने के लिए कि खुले में शौच न करने की प्रथा स्थायी रहे, यह मिशन अब अगले चरण यानी ओडीएफ-प्लस की ओर अग्रसर है। दुनिया में अपनी तरह के इस सबसे बड़े अभियान के तहत 50 करोड़ परिवारों को लाभ हुआ। इस योजना से माताओं और बहनों का खुले में शौच के लिए जाना बंद हुआ और उनके जीवन स्तर में सुधार हुआ। इस योजना के तहत पूरे देश में सफाई के लिए विशेष कार्य किए गए हैं, जिसमें शौचालय निर्माण से लेकर कचरा निस्तारण भी शामिल है। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के दूसरे चरण के तहत ओडीएफ प्लस गतिविधियां ओडीएफ व्यवहार को सुदृढ़ करेंगी और गांवों में ठोस एवं तरल कचरे के सुरक्षित प्रबंधन पर ध्यान केंद्रित करेंगी। स्वच्छ भारत मिशन के ताजा आंकड़े के मुताबिक, ग्रामीण क्षेत्रों में 16 करोड़ परिवारों के लिए शौचाालय तैयार किए गए हैं। अगर एक परिवार में सदस्यों की संख्या पांच मानी जाए तो इस हिसाब से लगभग 84 करोड़ लोग इन शौचाालयों का इस्तेमाल कर रहे हैं।

6. प्रधानमंत्री पहल योजना – सब्सिडी का डिजिटल ट्रांसफर

पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने एक बार कहा था कि केंद्र से भेजा गया 100 पैसा गरीब तक पहुंचते-पहुंचते 15 पैसा रह जाता है। ऐसे में बिचौलिये की भूमिका को खत्म करने के लिए मोदी सरकार ने सब्सिडी को सीधे लाभार्थियों के खातों में पहुंचाने की योजना शुरू की। डायरेक्ट बेनीफिट ट्रांसफर्स के रूप में सब्सिडी सीधे बैंक खातों में जमा कराए जाने को लेकर फैसला किया गया है। इससे लीकेज और किसी हेराफेरी की गुंजाइश खत्म हुई है। पहल योजना के तहत एलपीजी सब्सिडी सीधे बैंक खातों में जमा कराई जाती है, जिसका गिनीज बुक ऑफ रिकॉर्ड में भी नाम दर्ज है। इस योजना के तहत 14.62 करोड़ से अधिक लोगों को सीधे नकद सब्सिडी मिल रही है। इस योजना ने करीब 3.34 करोड़ नकली या निष्क्रिय खातों की पहचान करने और उन्हें बंद करने में भी मदद की, जिससे हजारों करोड़ रुपये की बचत हुई। सरकार ने वित्त वर्ष 2021-22 में 783 करोड़ ट्रांजेक्शन डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के किए थे जो वित्त वर्ष 2020-21 में 603 करोड़ ट्रांजेक्‍शन था।

7. प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY)

प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण की शुरुआत एक अप्रैल 2016 को हुई थी। इस स्कीम के तहत 2024 तक सभी मूलभूत सुविधाओं के साथ 2.95 करोड़ घर उपलब्ध कराने की योजना बनाई गई है। 21 फरवरी, 2022 तक, 2.62 करोड़ घरों के आवंटित कुल लक्ष्य के मुकाबले कुल 1.73 करोड़ घरों का निर्माण पूरा किया जा चुका था। सभी का सपना होता है कि उनका अपना घर हो। देश के नागरिकों के इसी सपने को पूरा करने के लिए पीएम मोदी की पहल पर केंद्र सरकार प्रधानमंत्री आवास योजना (PM Awaas Yoajana) चला रही है। इस योजना के तहत सरकार उन लोगों को घर बनाने के लिए राशि प्रदान करती है, जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं। देश के लाखों लोग अब तक पीएम आवास योजना का लाभ उठा चुके हैं। इस स्कीम के तहत मैदानी इलाकों में घर बनाने के लिए एक लाख 20 हजार रुपये और पहाड़ी इलाके के लिए एक लाख 30 हजार रुपये की राशि सरकार की ओर से दी जाती है।  

