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मोदी सरकार की कोशिशों से देश में तेजी से बढ़ रही है हवाई यात्रियों की संख्या: सितंबर में सालाना आधार पर 79 फीसदी का इजाफा

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देश में हवाई यात्रियों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। हवाई सफर करने वालों की तादाद में सालाना आधार पर 79 फीसदी का इजाफा हुआ है।

हवाई सफर के सपने को पूरा करने में जुटी मोदी सरकार

सितंबर  महीने में प्लेन से सफर करने वाले मुसाफिरों की बात की जाए तो कुल 70.66 लाख मुसाफिरों ने प्लेन से सफर किया।

महीना  मुसाफिरों की संख्या (लाख)
अप्रैल 57.25
मई 21.15
जून 31.13
जुलाई 50.07
अगस्त 67.01
सितंबर 70.66

देश में कोरोना का असर कम होने और उड़ान सेवाओं के सामान्य होने की वजह से लोगों की हवाई सफर में दिलचस्पी बढ़ी है। लोग काम काज के लिए घरों से ज्यादा निकल रहे हैं, मोदी सरकार के तेज और सबसे सफल वैक्सीनेशन कार्यक्रम की वजह से भी लोगों का भरोसा लौटा है साथ ही हवाई सफर भी सुरक्षित हुआ है।

सफल वैक्सीनेशन कार्यक्रम से लौटा मुसाफिरों का भरोसा

हवाई यात्रा की। ये सितंबर 2020 के मुकाबले 79% ज्यादा है। तब 39.43 लोगों ने सितंबर में हवाई यात्रा की थी। मोदी सरकार की कोशिश तेजी से सिविल एविएशन को बढ़ावा देने की है। अंदाजा लगाया जा रहा है कि देश में कोरोना के मामलों में कमी के साथ भी देश में एविएशन सेक्टर का तेजी से विकास होगा।

2024 तक दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा एविएशन मार्केंट बनेगा भारत

भारत 2024 तक दुनिया में तीसरा सबसे बड़ा एविएशन मार्केट बन जाएगा। अभी दुनिया भर के एविशन मार्केंट में भारत का स्थान 5 वां है। लेकिन मोदी सरकार के कई फैसलों से हाल के दिनों में भारत ने इस दिशा में बड़ी प्रगति की है। और देश में इकोनॉमी बढने के साथ एविएशन सेक्टर के विकास की रफ्तार भी तेज हो रही है।

  • मोदी सरकार के फैसलों से बदलेगी एविएशन सेक्टर की तस्वीर
  • अगले 5 सालों में 25 से 30 नए एयरपोर्ट शुरू होने वाले हैं
  • 2024 तक 100 हवाईअड्डे, जलीय हवाईअड्डे और हेलीपोर्ट बनेंगे
  •  ‘उड़ान’ योजना के तहत एविएशन सेक्टर को दी जा रही रफ्तार
  • देश में अभी ऑप्रेशनल हवाईअड्डों की संख्या 150 है
  • इसे 2040 तक 200 तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा है
  • प्राइवेट सेक्टर की मदद से हवाईअड्डों को डेवलप किया जा रहा है
  • दिल्ली, मुंबई, लखनऊ, हैदराबाद एयरपोर्ट का होगा विकास
  • अहमदाबाद एयरपोर्ट का भी किया जा रहा है विस्तार 

हवाईअड्डे, जलीय हवाईअड्डे और हेलीपोर्ट का तेज विकास 

एविएशन सेक्टर में तेजी से बढ़ रही जरूरतों को देखते हुए  विमान की मांग भी तेजी से बढ़ने वाली है ।  एविएशन सेक्टर में तेज विकास से हवाई जहाजों की संख्या में भी इजाफा हो रहा है।

  • 2026 तक प्लेन की संख्या को 1000 तक बढ़ाना होगा
  • देश में हवाई जहाजों की संख्या लगभग 700 है
  • 2036 तक एयरक्राफ्ट की संख्या 2000 तक बढ़ाना होगा

भारत में सबसे तेज ग्रोथ कर रही एविएशन इंडस्ट्री

भारतीय सिविल एविएशन इंडस्ट्री दुनिया में सबसे तेजी से ग्रोथ कर रही इंडस्ट्री बन चुकी है। भारत में साल 2036 तक देश के एविएशन एक्टर में हवाई यात्रियों की संख्या बढ़कर 47 करोड़ से ज्यादा होने का अनुमान है। साल 2025 तक भारत दुनियाभर में तीसरा सबसे बड़ा एविएशन सेक्टर बनने की राह पर है, इसके साथ ही भारत में एयरकोर्गों का कारोबार भी तेजी से बढ़ रहा है।

टूरिज्म सेक्टर में जान फूंकने का प्लान

सरकार ने पर्यटन क्षेत्र में जान फूंकने के लिए कई तरह के पैकेज और छूट का एलान किया है। कोविड महामारी से जूझ रही टूरिज्म इंडस्ट्री को फिर से खड़ा करने के लिए इंडस्ट्री से जुड़े लोगों से बात की जा रही है। देश के समावेशी विकास के लिए पर्यटन काफी अहम है। इससे देश की अर्थव्यवस्था को काफी मजबूती मिलेगी। पीएम मोदी के नेतृत्व में देशभर में सफल वैक्सीनेशन अभियान के बाद, सरकार की कोशिश देश में तेजी से पर्यटन के कारोबार को वापस पटरी पर लाने की है।

