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मोदी सरकार की इन पेंशन योजनाओं का उठाएं लाभ, बुढ़ापे में नहीं होगी टेंशन

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने न्यू इंडिया के सपने को साकार करने के लिए कई जतन किए हैं। उन्होंने देश के विकास के लिए महती योजनाओं की शुरुआत की है। पीएम मोदी यह बखूबी जानते हैं कोई देश तब तक तरक्की नहीं कर सकता जब तक कि गरीब, दलित, वंचित एवं मेहनतकश समृद्ध एवं आत्मनिर्भर नहीं होंगे। अपने इसी सोच को धरातल पर उतारने के लिए उन्होंने गरीबों के लिए कई पेंशन योजनाओं की शुरुआत की है। आज कोरोना महामारी के दौर में जब गरीब से लेकर किसान तक हर कोई परेशानियों का सामना कर रहा है, ये योजनाएं उनके काफी काम आ रही है और उन्हें भविष्य के प्रति एक संबल प्रदान कर रही है। ज्यादातर लोग अपने कल को सुरक्षित बनाने के लिए दिन-रात मेहनत करते हैं और पाई-पाई जोड़ते हैं क्योंकि सभी जानते हैं कि एक ना एक दिन तो काम से रिटायर होना है और तब हाथ-पैर में पहले जैसी कार्य क्षमता नहीं होगी और शरीर तमाम बीमारियों का घर बन जाएगा। ऐसे कठिन समय को चैन से व्यतीत करने के लिए हमें पेंशन प्लान की जरूरत होती है। पीएम मोदी ने अपनी दूरदर्शिता का परिचय देते हुए पहले ही इन पेंशन योजनाओं को लांच कर दिया था जो आज गरीब तबके के लिए काफी काम आ रहा है।

किसानों, गरीबों, असंगठित क्षेत्र के मजदूरों की मदद के लिए केंद्र सरकार ने कई तरह की पेंशन योजनाएं चलाई हुई हैं। इनमें पीएम-किसान सम्मान निधि योजना, पीएम श्रम योगी मानधन योजना, अटल पेंशन योजना, प्रधानमंत्री वय वंदना योजना, प्रधानमंत्री लघु व्यापारी मानधन योजना आदि प्रमुख हैं। केंद्र सरकार अब मजदूरों को भी पेंशन देगी। प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना असंगठित क्षेत्र के मजदूरों के लिए शानदार योजना है। इसके तहत रेहड़ी-पटरी लगाने वालों, रिक्शा चालक, निर्माण कार्य करने वाले मजदूरों और असंगठित क्षेत्र से जुड़े लोगों को अपना बुढ़ापा सुरक्षित करने में मदद मिलेगी। सरकार मजदूरों को इस योजना के तहत पेंशन की गारंटी देती है।

अटल पेंशन योजना

अटल पेंशन योजना केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा 2015 में शुरू की गयी थी। इस योजना में 18 से 40 वर्ष के लोग शामिल हो सकते हैं, योजना में शामिल होने पर आपको 60 वर्ष की उम्र तक प्रीमियम राशि यानी किस्त जमा करनी होती है। इसके निवेश की गई रकम के मुताबिक, 1000 रुपये से लेकर 5000 रुपये तक पेंशन मिलती है। अटल पेंशन योजना (APY) में कोई भी भारतीय निवेश कर सकता है। इस योजना के लिए आपका बैंक खाता होना जरूरी है। योजना का फायदा उठाने के लिए आपकी उम्र 18 से 40 साल के बीच होनी चहिए। साथ ही पेंशन पाने के लिए आपको कम से कम 20 साल तक निवेश करना होगा। पेंशन योजना के तहत कम से कम 1,000 रुपए और अधिकतम 5,000 रुपए मासिक पेंशन मिल सकती है। 60 साल की उम्र से आपको पेंशन मिलना शुरू हो जाएगी। अगर आप प्राइवेट नौकरी/जाब करते हैं और बुढ़़ापे में किसी पर बोझ नहीं बनना चाहते हैं तो केंद्र सरकार की अटल पेंशन योजना में निवेश कर अच्छी पेंशन पा सकते हैं। नरेन्द्र मोदी सरकार द्वारा 1 जून 2015 को शुरू की गई इस पेंशन स्कीम को कोई भी ले सकता है। पेंशन योजना की रकम का मिलना इस बात पर निर्भर होगा कि लाभार्थी ने कितना प्रीमियम दिया है। इसके साथ यह भी जरूरी है कि किस उम्र से निवेश करना आरंभ किया है।