8. प्रधानमंत्री जन-धन योजना

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साल 2014 में जन-धन योजना की घोषणा स्वतंत्रता दिवस के मौके पर की थी। इस योजना का मकसद देश के हर नागरिक को बैंकिंग सुविधा से जोड़ना है और इस योजना के तहत 31.31 करोड़ लोगों को फायदा मिल चुका है। आर्थिक जगत के क्षेत्र में ये दुनिया की सबसे बड़ी योजना है। इसने एक सप्ताह में सबसे अधिक 1,80,96,130 बैंक खाते खोलने के लिए गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड भी बनाया। प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत अब तक 40.35 करोड़ से अधिक खाते खोले जा चुके हैं जिनमें 1.31 लाख करोड़ रुपये जमा हुए हैं। इस योजना के तहत खोले गए कुल खातों में से 63.6 फीसदी ग्रामीण इलाकों में खोले गए हैं और 55.2 फीसदी खाताधारक महिलाएं हैं। इस योजना के ज़रिये बैंकिंग, बचत, जमा खाता, प्रेषण, ऋण, बीमा, पेंशन इत्यादि वित्तीय सेवाओं को प्रभावी ढंग से सभी तक पहुंचाना है। देश में आज भी बहुत से लोग ऐसे हैं जो अपना बैंक अकाउंट नहीं खुलवा पाते हैं और बैंक द्वारा दी जा रही बैंकिंग सुविधा से अवगत नहीं हैं। इसके मद्देनजर केंद्र सरकार की गरीब परिवारों के लिए एक बहुत ही अच्छी योजना है। इसके तहत देश के आर्थिक रूप से गरीब लोग, पिछड़े वर्ग के लोगों को जीरो बैलेंस पर बैंक में खाता खोलने की सुविधा उपलब्ध कराना एवं बैंक की सुविधाओं से जोड़ना है।

9. प्रधानमंत्री मुद्रा योजना- अब तक 8 लाख करोड़ का लोन दिया गया

मुद्रा योजना की शुरुआत भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 8 अप्रैल 2015 को की थी। प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (PMMY) एक गैर-कार्पोरेट, गैर-कृषि, लघु उद्यमों को 10 लाख तक की ऋण प्रदान करने के लिए शुरू की गई योजना है। इस योजना के तहत केंद्र की मोदी सरकार लोगों को खुद का व्यवसाय खोलने के लिए लोन देती है। इससे देश के लोगों को आत्मनिर्भर बनने का मौका मिलेगा। प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत माइक्रो यूनिट्स डेवलपमेंट एंड रिफाइनेंस एजेंसी (MUDRA) लोन स्कीम भारत सरकार की एक पहल है जो व्यक्तियों, SME और MSME को लोन प्रदान करती है। MUDRA के तहत 3 लोन योजनाएं ऑफर की जाती हैं जिनका नाम शिशु, किशोर और तरुण है। मुद्रा लोन योजना के तहत अधिकतम 10 लाख रुपए तक की लोन राशि प्रदान की जाती है। मुद्रा लोन लेने के लिए आवेदक को बैंकों या लोन संस्थानों को कोई सिक्योरिटी जमा कराने की ज़रूरत नहीं होती है। इस लोन का भुगतान 5 साल तक किया जा सकता है। देशभर में पिछले 8 सालों में सरकार ने कुल 8 लाख करोड़ का लोन मुद्रा योजना के तहत बांटा है। इससे कई एंटरप्रेन्योर (Entrepreneur) को अपना कारोबार शुरू करने में मदद मिली है। इस योजना के तहत 23 करोड़ महिला एंटरप्रेन्योर को लोन दिया गया है। इसके साथ ही देश में महिला एंटरप्रेन्योर को 500 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।

