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Kejriwal का अलीबाबा और 40 चोर Connection: ईमानदारी का ढोंग करने वाली AAP के गुजरात चुनाव में सबसे ज्यादा 61 उम्मीदवार दागी, ADR की रिपोर्ट में आप के ‘पाप’ उजागर

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गुजरात में आम आदमी पार्टी ‘अली बाबा और चालीस चोर’ की कहावत चरितार्थ करने जा रही है। आप संयोजक केजरीवाल द्वारा बनाए गए पार्टी के सीएम फेस इसुदान गढ़वी तो पहले से दागी हैं ही। अब पता चला है कि गुजरात विधानसभा चुनाव लड़ रहे प्रत्याशियों में सबसे ज्यादा दागी उम्मीदवार आम आदमी पार्टी के ही हैं। गुजरात चुनाव में खड़े उम्मीदवारों द्वारा दर्ज हलफनामों का अध्ययन करने के बाद एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिमार्म्स (ADR) ने रिपोर्ट जारी की है। इसके मुताबिक राज्य के चुनाव में सबसे ज्यादा 61 दागी उम्मीदवार आम आदमी पार्टी ने खड़े किए हैं। आप गुजरात की सभी 182 सीटों पर चुनाव लड़ रही है। यानी उसके एक तिहाई उम्मीदवार दागी हैं, जिनके बूते पर केजरीवाल जीत का खोखला दम भर रहे हैं। आप के बड़े चोर मंत्री पहले ही दिल्ली की जेल में हैं और कुछ पर जांच चल रही है।केजरीवाल की नजर में किसी भी बड़े पद या टिकट के लिए दागी होना सबसे बड़ी योग्यता
गुजरात में आप के प्रत्याशियों की सूची का आंकलन करके ऐसा लग है कि जैसे आम आदमी पार्टी का सीएम फेस बनने के लिए शराब प्रेमी होना पहली योग्यता है!? वैसे ही यदि नेता दागी होगा तो विधानसभा चुनाव उम्मीदवार बनने में उसका पहला नंबर आएगा। यानी आम आदमी पार्टी और केजरीवाल के लिए दागी अच्छे हैं। तभी तो पंजाब में शराब पीकर कई बार नौटंकी कर चुके भगवंत मान को आप संयोजक केजरीवाल ने सीएम पद के योग्य पाया। अब गुजरात में भी केजरीवाल ने ऐसे ही शराब प्रेमी इसुदान गढ़वी को आम आदमी पार्टी की ओर से सीएम का चेहरा बनाया है। इनकी हरकतों का इसी से अंदाजा हो जाता है कि अर्बन नक्सल गढ़वी ड्राई स्टेट गुजरात में शराब पीकर हंगामा करने के कारण गिरफ्तार तक हो चुके हैं। गढ़वी के ऊपर शराब पीकर छेड़खानी करने के भी आरोप लग चुके हैं।

 