अटल पेंशन योजना के साथ 3.68 करोड़ लोग जुड़े

2015 में मोदी सरकार ने अटल पेंशन योजना को लॉन्च किया था और इसमें अंशधारकों की संख्या चार जून, 2022 तक बढ़कर 3.73 करोड़ हो गई है। अटल पेंशन योजना में एनरोलमेंट की सबसे बड़ी खासियत ये है कि पुरुषों व महिलाओं का सब्सक्रिप्शन का अनुपात 56:44 है। और इसमें लगातार सुधार देखा जा रहा है। अटल पेंशन योजना के तहत 20,000 करोड़ रुपये के एसेट को मैनेज किया जा रहा है।

18-40 वर्ष के बीच का व्यक्ति कर सकते हैं निवेश

अटल पेंशन योजना का लाभ उठाने के लिए कम से कम 20 वर्ष निवेश करना होता है। योजना के अनुसार, कोई भी भारतीय नागरिक इसका लाभ ले सकता है। इसमें 18 वर्ष की आयु से लेकर 40 वर्ष की आयु तक कोई भी निवेश कर सकता है। नियमानुमार, 60 वर्ष की उम्र के बाद अटल पेंशन की राशि प्रदान की जाती है। इस योजना के अंतर्गत 1000, 2000, 3000 और 5000 की पेंशन दी जाएगी।

असामयिक निधन पर आश्रित को मिलता है फायदा

अटल पेंशन योजना के तहत पेंशन की धनराशि शख्स द्वारा किए गए निवेश और उम्र के हिसाब से तय की जाती है। अन्य बीमा और पेंशन योजना की तरह अटल पेंशन योजना में भी कोई भी शख्स असामयिक मृत्यु की दशा में अपने परिवार को भी इसका फायदा दिलवा सकता है। अगर निवेशक का निधन हो जाता है तो पेंशन की राशि पति अथवा पत्नी को मिल जाएगी। इतना ही नहीं, अगर दोनों की मृत्यु हो जाती है तो पेंशन नामिनी को दी जाएगी।

ईपीएफओ से अधिक मिल सकती है पेंशन

राज्य कर्मचारी निगम के तहत तकरीबन 6 करोड़ कर्मचारी हैं, लेकिन इन्हें अच्छी पेंशन नहीं मिलती है। ऐसे में कुछ प्राइवेट कर्मचारियों ने अटल पेंशन योजना में भी निवेश किया है और कर रहे हैं। मार्च 2022 तक अटल पेंशन योजना के अंतर्गत 99 लाख अकाउंट खोले गए हैं। फिलहाल योजना के अंतर्गत कुल खातों की संख्या 4.01 करोड़ हो गई है।

अटल पेंशन योजना निकासी

नियमों के मुताबिक, अटल पेंशन योजना में 60 वर्ष से पहले रकम निकालने का प्रावधान नहीं है। विपरीत हालात में विभाग द्वारा इसकी अनुमति दी गई है। मसलन अगर निवेशक का निधन हो जाता है तो यह रकम निकाली जा सकती है। 60 वर्ष पूरे होने के बाद अटल पेंशन योजना से ग्राहक निकासी कर सकता है। इस स्थिति में ग्राहक को पेंशन निकासी के बाद पेंशन प्रदान की जाएगी।