10. उड़ान योजना- उड़े देश का आम नागरिक

‘उड़ान’ का फुल फॉर्म ‘उड़े देश का आम नागरिक’ है। यह मोदी सरकार की अहम योजनाओं में से एक है, जिसका उद्देश्य आम आदमी को हवाई सेवा उपलब्ध कराना है। यह एक क्षेत्रीय कनेक्टिविटी योजना (RCS) है और इसे 21 अक्टूबर 2016 को लॉन्च किया गया था। इस योजना के तहत सरकार फ्लाइट फेयर कम करेगी तथा कई ऐसी जगहों पर हवाई अड्डों का निर्माण कराएगी, जहां फिलहाल हवाई अड्डे नहीं बन पाए हैं। इस योजना के तहत ग्राहकों को 500 किमी की दूरी एक घंटे में तय कराई जायेगी, जिसकी टिकट की क़ीमत 2500 रूपए होगी। इसकी शुरुआत 2016 में की गई और करीब 128 रूट पर सस्ती दरों पर फ्लाइट उपलब्ध करवाई जा रही है।

11. पीएम अटल पेंशन योजना

‘अटल पेंशन योजना’ की शुरुआत 9 मई, 2015 को हुई थी। इस योजना को पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (PFRDA) द्वारा संचालित किया जाता है। अटल पेंशन स्कीम (Atal Pension Scheme) एक ऐसी सरकारी योजना है जिसमें आपके द्वारा किए गए निवेश आपकी उम्र पर निर्भर करती है। PFRDA के अनुसार इस योजना से अब तक 2.23 करोड़ लोग जुड़े हैं और इस स्कीम से जुड़ने वालों में पुरुषों और महिलाओं का अनुपात 57:43 का है। इस योजना के तहत आपको कम से कम 1,000 रुपये, 2000 रुपये, 3000 रुपये, 4000 रुपये और अधिकतम 5,000 रुपये मासिक पेंशन मिल सकती है। ये एक सुरक्षित निवेश है। अटल पेंशन योजना के तहत अंशधारकों की संख्या चार जून, 2022 तक बढ़कर 3.73 करोड़ हो गई है। किसी भी बैंक में जाकर अकाउंट ओपन करवाया जा सकता है।

12. प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना

“फसल बीमा योजना” को फसल की सुरक्षा के लिए आरंभ किया गया है। किसानों की फसल के संबंध में अनिश्चितताओं को दूर करने के लिए नरेन्द्र मोदी सरकार ने 13 जनवरी 2016 को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को आरंभ किया था। फसल बीमा योजना के तहत किसानों को किसी भी प्राकृतिक आपदा के कारण फसल में हुई हानि पर बीमा कवर देने का प्रावधान किया गया है, यानि किसानों की फसल को प्राकृतिक आपदाओं के कारण खराब होने पर प्रीमियम का भुगतान देकर एक सीमा तक हुई हानि कम करायेगी। प्रीमियम राशि को प्रत्येक किसान की आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए काफी कम रखा गया है। खरीफ पर 5 फीसदी व रबी पर मात्र 1.5 फीसदी प्रीमियम राशि है। फसल बीमा योजना किसानों के लिए सुरक्षा कवच के समान है। बीमा कंपनी के पास फसाल बीमा योजना के तहत लगभग 5.5 करोड़ किसानों के आवेदन एक वर्ष में आते हैं और इस योजना के तहत अब तक 90000 करोड़ रुपये के दावे का भुगतान किया गया है। इन दावों को आधार सीडिंग के जरिए निपटाया जाता है। covid -19 लॉकडाउन के दौरान, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत 70 लाख किसानों को 8741.30 करोड़ रुपये दिए गए।