गुजरात विधानसभा में आम आदमी पार्टी के सबसे ज्यादा 61 उम्मीदवार दागी
गुजरात विधानसभा चुनाव में प्रचार चरम पर है। केजरीवाल द्वारा जब सीएम फेस ही दागी चुन लिया गया तो उम्मीदवारों की क्या बिसात। गुजरात में दोनों चरणों की बात करें तो पार्टियों और निर्दलीयों को मिलाकर 1621 उम्मीदवार मैदान में हैं। केजरीवाल ने गुजरात की सभी 182 सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं। सबसे ज्यादा दागी उम्मीदवार भी आम आदमी पार्टी के हैं। आप के 61 उम्मीदवारों पर आपराधिक मामले दर्ज हैं। यानी आप के एक तिहाई उम्मीदवार ऐसे हैं, जिन पर पहले से ही आपराधिक केसों में फंसे हुए हैं। केजरीवाल ने अप इनको जनता को फंसाने की जिम्मेदारी सौंपी है।ADR की रिपोर्ट, गुजरात में आम आदमी पार्टी के आने से दागी उम्मीदवारों में वृद्धि
राज्य में एक दिसंबर को पहले और पांच दिसंबर को दूसरे चरण का मतदान है। उम्मीदवारों द्वारा दर्ज हलफनामों का अध्ययन एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिमार्म्स (ADR) ने किया है। दोनों चरणों को मिलाकर बात करें तो कुल 1621 उम्मीदवार मैदान में हैं। आप के चुनाव मैदान में आने से इस बार 2017 के मुकाबले दागी उम्मीदवारों में इजाफा हुआ है। 2017 में कुल 238 उम्मीदवारों पर आपराधिक मामले दर्ज थे। इस बार यह संख्या बढ़कर 330 हो गई है। इनमें से सबसे ज्यादा दागी उम्मीदवार आम आदमी पार्टी के हैं। आप के 61 उम्मीदवारों पर आपराधिक मामले दर्ज हैं।गुजरात में आप के कुल उम्मीदवारों में से एक तिहाई पर आपराधिक मामले दर्ज
एडीआर द्वारा जारी एक रिपोर्ट के मुताबिक दूसरे चरण की 93 सीटों पर कुल 833 प्रत्याशी मैदान में हैं। इस चरण में चुनाव लड़ रहे 833 उम्मीदवारों में 163 पर आपराधिक मामले दर्ज हैं। 2017 के मुकाबले इसमें भी इजाफा हुआ है। 2017 में दूसरे चरण में चुनाव लड़ रहे 822 उम्मीदवारों में से 101 पर आपराधिक मामले दर्ज थे। वहीं, 833 उम्मीदवारों में से 245 करोड़पति हैं। 2017 में दूसरे चरण में इस तरह के उम्मीदवारों की संख्या 199 थी। ADR की रिपोर्ट के मुताबिक कांग्रेस के 60 उम्मीदवारों पर आपराधिक मामले चल रहे हैं। चुनाव में खड़े कुल 192 उम्मीदवारों पर हत्या, दुष्कर्म और हत्या के प्रयास जैसे गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं।आप के साथ कांग्रेस उम्मीदवार भी पीछे नहीं, हत्या और महिला अपराध के केस दर्ज
आम आदमी पार्टी के सबसे ज्यादा 43 उम्मीदवारों पर गंभीर धाराओं में केस दर्ज हैं। वहीं, कांग्रेस के 28 उम्मीदवारों पर गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं। कुल 18 उम्मीदवार ऐसे हैं जिन पर महिला अपराध के मामले दर्ज हैं। एक उम्मीदवार दुष्कर्म का भी आरोपी है। पांच उम्मीदवारों पर हत्या तो 20 पर हत्या के प्रयास का मामला दर्ज है। दस्करोई से आप उम्मीदवार किरण पटेल पर हत्या का मुकदमा चल रहा है। पाटन के कांग्रेस उम्मीदवार किरीट पटेल पर भी हत्या का मुकदमा चल रहा है।आप के 68 उम्मीदवार करोड़पति, छह निर्दल प्रत्याशियों के पास नहीं कोई सम्पत्ति
एडीआर की रिपोर्ट से एक दिलचस्प आंकड़ा भी सामने आया जिसके मुताबिक छह ऐसे प्रत्याशी भी मैदान में हैं जिनके पास कोई सम्पत्ति नहीं है। हालांकि, इस सूची में भाजपा, कांग्रेस, आम आदमी पार्टी या बीटीपी जैसी पार्टियों के प्रत्याशी नहीं हैं। दोनों चरण को मिलाकर भाजपा के 182 उम्मीदवारों में से 154 करोड़पति हैं। कांग्रेस के 179 उम्मीदवारों में से 142 करोड़पति हैं। पहले चरण में भाजपा के 79 करोड़पति उम्मीदवार हैं तो दूसरे चरण में भाजपा के 93 में से 75 उम्मीदवार करोड़पति हैं। पहले चरण में कांग्रेस के 65 उम्मीदवार करोड़पति हैं, जबकि दूसरे चरण में चुनाव लड़ रहे 90 उम्मीदवारों में से 77 करोड़पति हैं। खुद को गरीब की पार्टी बताने वाले केजरीवाल के कुल 181 उम्मीदवारों में से 68 करोड़पति हैं। डभोई से आम आदमी पार्टी के अजितसिंह परसोत्तमदास ठाकोर की तो कुल सम्पत्ति 343 करोड़ रुपये है।आप दागियों के साथ खेल रही है तो कांग्रेस मुस्लिम तुष्टिकरण का राग अलापने में लगी