प्रधानमंत्री वय वंदना योजना

प्रधानमंत्री वय वंदना योजना की शुरुआत मोदी सरकार ने 4 मई 2017 में की थी। इस योजना का उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों को पेंशन स्कीम का फायदा देना था। इस योजना के तहत 60 साल के या उससे अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिक सिटिजन मासिक पेंशन का ऑप्शन चुनते हैं तो उन्हें 10 सालों तक 8 फीसदी का ब्याज मिलता है। अगर वो सालाना पेंशन प्लान चुनते हैं तो उन्हें 10 सालों के लिए 8.3% का ब्याज मिलेगा। ये योजना एक सोशल सिक्योरिटी स्कीम और पेंशन प्लान है। यह स्कीम एलआईसी द्वारा चलाई जा रही है। इस योजना के तहत निवेश की अधिकतम सीमा 15 लाख रुपए तय की गई है। इस योजना के तहत निवेश करने की अधिकतम सीमा पहले साढ़े सात लाख थी जिसे बढ़ा कर 15 लाख रुपये कर दिया गया है।

कैसे करें पॉलिसी में निवेश

प्रधानमंत्री वय वंदना योजना के तहत निवेश करने वाले ग्राहकों के पास ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह से पॉलिसी खरीदने का विकल्प है। ऑनलाइन खरीदने के लिए ग्राहकों को एलआईसी के ऑफिशियल वेबसाइट पर जाना होगा और वहां जाकर पॉलिसी खरीद सकते हैं। ग्राहक चाहें तो एलआईसी की ब्रांच में जाकर भी प्रधानमंत्री वय वंदना योजना का फायदा उठा सकते हैं।

प्रधानमंत्री वय वंदना योजना का लाभ

ये स्कीम एक निवेश योजना है। इसके जरिए किसी तरह की कोई टैक्स छूट नहीं मिलती है। 60 से अधिक उम्र के नागरिक 1.5 लाख रुपए तक का अधिकतम निवेश 31 मार्च 2023 से पहले कर सकते हैं। निवेश के आधार पर नागरिकों को 1000 रुपए से लेकर 9250 रुपए हर महीने तक की पेंशन मिल सकती है। सामान्य इंश्योरेंस प्लान और टर्म इंश्योरेंस प्लान पर 18 फीसदी का जीएसटी लगाया जाता है लेकिन इस प्लान में ऐसा नहीं है। इसमें जीएसटी से छूट मिलती है।

पॉलिसी वापस लेने के नियम

अगर कोई ग्राहक इस पॉलिसी को खरीदने के बाद संतुष्ट नहीं है तो वह खरीदने के 15 दिनों के अंदर इसे वापस कर सकता है। अगर पॉलिसी ऑफलाइन यानि ब्रांच में जाकर खरीदी गई है तो 15 दिन और ऑनलाइन खरीदी गई है तो 30 दिनों के अंदर वापस की जा सकती है। पॉलिसी को सरेंडर करते वक्त उसका कारण बताना भी जरूरी है। नियम के मुताबिक उपभोक्ता को रिफंड मिलता है।

कैसे करें निवेश

प्रधानमंत्री वय वंदना योजना में आप ऑनलाइन और ऑफलाइन, दोनों तरह से आवेदन कर सकते हैं। एलआईसी की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन अप्लाई किया जा सकता है। पेंशन की पहली किस्त रकम जमा करने के 1 साल, 6 महीने, 3 महीने या एक महीने बाद मिलेगी। यह इस बात पर निर्भर करता है कि आप कौन सा ऑप्शन चुनते हैं। निवेश के आधार पर 1000 से लेकर 9250 रुपये प्रति माह की पेंशन प्रदान की जाती है।