पीएम मोदी की इन्हीं कोशिशों का ही नतीजा है कि भारत में पर्यटन उद्योग एक बार फिर अपने पैरों पर खड़ा हो रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इसी महीने गोवा में वयस्क आबादी को पहली खुराक की शत-प्रतिशत कवरेज के लिए गोवा के स्वास्थ्यकर्मियों और टीकाकरण कार्यक्रम के लाभार्थियों के साथ बातचीत की थी।

वैक्सीनेशन से पर्यटन में आएगी तेजी

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ने अपने टीकाकरण के प्रयासों में पर्यटन स्थलों को प्राथमिकता दी है, हालांकि इसकी अभी तक चर्चा नहीं हुई थी। पर्यटक स्थलों को खोलने के लिए यह जरूरी था। पीएम मोदी की अगुवाई में सरकार ने विदेशी पर्यटकों को प्रोत्साहित करने के लिए भी हाल में कई कदम उठाए हैं। भारत भ्रमण पर आ रहे 5 लाख पर्यटकों को मुफ्त वीजा, पर्यटन क्षेत्र से जुड़े हितधारकों को सरकारी गारंटी के साथ 10 लाख तक का कर्ज और पंजीकृत टूरिस्ट गाइडों को 1 लाख रुपये तक का कर्ज देने का फैसला लिया गया है।

गोवा जैसे राज्यों में जोर पकड़ेगा टूरिज्म 

प्रधानमंत्री ने कहा कि ‘डबल इंजन की सरकार’ गोवा के पर्यटन क्षेत्र को आकर्षक बनाने और राज्य के किसानों व मछुआरों को ज्यादा सुविधाएं देने प्रयासों को मजबूती दे रही है। मोपा ग्रीनफील्ड हवाई अड्डे और 6 लेन के राजमार्ग को 12 हजार करोड़ रुपये के आवंटन के साथ, अगले कुछ महीनों में उत्तरी और दक्षिणी गोवा को जोड़ने वाले जुआरी सेतु के उद्घाटन से राज्य में संपर्क में सुधार होगा।

पर्यटन देश में विकास का इंजन रहा है, हिमालय से लेकर समंदर किनारों तक और रेगिस्तान से लेकर गंगा के घाटों तक देश में घूमने फिरने के अनेक ठिकाने हैं। दुनियाभर में ग्रामीण पर्यटन के बढ़ते क्रेज को ध्यान में रखते हुए, मोदी सरकार की कोशिश ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने की है, इससे देश के दूर दराज के इलाकों में बनने वाले ग्रामीण हस्तशिल्प से लोगों के जीवन और इकनॉमी को आगे बढ़ने में मदद मिलेगी।

पर्यटन को पटरी पर लाने की तैयारी

फिलहाल पर्यटन मंत्रालय ने जो संकेत दिए हैं, उनके मुताबिक अगले साल जनवरी के महीने से देश को विदेशी पर्यटकों के लिए खोला जा सकता है। हालांकि इसके लिए वैक्सीन की दो डोज जरूरी होगी। बताया जा रहा है कि सरकार नए साल में देश में अंतरराष्ट्रीय पर्यटन को खोलने की योजना बना रही है। सूत्रों के मुताबिक, इसे लेकर पर्यटन मंत्रालय ने ग्राउंड वर्क भी शुरू कर दिया है। नए साल में पर्यटन को खोलने के पीछे मंत्रालय की दलील है, कि दिसंबर तक बड़े पैमाने पर अपने यहां टीकाकरण का काम हो चुका होगा।इससे जहां पर्यटकों के भीतर संक्रमण को लेकर डर कम होगा, वहीं पर्यटन और टूरिज्म के क्षेत्र में काम कर रहे लोगों में भरोसा जागेगा।

पर्यटन से मजबूत होगी देश की इकोनॉमी

कोरोना की दस्तक से पहले वर्ष 2019 में देश में 3.14 करोड़ विदेशी पर्यटक आए थे। जनवरी 2020 से लेकर मई 2020 तक कैसे देश के पर्यटन पर प्रभाव पड़ा है उसे इन आंकड़ों से समझा जा सकता है।

पर्यटन को खोलने के पीछे एक बड़ी वजह इकॉनमी को मजबूती देने के साथ-साथ रोजगार के मौके भी मुहैया कराना है।एक आंकड़े के मुताबिक दस लाख रुपये की लागत टूरिज्म इंडस्ट्री में जहां 78 रोजगार के मौके मुहैया कराती है। मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में इसी लागत से 45 लोगों को रोजगार मिलता है गौरतलब है कि दुनिया में सबसे ज्यादा नौकरी देने वाले सेक्टर पर्यटन ही है. लेकिन, कोरोना महामारी के कारण इस सेक्टर पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ा है और लोग इसे छोड़ने को मजबूर हो गए हैं. अब मोदी सरकार की कोशिशों से ये इंडस्ट्री एक बार फिर से पटरी पर लौट रही है।

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