गुजरात में एक ओर आप दागियों के साथ खेल खेल रही है, तो दूसरी ओर कांग्रेस की मुस्लिम तुष्टिकरण का घिसा-पिटा पुराना राग फिर से अलाप रही है। हिंदू विरोधी सरकार के राजस्थान के मुखिया ने देश को हिलाकर रख देने वाले श्रद्धा-आफताब के लव जिहाद के मामले में कहा है कि मुस्लिम को अनावश्यक टार्गेट किया जा रहा है। देश में ऐसी घटनाएं होती रहती हैं। दूसरी ओर गुजरात विधानसभा चुनाव लड़ रहे सिद्धपुर से कांग्रेस के प्रत्याशी चंदन ठाकोर ने एक चुनावी सभा को संबोधित करने के दौरान कहा कि देश को सिर्फ मुसलमान ही बचा सकते हैं। चंदन ठाकोर ने कहा कि बीजेपी ने पूरे देश को गर्त में धकेल दिया है और अगर कोई है, जो देश को बचा सकता है तो वो है मुस्लिम समुदाय है। साथ ही कहा कि मुस्लिम समुदाय ही ऐसा है, जो कांग्रेस को भी बचा सकता है। गुजरात में हार की कगार पर खड़ी पार्टी को बचाने के लिए कांग्रेस नेता हिंदू-मुस्लिम करने पर उतारू हो गए हैं।झूठे दावे और हवाई वादे कर पंजाब को भ्रमित किया, अब गुजरात में कर रहे ‘नौटंकी’
गुजरात विधानसभा चुनाव का ऐलान होते ही भाजपा और कांग्रेस के अलावा आम आदमी पार्टी भी चुनाव मैदान में कूद चुकी है। वोटरों को लुभाने के लिए पंजाब की रेवड़ी कल्चर की तरह यहां पर भी हवाई दावे और वादे करती हुई नजर आ रही है। आम आदमी पार्टी के हेड या यूं कहें कि आम आदमी पार्टी को हथियाने वाले दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल कुछ समय पहले तक तो देश में साफ-सुथरी और विकास की राजनीति की बातें किया करते थे, वे अब पूरी तरह झूठी, कपोल-कल्पित और वोटों के लालच में जनता को भरमाने वाली साबित हो रही हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक हैरान कर देने वाली बात तो यह भी है कि केजरीवाल ने गुजरात में इसुदान गढ़वी जैसे लोगों को मुख्यमंत्री चेहरे के रूप में चुना है, जिसका विवादों से पुराना नाता रहा है।विवादित लोगों का संगम : इटालिया के बाद अब इसुदान के साथ केजरी
दरअसल, विवादित व्यक्तियों को आगे बढ़ाकर पार्टी को सुर्खियों में लाना केजरीवाल का शगल बन गया है। गढ़वी से पहले वे गुजरात में आप का प्रदेश अध्यक्ष विवादित व्यक्ति गोपाल इटालिया को बना चुके हैं। जो पीएम मोदी और उनकी मां के बारे में भी अपशब्दों का इस्तेमाल कर चुका है। इटालिया की बात बाद में करेंगे, आइये पहले इसुदान गढ़वी के बारे में विस्तार से सबकुछ जान लेते हैं। पेशे से पत्रकार रहा 40 वर्षीय गढ़वी आम आदमी पार्टी में राष्ट्रीय संयुक्त सचिव के पद पर है। गढ़वी एक गुजराती चैनल वीटीवी में चैनल हेड के रूप में काम कर रहे थे तब 2021 में आम आदमी पार्टी को जॉइन किया था। इसी के बाद इसुदान गढ़वी को शराब पीकर हंगामा करने और महिलाओं के साथ छेड़छाड़ करने के आरोप में गुजरात पुलिस द्वारा अरेस्ट भी किया जा चुका है।शराब पीकर हंगामा करने और छेड़छाड़ के आरोप में गिरफ्तार हुए थे इसुदान गढ़वी
आप संयोजक केजरीवाल ने इसुदान गढ़वी को मुख्यमंत्री का चेहरा चुन तो लिया है, लेकिन वो गढ़वी के पुराने पापों को कैसे छुपाएंगे। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार एक साल पहले गुजरात में 12 दिसंबर को हुई हेड क्लर्क की परीक्षा का पेपर लीक होने के चलते प्रदेश की राजनीति काफी गर्मा गई थी। आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं और नेताओं ने शराब पीकर बीजेपी कार्यालय के बाहर खूब हंगामा खड़ा कर दिया था। इस हंगामे में आप के नेता गोपाल इटालिया, इसुदान गढ़वी और प्रवीण रामक की मेडिकल जांच की गई थी, जिसमें इसुदान गढ़वी के शरीर में शराब की मात्रा पाई गई थी। गढ़वी ने उस गुजरात राज्य में शराब पी, जो ड्राई स्टेट है। इसी के साथ भाजपा महिला मोर्चा की उपाध्यक्ष श्रद्धा राजपूत ने आप कार्यकर्ताओं के ऊपर छेड़छाड़ करने के आरोप भी लगाए थे। जिसके बाद इसुदान गढ़वी को गुजरात पुलिस द्वारा अरेस्ट किया गया था।AAP का शराब-शराबियों से गहरा नाता, मान और इसुदान में ये समानता
दरअसल आम आदमी पार्टी और शराब-शराबियों के बीच गहरा नाता है। दिल्ली से ही शुरू करें तो आप के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया शराब के करोड़ों के घोटाले में फंसे हुए हैं और विभिन्न एजेंसियां उनकी जांच कर रही हैं। पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार चला रहे भगवंत मान भी आए दिन अपनी हरकतों के चलते चर्चा में बने रहते हैं। जिस तरीके से ये शराब पीने के बाद कई बार नौटंकी कर चुके हैं। वहीं दूसरी ओर गुजरात में केजरीवाल ने अब एक और रत्न इसुदान गढ़वी को चुन लिया है जोकि भगवंत मान से भी ऊपर के शराबी हैं और महिलाओं से छेड़छाड़ करने तक के आरोपी बनाए जा चुके हैं। इसलिए इन्हें तो पियक्कड़ का पुरस्कर मिलना चाहिए, क्योंकि ये एक ऐसे राज्य में शराब पी रहे हैं जोकि एक ड्राई स्टेट है। यह साफ हो गया है कि केजरीवाल का इसुदान गढ़वी को चुनने के पीछे का कारण इनका विवादित चेहरा होना है। जो गढ़वी पार्षद का भी चुनाव नहीं जीते हैं, उनको सीधे मुख्यमंत्री का चेहरा बना दिया है।

