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कोरोना होने पर भी शरद पवार से मुलाकात और मातोश्री चले जाना… आखिर क्या छिपा रहे हैं उद्धव ठाकरे?

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फोटो सोशल मीडिया

महाराष्ट्र में सियासी संकट के बीच बुधवार को खबर आई कि मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे कोरोना पॉजिटिव हो गए हैं। कोरोना पीड़ित होने के कारण उद्धव ठाकरे कैबिनेट की बैठक में वर्चुअली शामिल हुए और संदेश भी फेसबुक के माध्यम से दिया। लेकिन इसके बाद राज्य में राजनीतिक संकट गहराने पर पर कोरोना पॉजिटिव होने के बावजूद उन्होंने ना सिर्फ एनसीपी प्रमुख शरद पवार से मुलाकात की, बल्कि सरकारी निवास वर्षा से अपने घर मातोश्री भी चले गए। इस दौरान उनके साथ पूरा लाव-लश्कर भी था। मातोश्री के बाहर शिवसैनिकों की भारी भीड़ भी मौजूद थी।

अब सवाल ये उठ रहा है कि कोरोना पॉजिटिव होने के बाद भी उद्धव ठाकरे ने शरद पवार से क्यों मुलाकात की। जबकि उनसे फोन पर या वर्चुअली बात कर सकते थे। इसके साथ ही लोग यह भी पूछ रहे हैं कि कोरोना होने पर भी काफिले के साथ वर्षा से मातोश्री क्यों गए। जबकि ना तो उन्होंने अभी तक मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिया है ना मुख्यमंत्री निवास खाली करने की कोई जल्दबाजी थी। इसके साथ ही कोविड प्रोटोकॉल के हिसाब से उन्हें आइसोलेट होना चाहिए था, फिर वे लोगों के बीच क्यों आए। इसे लेकर लोग सवाल कर रहे हैं कि आखिर उद्धव ठाकरे कुछ छिपा तो नहीं रहे हैं।

कोरोना पीड़ित होने के बाद भी खुद को लोगों से अलग-थलग ना रखकर आम लोगों के बीच आकर उन्होंने कई लोगों की जिंदगी खतरे में डाल दी है। बीजेपी नेता अमित मालवीय ने कहा है कि कोरोना पीड़ित होने के बाद भी उद्धव ठाकरे ने ना सिर्फ अपने निवास पर शरद पवार से मुलाकात की बल्कि लोगों के बीच भी गए। जबकि उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए था। इसी धोखे के कारण शिवसेना के विधायकों ने बगावत कर दी है।

इतना ही नहीं बीजेपी नेता तजिंदर पाल सिंह बग्गा ने उद्धव ठाकरे के खिलाफ कोविड प्रोटोकॉल तोड़ने पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई है। बग्गा ने कहा कि उन्हें खबरों के माध्यम से पता चला कि उद्धव ठाकरे सुबह कोरोना पॉजिटिव हो गए हैं। इस बात को शिवसेना के सहयोगी दल कांग्रेस के नेता कमलनाथ ने भी कंफर्म किया था। नियमों के मुताबिक कोरोना मरीज को किसी से मेल-मुलाकात नहीं करना चाहिए और आइसोलेशन में रहना चाहिए। लेकिन शाम के समय टीवी चैनल्स पर ऐसे कई फुटेज देखने को मिले, जिसमें सीएम ठाकरे ने कोरोना प्रोटोकॉल तोड़ते हुए अपने समर्थकों से मुलाकात की। इसलिए मैं अपील करता हूं कि उनके खिलाफ केस दर्ज किया जाए।

सोशल मीडिया पर भी इसी को लेकर चर्चा हो रही है।

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