SKILL_INDIA13. प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना

प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना को 15 जुलाई 2015 को विश्व युवा कौशल दिवस पर लांच किया गया था। इसका उद्देश्य भारत में रह रहे पढ़े-लिखे बेरोजगार युवाओं को नौकरी देना है और उन्हें औद्योगिक प्रशिक्षण देना है। प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना कौशल विकास एवं उद्यमता मंत्रालय की ओर चलाई जाती है। इस स्कीम का उद्देश्य देश के युवाओं को उद्योगों से जुड़ी ट्रेनिंग देना है जिससे उन्हें रोजगार पाने में मदद मिल सके। इसमें ट्रेनिंग की फीस सरकार खुद भुगतान करती है। सरकार इस स्कीम के जरिए कम पढ़े लिखे या 10वीं, 12वीं कक्षा ड्रॉप आउट युवाओं को कौशल प्रशिक्षिण देती है। वर्ष 2016 से 2020 तक 73 लाख 47 हजार युवाओं ने प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के अंतर्गत प्रशिक्षण प्राप्त किया है। प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले इन युवाओं में से 16 लाख 61 हजार युवाओं को नौकरियां दी गई हैं। कई राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय कंपनियां कौशल विकास को प्रोत्साहित करने के लिए आगे आ रही हैं। टेक्नोलॉजी व संचार से जुड़ी यूरोप की कई कंपनियों ने इसमें रुचि दिखाई है।

14. प्रधानमंत्री स्वामित्व योजना

प्रधानमंत्री मोदी ने 24 अप्रैल 2020 को स्वामित्व योजना को लॉन्च किया। यह सरकारी योजना ग्रामीण क्षेत्रों के विकास को लेकर शुरू की गई है। स्वामित्व योजना 2020 से ग्रामीण क्षेत्रों में विकास के प्रयासों को गति मिल रही है। इससे देश भर के पंचायती राज संस्थानों में ई गर्वनेंस को मजबूती मिली। पीएम स्वामित्व योजना लागू होने के बाद कोई भी व्यक्ति घर बैठे ही अपनी संपत्ति का ब्यौरा देख सकता है और ग्रामीण क्षेत्रों के लोग अपनी गांव की संपत्ति के आधार पर बैंक से लोन ले सकते हैं। स्‍वामित्‍व योजना धुनिक सर्वेक्षण विधियों के द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में आबाद भूमि का सीमांकन / मैपिंग किया जाएगा जिससे ग्रामीण लोगों को बैंक से लोन लेने में आसानी हो। यह योजना गांव के उन लोगों को अपने जमीन का मलिकाना हक दे रहा जिनकी जमीन किसी भी सरकारी आंकड़े में दर्ज नहीं है। गांव में कई ऐसे लोग हैं जिनकी जमीनें किसी भी सरकारी आंकड़े में दर्ज नहीं है। ऐसे में इन लोगों को जमीन छिनने का डर बना रहता है। ऐसे लोगों की मदद के लिए प्रधानमंत्री स्वामित्व योजना (PM Swamitva Yojana) को शुरू किया गया है।

15. आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना

आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना मोदी सरकार की बेहद महत्वाकांक्षी योजना है। इस योजना को 1 अक्टूबर 2020 से 30 जून 2021 तक के लिए आरंभ किया गया था फिर बाद में इसे आगे बढ़ा दिया गया। आत्मनिर्भर भारत योजना कोरोना महामारी की वजह से नौकरी गंवा चुके लोगों के लिए वरदान साबित हुई है। इस योजना से देश के लाखों लोगों को रोजगार प्राप्त करने में मदद मिली है। इसके लिए सरकार कई तरह के अवसर की व्यवस्था करती है। सरकार द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक इस योजना के तहत 30 अप्रैल 2022 तक देश के 58.76 लाख लोगों को कुल 4,920.67 करोड़ रुपये की आर्थिक मदद मिली है। इस योजना का उद्देश्य महामारी के कारण नौकरियां गंवाने वाले लोगों को दोबारा से नौकरी दिलाने में मदद करना और प्रतिष्ठानों द्वारा अधिक से अधिक कर्मचारियों को भर्ती करने के लिए प्रोत्साहित करना है। आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना के तहत सरकार 15,000 रुपये से कम वेतन प्राप्त करने वाले लोगों की EFPO में कंपनी के 12 प्रतिशत सरकार द्वारा दिए जाते हैं। लेकिन, इस योजना का लाभ उठाने के लिए कंपनी को EPFO में रजिस्टर्ड होना जरूरी है। इसके साथ ही कंपनी में कम से कम 50 से अधिक कर्मचारी काम करते हों। इससे कंपनियों को कर्मचारियों को नई नौकरी देने में सुविधा मिलेगी।