 

पीएम के लिए आप नेता गोपाल इटालिया ने भी किया था आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल
इससे पहले आप के गुजरात प्रदेश अध्यक्ष गोपाल इटालिया ने भी पीएम मोदी और उनकी मां के प्रति आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया था। दरअसल, पीएम मोदी की लोकप्रियता विरोधी दलों, खासकर आप को नहीं पच रही है। गुजरात चुनाव में इनकी दाल नहीं गल रही है तो वे अब गाली देने के स्तर पर उतर आए। दिल्ली के सीएम केजरीवाल के करीबी गोपाल इटालिया उस वीडियो पर बुरी तरह घिर गए हैं, जिसमें वह पीएम नरेंद्र मोदी को ‘नीच किस्म का आदमी’ का आदमी बताते हुए अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल कर रहे हैं। वीडियो वायरल होने के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इसे पीएम मोदी के लिए जातिसूचक गाली करार दिया है। इससे गुजरात एवं देश की जनता खासी नाराज हो गई। इसके बाद सोमवार को गोपाल इटालिया ने प्रेस कॉन्फ्रेंस किया। हालांकि इसमें उन्होंने पीएम मोदी से माफी नहीं मांगी और जाति से लेकर गांव के होने तक की अजब दलीलें दीं। उन्होंने कहा कि उनकी भाषा खराब हो सकती है और इसके लिए उन्हें गोली मार दी जाए या फांसी दे दी जाए।

पीएम मोदी एक नीच शख्स: गुजरात आप प्रमुख

इस वीडियो में गोपाल इटालिया को कहते हुए सुना जा सकता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ‘नीच’ व्यक्ति हैं। मैं पुष्टि नहीं कर सकता लेकिन मैं आपसे पूछना चाहता हूं कि क्या देश का कोई पूर्व प्रधानमंत्री है, जिसने वोट डालने के लिए इतनी नौटंकी की है? यह ‘नीच’ किस्म का शख्स यहां रोड शो कर रहा है। और वह दिखा रहा है कि मैं इस देश को कैसे C… बना रहा हूं। आप मेरे कहने का अर्थ को बेहतर ढंग से समझते हैं। वह डिजिटल इंडिया के बारे में बात करते हैं और वोट डालने के लिए दिल्ली से गुजरात जाते हैं। इस तरह वह देश को C… बना रहे हैं। 