पीएम किसान मानधन योजना

देश में किसानों की स्थिति में सुधार करने और उनकी आय में वृद्धि करने के लिए पीएम किसान मानधन योजना चलाई जा रही है। इस योजना का उद्देश्य किसानों के भविष्य को सुरक्षित करना है। इस योजना की शुरुआत खासतौर पर आर्थिक रूप से कमजोर किसानों के लिए की गई है। इसकी शुरुआत साल 2019 में की गई थी। किसान मानधन योजना में आवेदन करने के बाद किसानों को 60 साल की उम्र के बाद हर महीने 3 हजार रुपये की पेंशन मिलती है। ऐसे में भविष्य में उन्हें आर्थिक रूप से किसी दूसरे व्यक्ति के ऊपर निर्भर होने की जरूरत नहीं पड़ती है। पीएम किसान मानधन योजना के तहत 18 से 40 की उम्र के बीच का कोई भी किसान भाग ले सकता है। 60 की उम्र के बाद किसानों को योजना के तहत 3 हजार रुपए महीना या 36 हजार रुपए सालाना पेंशन मिलेगी। अबतक इस स्कीम से करीब 20 लाख किसान जुड़ चुके हैं।

2 हेक्टेयर तक की भूमि वाले किसानों को लाभ

इस योजना का लाभ केवल वही किसान उठा सकते हैं, जिनके पास 2 हेक्टेयर या उससे कम भूमि है। इस योजना में आवेदन करने से पहले कुछ बातों को जान लेना चाहिए। इस स्कीम में 18 से 40 साल की उम्र के बीच के किसान ही आवेदन कर सकते हैं। अगर आपकी उम्र 18 वर्ष है। इस स्थिति में आवेदन करने के बाद आपको हर महीने इस स्कीम में 55 रुपये का निवेश करना है। वहीं जब आपकी उम्र 60 साल हो जाएगी। उसके बाद आपको हर महीने 3 हजार रुपये की पेंशन मिलेगी।

निधन होने पर आश्रित को पेंशन देने का प्रावधान

स्कीम के अंतर्गत अगर दुर्भाग्यवश किसी किसान की मृत्यु होती है। इस स्थिति में लाभार्थी किसान की पत्नी को हर महीने 1500 रुपये की पेंशन दी जाती है। देश का कोई भी किसान इस स्कीम में आवेदन कर सकता है। प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना में आवेदन की प्रक्रिया काफी आसान है। आप अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर पर विजिट करके इस योजना में आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करते समय आपके पास आधार कार्ड, पासपोर्ट साइज दो फोटो, बैंक पासबुक, खसरा-खतौनी आदी दूसरे दस्तावेजों की जरूरत होगी।

प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना

यह योजना 31 मई, 2019 को शुरू की गई थी। पीएम श्रम योगी मानधन योजना के तहत असंगठित क्षेत्र के कामगारों को 60 वर्ष की आयु पूरी होने पर हर महीने 3000 रुपये की पेंशन दी जाती है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य असंगठित क्षेत्र के कामगारों को बुढ़ापे में सहारा देना है ताकि असंगठित क्षेत्र के मजदूर वर्ग भी 60 साल की उम्र पार करने पर अपने जीवन यापन अच्छे से कर सकें। वह अपने बुढ़ापे को स्वाभिमान के साथ जी सकें और किसी दूसरे पर निर्भर न रहना पड़े। पेंशन से प्राप्त राशि का प्रयोग वह अपने खाने, पीने, कपड़ों, दवाई, इत्यादि की जरुरी आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद पा सकता है। इस योजना का लाभ असंगठित क्षेत्रों के श्रमिक जैसे कि ड्राइवर, रिक्शा चालक, मोची, दर्जी, मजदूर, घरों में काम करने वाले, भट्टा कर्मकार, बिना खेत वाले मजदूर, घरेलू मजदूर, निर्माण क्षेत्र से जुड़े मजदूर आदि द्वारा प्राप्त किया जा सकता है। इस योजना के तहत आपको 55 रुपये से लेकर 200 रुपये प्रति माह निवेश करने होते हैं। 60 वर्ष की उम्र के बाद श्रमिक को 3,000 रुपये मासिक पेंशन का लाभ मिलता है। प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन पेंशन योजना के तहत वर्ष 2021 तक असंगठित क्षेत्र के करीब 46 लाख कामगारों ने पंजीकरण कराया था।

