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अर्नब गोस्वामी की गिरफ्तारी पर सेक्युलर और फ्री स्पीच गैंग की चुप्पी, एनडीटीवी के प्रणय रॉय के घर पर छापेमारी के खिलाफ किया था विलाप

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महाराष्ट्र की रायगढ़ पुलिस ने बुधवार को रिपब्लिक टीवी के एडिटर-इन चीफ अर्नब गोस्वामी को 2018 में इंटीरियर डिजाइनर को कथित रूप से आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में गिरफ्तार किया। इस गिरफ्तारी की चौतरफा निंदा हो रही है, लेकिन हैरानी की बात यह है कि एनडीटीवी के प्रणय रॉय के घर पर सीबीआई की छापेमारी के खिलाफ विलाप करने वाला सेक्युलर गैंग और फ्री स्पीच गैंग इस मामले में मौन धारण कर रखा है। 

जून 2017 में जब एनडीटीवी के को-फाउंडर और एग्‍जीक्‍यूटिव को-चेयरपर्सन प्रणब रॉय और उनकी पत्‍नी राधिका रॉय के घर सीबीआई ने छापेमारी की, तब सेक्युलर गैंग ने इसका तीखा विरोध किया था। सेक्युलर गैंग ने घर पर हुई छापेमारी को अभिव्यक्ति की आजादी पर हमला, आवाज़ दबाने की कोशिश, मीडिया पर नकेल कसने की कोशिश करार दिया था।

तत्कालीन आम आदमी पार्टी के नेता और मौजूदा राजनीतिक विश्लेषक आशुतोष ने कहा कि उन्हें नहीं मालूम कि भ्रष्टाचार का ये मामला सही है या गलत है,लेकिन इस कार्रवाई के जरिए निशाना बनाया जा रहा है। इसी तरह राजदीप सरदेसाई जैसे कई पत्रकारों ने छापेमारी के खिलाफ में ट्वीट किया।

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रणय राय के घर पर सीबीआई छापे की निंदा की। केजरीवाल ने ट्वीट कर कहा कि हम डॉ प्रणय रॉय और एनडीटीवी समूह पर छापे की घोर निंदा करते हैं, ये आजाद और सत्ता के खिलाफ उठी आवाजों को चुप कराने की एक कोशिश है।

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ट्वीट कर कहा कि प्रणय रॉय के घर पर सीबीआई द्वारा छापा मारे जाने को लेकर हैरान हूं। वह बेहद सम्माननीय और प्रतिष्ठित व्यक्ति हैं। यह विचलित करने वाला दौर है।

कांग्रेस नेता ऑस्कर फर्नांडिस ने कहा कि मीडिया जानती है देश में क्या चल रहा है और मीडिया को निर्णय करना है कि क्या सही है और क्या गलत?

मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने छापेमारी का विरोध करते हुए कहा था कि एक ही ऐसा चैनल था जिस पर विश्वास किया जा सकता था। अब छापे के द्वारा उसका मुँह भी बंद करने का प्रयास है। मैं इसकी घोर निंदा करता हूँ।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा, ‘’यह छापेमारी सरकार की बेशर्मी दिखाती है। कल हम बेशर्मी देख रहे थे। लोग हजारों करोड़ रूपए लेकर भाग गए हैं, ऐसे में सरकार 50 करोड़ रूपए के मामले से इतना क्यों परेशान है?’’

गौरतलब है कि सीबीआई ने प्रणव रॉय और उनकी पत्नी राधिका रॉय समेत एक प्राइवेट कंपनी व अन्य के खिलाफ केस दर्ज किया था। यह केस ICICI बैंक को कथित तौर पर 48 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाने के आरोप में दर्ज किया गया था। इसी केस के सिलसिले में सीबीआई ने दिल्ली और देहरादून में चार जगहों पर छापेमारी की। इस दौरान देश के सेक्युलर गैंग और फ्री स्पीच गैंग ने विलाप शुरू किया, लेकिन आज की चुप्पी मीडिया की आजादी और फ्री स्पीच के प्रति उनकी प्रतिबद्धता पर सवाल और संदेह खड़े करता है। 

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