प्रधानमंत्री के लिए अभद्र भाषा का प्रयोग AAP की मानसिकता को दर्शाता हैः भाजपा

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने आम आदमी पार्टी के गुजरात प्रदेश अध्यक्ष पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार की भाषा का प्रयोग आम आदमी पार्टी ने माननीय प्रधानमंत्री जी के लिए किया है, इससे स्पष्ट हो जाता है कि आम आदमी पार्टी किस प्रकार की पार्टी है। किस प्रकार की इनकी मंशा है, उसे उजागर करता है। गोपाल इटालिया, जो आप के गुजरात के अध्यक्ष हैं, एक वीडियो में कई बार प्रधानमंत्री के लिए अभद्र भाषा का प्रयोग करते हैं, यह आम आदमी पार्टी की मानसिकता को दर्शाता है। भाजपा नेता संबित पात्रा ने कहा कि आज ये कहना गलत नहीं होगा कि मणिशंकर अय्यर और अरविंद केजरीवाल में कोई अंतर नहीं है। दोनों की भाषा का स्तर, दोनों की राजनीति करने का तरीका एक जैसा ही है। 

2017 में मणिशंकर अय्यर ने भी कहा था नीच

यह पहली बार नहीं है जब किसी विपक्षी नेता ने पीएम नरेंद्र मोदी के लिए ‘नीच’ का इस्तेमाल किया है। 2017 में कांग्रेस के दिग्गज नेता मणिशंकर अय्यर ने पीएम मोदी को नीच आदमी कहा था। जिसे उन्होंने 2019 के चुनावों से पहले भी दोहरया था। उस वक्त भारत की जनता ने पीएम मोदी को ऐतिहासिक फैसला सुनाकर अय्यर को करारा जवाब दिया था। अब नरेंद्र मोदी के खिलाफ गोपाल इटालिया की इस ‘नीच’ टिप्पणी पर गुजरात के लोग माकूल जवाब देंगे।

पीएम मोदी को गाली देना हर गुजराती का अपमानः अमित मालवीय

भारतीय जनता पार्टी के आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने इस वीडियो के लिए आप नेता गोपाल इटालिया की आलोचना की। उन्होंने ट्वीट किया कि केजरीवाल के करीबी गोपाल इटालिया और आप गुजरात के अध्यक्ष, इस स्तर तक नीचे गिर जाते हैं कि प्रधानमंत्री मोदी को ‘नीच’ कह डालते हैं। इस तरह के अपशब्दों का इस्तेमाल करना और गुजरात के गौरव और धरती के बेटे को गाली देना हर उस गुजराती का अपमान है, जिसने उन्हें और भाजपा को 27 साल तक वोट दिया है।

यह कोई पहली बार नहीं है जब केजरीवाल के करीबी नेता ने पीएम मोदी को गाली दी हो। इससे पहले भी केजरीवाल उनके नेता पीएम मोदी के खिलाफ जहर उगलते रहे हैं।

केजरीवाल ने किया PM पर हमला, कहा- मेरे सिर्फ शब्द खराब, इनके तो करम खराब

न्यूज18 की रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली में प्रधान सचिव राजेंद्र कुमार के आवास पर छापे मारने पर 2015 में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा था कि राजेंद्र तो बहाना है केजरीवाल उनका निशाना है। उन्होंने कहा कि मेरे तो सिर्फ शब्द खराब थे, लेकिन इनके तो कर्म ही खराब हैं। इससे पहले दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा था कि मोदी देशद्रोही है, मोदी ने आतंकवादियों के साथ सेटिंग कर रखी है। यही नहीं, केजरीवाल ने पीएम मोदी को कायर, मनोरोगी, पाकिस्तान से हाथ मिलाने जैसे आक्रामक और उत्तेजक शब्दों का प्रयोग कर भड़काऊ बयानबाजी कर चुके हैं।

 

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