16. प्रधानमंत्री निक्षय पोषण योजना 

केंद्र सरकार ने क्षय रोग जैसे की टीबी जैसी बीमारी की रोकथाम के लिए निक्षय पोषण योजना 1 अप्रैल 2018 को लांच किया। इस योजना के तहत टीबी मरीजों को 500 रुपए प्रतिमाह सहायता राशि दी जाती है। यह सरकारी योजना उन लोगों के लिए प्रधानमंत्री द्वारा शुरू की गई है जो क्षय रोग से ग्रसित है। निक्षय पोषण योजना टीबी मरीजों के लिए एक तरह की पोषण सहायता योजना है जिसमें रोगियों व प्रत्येक लाभार्थी को हर महीने 500 रूपये उपचार के साथ-साथ दिये जाएंगे। निक्षय पोषण योजना के लिए आप स्वास्थ्य केंद्रों पर पंजीकरण व नामांकन कर सकते हैं जहां से वे अपना इलाज ले रहे हैं। टीबी एक खतरनाक और गंभीर बीमारी है जिससे हर साल लगभग हजारों लोगों की मौत हो जाती है। टीबी के मरीजों की मौत का कारण आज के समय में पोषण से भरपूर खाने की कमी है क्यूंकि टीबी की बीमारी से लड़ने वाली दवाइयां तो बहुत है पर कहीं न कहीं अच्छे पौष्टिक भोजन की कमी है। डॉक्टरों के अनुसार टीबी की दवाइयों के साथ मरीज को अच्छे भोजन की भी बहुत जरूरत होती है और ऐसा ना होने पर कुछ परिस्थितियों में रोगी की मृत्यु तक हो जाती है।

17. प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना

यह योजना 31 मई, 2019 को शुरू की गई थी। पीएम मानधन योजना के तहत असंगठित क्षेत्र के कामगारों को 60 वर्ष की आयु पूरी होने पर हर महीने 3000 रुपये की पेंशन दी जाती है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य असंगठित क्षेत्र के कामगारों को बुढ़ापे में सहारा देना है ताकि असंगठित क्षेत्र के मजदूर वर्ग भी 60 साल की उम्र पार करने पर अपने जीवन यापन अच्छे से कर सकें। वह अपने बुढ़ापे को स्वाभिमान के साथ जी सकें और किसी दूसरे पर निर्भर न रहना पड़े। पेंशन से प्राप्त राशि का प्रयोग वह अपने खाने, पीने, कपड़ो, दवाई, इत्यादि की जरुरी आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद पा सकता है। इस योजना का लाभ असंगठित क्षेत्रों के श्रमिक जैसे कि ड्राइवर, रिक्शा चालक, मोची, दर्जी, मजदूर, घरों में काम करने वाले, भट्टा कर्मकार आदि द्वारा प्राप्त किया जा सकता है। इस योजना के तहत आपको 55 रुपये से लेकर 200 रुपये प्रति माह निवेश करने होते हैं। 60 वर्ष की उम्र के बाद श्रमिक को 3,000 रुपये मासिक पेंशन का लाभ मिलता है। प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन पेंशन योजना के तहत वर्ष 2021 तक असंगठित क्षेत्र के करीब 46 लाख कामगारों ने पंजीकरण कराया लिया था।