असंगठित क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए है यह योजना

प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना की शुरुआत खासतौर पर असंगठित क्षेत्र से जुड़े लोगों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए की गई है। इस योजना के तहत 60 वर्षों के बाद श्रमिकों और कामगारों को हर महीने तीन हजार रुपये की पेंशन दी जाती है। भारत सरकार की इस स्कीम में केवल 18 से 40 साल की उम्र का व्यक्ति ही आवेदन कर सकता है। इस योजना का लाभ ईपीएफओ या ईएसआईसी के सदस्य नहीं उठा सकते हैं।

देश में असंगठित क्षेत्र से जुड़े हैं 42 करोड़ लोग

देश में करीब 42 करोड़ आबादी असंगठित क्षेत्र से जुड़े लोगों की है। उम्र के एक पड़ाव के बाद इन लोगों के सामने आर्थिक स्तर पर कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में आप इस स्कीम में निवेश करके अपने भविष्य को आर्थिक स्तर पर सुरक्षित कर सकते हैं। इस स्कीम में आवेदन करने के लिए आपको श्रम योगी मानधन योजना की आधिकारिक वेबसाइट पर विजिट करना है। उसके बाद आपको अपनी सभी जरूरी डिटेल्स दर्ज करनी है। इस तरह आप आसानी से श्रम योगी मानधन योजना में आवेदन कर सकते हैं।

55 रुपये महीने के जमा करने होंगे

इस स्कीम के तहत आपको हर माह 55 रुपये जमा करना होंगे यानी 18 वर्ष की उम्र वाले रोजाना करीब 2 रुपये बचाकर आप सालाना 36000 रुपये की पेंशन पा सकते हैं। अगर कोई व्यक्ति 40 साल की उम्र से इस स्कीम को शुरू करेगा तो हर महीने उसे 200 रुपये जमा करना होंगे। 60 साल की उम्र पूरा होने के बाद आपको पेंशन मिलना शुरू हो जाएगी। 60 साल के बाद आपको 3000 रुपये महीना यानी 36000 रुपये साल की पेंशन मिलेगी।

प्रधानमंत्री लघु व्‍यापारी मानधन योजना

पीएम नरेंद्र मोदी ने सितंबर, 2019 में इस योजना को लॉन्‍च किया था। यह मुख्‍य रूप से छोटे कारोबारियों के लिए एक पेंशन योजना है। यह एक तरह से छोटे कारोबारियों को सामाजिक सुरक्षा देने की पहल है, जिसके तहत उन्हें 60 साल की उम्र के बाद 3000 रुपए मंथली पेंशन मिलेगी। मोदी सरकार ने छोटे लघु व्यापारियों के वृद्धा अवस्था की चिंता करते हुए प्रधानमंत्री लघु व्यापारी मानधन योजना शुरू किया है जिसका नया नाम दुकानदारों, व्यापारियों और स्व-नियोजित व्यक्तियों (एनपीएस-व्यापारी) के लिए राष्ट्रीय पेंशन योजना (NPS Traders) है जिसमें बुढ़ापे में पेंशन मिलता रहेगा। इस योजना के तहत अगर व्यापारी की मृत्यु हो जाती है तो व्यापारी के पति या पत्नी को 50 फीसदी पेंशन की रकम फैमिली पेंशन के तौर पर मिलेगी। फैमिली पेंशन का लाभ केवल पति या पत्नी को ही मिलेगा। इनकम टैक्स देने वाले दुकानदारों को प्रधानमंत्री लघु व्यापारी मानधन योजना का लाभ नहीं मिलेगा।

