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डब्ल्यूएचओ ने की प्रधानमंत्री मोदी के इस योजना की तारीफ

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विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उज्ज्वला योजना की जमकर तारीफ की है। डब्ल्यूएचओ ने प्रदूषण पर जारी अपनी रिपोर्ट में भारत सरकार की ओर से चलाई जा रही प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना का जिक्र किया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि उज्ज्वला योजना ने भारत में गरीबी रेखा के नीचे जी रही 3 करोड़ 70 लाख महिलाओं को मुफ्त एलपीजी कनेक्शन उपलब्ध करवाए हैं। डब्ल्यूएचओ की साउथ-ईस्ट एशिया की रिजनल डायरेक्टर पूनम क्षेत्रपाल सिंह ने कहा कि, क्षेत्र के 60 प्रतिशत लोगों के पास अब भी साफ ईंधन उपलब्ध नहीं है। उन्होंने कहा कि वायु प्रदूषण सभी के लिए खतरा है, लेकिन गरीब और निचले तबके के लोग इसका बोझ ज्यादा उठाते हैं। रिपोर्ट के अनुसार हर साल 70 लाख लोग प्रदूषित वातावरण में मौजूद महीन कणों के संपर्क में आने की वजह से मारे जाते हैं। यह कण उनके फेफड़ों और कार्डियोवेस्कुलर सिस्टम में समा जाते हैं जिसके चलते दिल का दौरा, फेफड़े की बीमारियां और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियां होती हैं। ऐसे में इस उज्ज्वला योजना से देश के करोड़ों लोगों की जिंदगी बदल चुकी है।

आइए एक नजर डालते हैं प्रधानमंत्री उज्जवला योजना (पीएमयूवाई) पर-

8 करोड़ परिवारों को मिलेगा प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना का लाभ
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गरीब महिलाओं को बीमारी से मुक्ति दिलाने और उनके चेहरे पर खुशी लाने के लिए 1 मई, 2016 को प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना की शुरूआत की थी। हालांकि इस योजना तहत पांच करोड़ गरीब परिवारों को मुफ्त एलपीजी गैस चूल्हा और कनेक्शन देने का लक्ष्य तय किया गया था, लेकिन इस योजना की सफलता को देखते हुए सरकार ने इसका दायरा बढ़ाकर आठ करोड़ का फैसला किया है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने एक योजना तैयार की है, जिसमें उन गरीब परिवारों को शामिल किया जाएगा, जिन्हें इस योजना का लाभ नहीं मिल रहा था। सरकार इसकी घोषणा बजट में या उससे पहले कर सकती है। ताकि 2025 तक सभी घरों तक स्वच्छ ईंधन पहुंचाने का लक्ष्य हासिल किया जा सके।

महिला सशक्तीकरण को मिलेगा बढ़ावा
वर्ष 2022 तक न्यू इंडिया के सपने को साकार करने में महिलाओं की बड़ी भूमिका देखते हुए प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना का दायरा बढ़ाने का फैसला किया गया है। इस योजना के तहत उन परिवारों को शामिल किया गया है, जिनका नाम सामाजिक-आर्थिक जनगणना- 2011 की सूची में शामिल है, लेकिन अब एससी-एसटी वर्ग, वनवासियों, अति पिछड़े वर्ग और द्वीपों के निवासियों समेत कुछ अन्य कैटिगरी के लोगों को भी नए गैस के कनेक्शन दिए जाएंगे।। ताकि इस योजना का लाभ अधिक से अधिक महिलाओं को मिल सके और उनका सशक्तीकरण हो सके।

मिट्टी के चूल्हे से मिलेगी आजादी 
प्रधानमंत्री मोदी ने महिलाओं को मिट्टी के चूल्हे से आजादी दिलाने का संकल्प लिया है। यह संकल्प उज्ज्वला योजना के माध्यम से पूरा होता दिखाई दे रहा है। इस योजना ने देश के करोड़ों लोगों की जिंदगी बदली है। उज्ज्वला योजना के तहत ग्रामीण इलाकों में गरीब महिलाओं को घर पर एक कनेक्शन के बदले सरकारी एजेंसियों को 1600 रुपये की सब्सिडी दी जाती है। इसके साथ स्टोव खरीदने और पहला रीफिल कराने पर सरकार किस्तों में पैसा चुकाने की भी सुविधा देती है।

गरीब महिलाओं को वायु प्रदूषण से मिलेगी मुक्ति
मोदी सरकार उज्ज्वला योजना के तहत देश के ग्रामीण क्षेत्रों की गरीब महिलाओं को खाना पकाने के दौरान धुएं के कहर से मुक्ति दिलाने में जुटी हुई है। वहीं लकड़ी पर निर्भरता भी खत्म करना चाहती है। इससे पेड़ों की कटाई पर रोक लगेगी और पर्यावरण को होने वाले नुकसान को कम किया जा सकेगा।

गरीबों के आंसू पोंछने में मोदी सरकार जिस तरह से सामने आई है… उसकी शायद दूसरी मिसाल नहीं। ये एक समाज-कल्याण योजना है, जिसे ग्रामीण महिलाओं के स्वास्थ्य को ध्यान में रखकर लागू किया गया है। गरीबी रेखा से नीचे की महिलाओं के लिए गैस चूल्हा अभी एक सपना है। इस सपने को साकार करने के लिए ही उज्ज्वला योजना के जरिए कोशिशें की जा रही हैं।

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