18. पीएम वाणी योजना

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 9 दिसंबर 2021 को नागरिकों को फ्री वाई-फाई सुविधा प्रदान करने के लिए पीएम वाणी योजना की शुरुआत की। इस योजना के माध्यम से अब आवेदक को किसी भी महंगे डाटा प्लान लेने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी क्यूंकि सरकार ने पीएम वाणी फ्री इंटरनेट योजना को शुरू कर लिया है जिसके माध्यम से नागरिक वाई फाई के माध्यम से इंटरनेट का इस्तेमाल कर सकेंगे। डिजिटल इंडिया रिवॉल्यूशन के बाद, अब सरकार फ्री वाई-फाई क्रांति ला रही है। आज के समय में Internet अधिक महत्वपूर्ण जरूरत बन गया है। इसी कारण अब देश के नागरिकों के लिए सरकार PM Free WIFI Scheme की सुविधा उपलब्ध करवाएगी। यह एक ऐसी स्कीम है जो वाई फाई में क्रांति लेकर आएगी जिससे नागरिक आसानी से अपने मोबाइल फ़ोन, लैपटॉप, कंप्यूटर के जरिये भी वाई फाई कनेक्ट कर सकते है। इससे लोगों को ज्यादा स्पीड वाला नेटवर्क भी मिलेगा। PDO (पब्लिक डाटा ऑफिस) के माध्यम से ही नागरिक को मुफ्त में इंटरनेट की सुविधा प्रदान की जाएगी। आपके क्षेत्र में जितने भी नागरिकों को इंटरनेट चाहिए होगा उसमे हर प्रकार के प्लान शामिल होंगे। पीएम-वाणी योजना के तहत देश भर में अब तक 56,000 से अधिक वाई-फाई हॉटस्पॉट लगाए जा चुके हैं।

19. प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना

प्रधानमंत्री गर्भावस्था सहायता योजना के अंतर्गत भारत सरकार द्वारा 6000 रूपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। गर्भवस्था सहायता योजना की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा 1 जनवरी 2017 को की गयी थी। प्रधानमंत्री गर्भावस्था सहायता योजना 2021 के अंतर्गत पहली बार गर्भधारण करने वाली तथा स्तनपान कराने वाली महिलाओ को यह आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। गर्भावस्था सहायता योजना को Matritva Vandana Yojana 2022 के नाम से भी जाना जाता है। प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के अंतर्गत महिलाओं को बच्चे का जन्म होने पर 6000 रुपए की राशि प्रदान की जाती है। यदि परिवार में दूसरी बेटी जन्म लेती है तो उस स्थिति में भी अब सरकार 6000 रुपए की राशि प्रदान करेगी। सरकार द्वारा पहले यह राशि 3 किस्तों में प्रदान की जाती थी अब इसे 2 किस्तों में प्रदान की जाएगी। यह योजना देश की महिलाओं के स्वास्थ्य में सुधार करने में कारगर साबित हो रही है, इसके अलावा महिलाओं के जीवन स्तर में भी सुधार आया है।

20. उत्पादन लिंक्ड प्रोत्साहन (PLI) योजना

उत्पादन लिंक्ड प्रोत्साहन योजना का आरंभ 11 नवंबर 2020 को किया गया था। इस योजना के अंतर्गत घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा दिया जा रहा है। उत्पादन लिंक्ड प्रोत्साहन योजना में दवाएं, ऑटोकॉम्पोनेंट्स, ऑटोमोबाइल सहित 14 प्रमुख क्षेत्र शामिल किए गए हैं। उत्पादन लिंक्ड प्रोत्साहन योजना के माध्यम से विनिर्माण में बढ़ोतरी हो रही है तथा देश में आयात पर निर्भरता कम हो रही है। इस योजना के माध्यम से निर्यात में भी बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है जिससे देश की अर्थव्यवस्था में सुधार हो रहा है। इस योजना के तहत अगले पांच वर्षों में लगभग 2.4 लाख करोड़ रुपये के प्रोत्साहन की पेशकश करके प्रमुख क्षेत्रों में विनिर्माण को बढ़ावा दिया जा रहा है। PLI scheme यानी उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना से सालाना आधार पर सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में चार प्रतिशत की बढ़ोतरी हो सकती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर शुरू की गई पीएलआई योजना के तहत अगले पांच सालों में लगभग 2.4 लाख करोड़ रुपए के प्रोत्साहन की पेशकश करके प्रमुख क्षेत्रों में मैनुफैक्चरिंग को बढ़ावा दिया जा रहा है। इस योजना के तहत अगले 5 साल में 6 लाख से ज्‍यादा नौकरियां पैदा होंगी।

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