योजना के तहत सालाना 36,000 रुपये पेंशन

ऐसे व्यापारी जो स्वरोजगार कर रहे हैं और दुकान के मालिक, खुदरा व्यापारी, चावल मिल मालिक, तेल मिल मालिक, कार्यशाला मालिक, कमीशन एजेंट, अचल संपत्ति के दलाल, छोटे होटल, रेस्तरां और समान व्यवसाय वाले अन्य व्यापारियों के रूप में काम कर रहे हैं, जिनकी सलाना टर्नओवर 1.5 करोड़ रुपये से अधिक नहीं है वे योजना का लाभ ले सकते हैं। इनकम टैक्स देने वाले दुकानदारों को प्रधानमंत्री लघु व्यापारी मानधन योजना का लाभ नहीं मिलेगा। प्रधानमंत्री लघु व्यापारी मानधन योजना के तहत 60 साल के उम्र के होने पर व्यापारियों और स्व-नियोजित व्यक्तियों को कम से कम 36,000 रुपये पेंशन सलाना देगी जिससे बुढ़ापे में उन्हें वित्तीय सकंट से उन्हें ना जूझना पड़े।

55 रुपये से लेकर 200 रुपये देना होगा प्रीमियम

प्रधानमंत्री लघु व्यापारी मानधन योजना के तहत पेंशन पाने के लिए आवेदन करने वाले किसान की उम्र 18 से 40 वर्ष के बीच होनी चाहिए। उन्हें 60 वर्ष की आयु तक हर महीने 55 रुपये से लेकर 200 रुपये का भुगतान करना होगा होगा। 60 वर्ष की आयु पूरा होने के बाद पेंशन मिलना चालू हो जाएगा। हर महीने लाभार्थी के पेंशन खाते में कम से कम 3,000 रुपये पेंशन जमा होती रहेगी। प्रधानमंत्री लघु व्यापारी मानधन योजना उन लोगों को समर्पित है जिनका देश के जीडीपी में 50 फीसदी हिस्सेदारी है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) कर्मचारी राज्य बीमा निगम, राष्ट्रीय पेंशन स्कीम, प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन से जुड़े दुकानदार सरकार की इस स्कीम का लाभ नहीं ले पाएंगे।

पीएम कर्म योगी मानधन योजना

इस योजना की शुरुआत साल 2019 में हुई थी। पीएम कर्म योगी मानधन योजना के तहत देश के छोटे दुकानदार, व्यापारी व कारोबारी जो जीएसटी के तहत रजिस्टर्ड हैं साथ ही जिनका टर्नओवर 1.5 करोड़ रुपये तक है इस योजना का लाभ उठा सकते हैं। इसका फायदा आप 18 साल से 40 साल के बीच में ले सकते हैं। वहीं 60 साल की उम्र के बाद 3 हजार रुपये प्रतिमाह पेंशन के रूप में दिए जाएंगे। प्रधानमंत्री कर्म योगी मानधन योजना के तहत लाभार्थी को पेंशन के रूप में मिलने वाली राशि सीधे उनके खाते में ट्रांसफर की जाती है। ऐसे में लाभार्थी का बैंक खाता आधार से लिंक होना चाहिए ये धनराशि तब ही खाते में पहुंचेगी। इस योजना में आवेदन करने के लिए नियम की बात की जाए तो इस योजना में केवल वही लोग आवेदन कर सकते हैं, जो भारत में ही कारोबार या व्यापार करते हैं। वहीं इस योजना का लाभ भारत से बाहर व्यापार करने वाले छोटे कारोबारी या व्यापारी नहीं उठा सकते है। इस योजना में आवेदन करने के लिए आपको आधार कार्ड की जरूरत होगी और आपका बैंक खाता आधार कार्ड से लिंक होना चाहिए। इसके साथ ही जीएसटी रजिस्ट्रेशन नंबर और पासपोर्ट साइज के फोटो की जरूरत होगी।

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